अभिषेक बनर्जी, प्रशांत किशोर जैसे बाहरी के आदेश कैसे स्वीकारेंगे दिग्गज नेता? सवाल पर TMC सांसद ने दिया ये जवाब

टीएमसी शांतनु सेन ने कहा "तीन तरह का आदमी पार्टी छोड़ता है। एक जिसको पता चल जाता है कि आने वाले चुनाव में टिकट नहीं मिलने वाला। दूसरा जिसको पता था या है कि टिकट मिलने के बाद भी नहीं जीत पाएंगे और तीसरा जो सोचता है कि ऐसे हालत में दवाब बनाकर कुछ मिल जाये।"

Author Edited By सिद्धार्थ राय नई दिल्ली | Updated: December 18, 2020 8:38 PM
TV debate, TMC, Bengal electionएंकर अंजाना ओम कश्यप ने टीएमसी सांसद से कुछ सवाल किए।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस की परेशानी बढ़ती जा रही है। टीएमसी में एक के बाद एक नेता पार्टी छोड़ रहे हैं। बैरकपुर से विधायक शीलभद्र दत्ता ने पार्टी से अलग होने का ऐलान किया है। इसको लेकर न्यूज़ चैनल ‘आजतक’ के ‘हल्ला बोल’ कार्यक्रम में बहस चल रही थी। इस दौरान एंकर अंजाना ओम कश्यप ने टीएमसी सांसद से इसको लेकर कुछ सवाल किए।

अंजाना ने कहा “शीलभद्र ने खुलकर कहा है कि अभिषेक बनर्जी और प्रशांत किशोर जैसे बाहरी के आदेश कैसे स्वीकारेंगे।” अंजाना ने कहा कि प्रशांत के लिए शीलभद्र न कहा कि कोई बाहरी आकार दिग्गज नेताओं को आदेश देगा वो इसे कैसे स्वीकारेंगे?” इसपर टीएमसी शांतनु सेन ने कहा “तीन तरह का आदमी पार्टी छोड़ता है। एक जिसको पता चल जाता है कि आने वाले चुनाव में टिकट नहीं मिलने वाला। दूसरा जिसको पता था या है कि टिकट मिलने के बाद भी नहीं जीत पाएंगे और तीसरा जो सोचता है कि ऐसे हालत में दवाब बनाकर कुछ मिल जाये।”

टीएम सांसद ने आगे कहा “बीजेपी पार्टी का हथियार ही यही है तुम जेल में रहो या बीजेपी में आ जाओ। सबसे दुख की बात यह है कि अभी साढ़े चार साल हो गया है। इस पार्टी के सारे फायदे लेते हुए और अब विचारधारा बोल कर पार्टी बादल ली। आप कपड़े बादल सकते है विचारधारा नहीं। बीजेपी वॉशिंगमशीन है। सारा गंदा कपड़ा वही डाल दो साफ हो जाएगा, क्लीनचिट हो जाएगा।”

बता दें पार्टी में अल्पसंख्यक इकाई के महासचिव कबीरुल इस्लाम ने भी इस्तीफा दे दिया। इसी बीच, सूत्रों के हवाले से कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि पार्टी ने एक सांसद समेत करीब 60 अन्य नेता भी नाखुश चल रहे हैं और उनके भी दल छोड़ने की अटकल हैं। हालांकि, इस बारे में फिलहाल आधिकारिक पुष्टि नहीं है। ऐसे में बंगाल में टीएमसी का किला दरकने के कयास लगाए जा रहे हैं। वह भी तब, जब शुभेंदु सरीखे नेता बगावत पर आए। वह ममता के बेहद करीबी माने जाते थे। यह भी कहा जा रहा है कि वह भाजपा ज्वॉइन कर सकते हैं। हालांकि, भाजपा काफी पहले से यह कहती रही है कि टीएमसी में ममता के काम और कार्यशैली से उनके नेता असंतुष्ट हैं। वे कभी भी उन्हें टाटा कह सकते हैं। और, अब ठीक वैसा ही हुआ। ऊपर से भाजपा ने दल-बदल का खुला ऑफर भी दिया। बीजेपी के कई सीनियर नेताओं ने कहा, “वे आना चाहेंगे, तो हम खुशी से उनका (अधिकारी) स्वागत करेंगे।”

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