इंटरव्यू में बोले डॉ. हर्षवर्धन- कभी नहीं उतारा मास्क, घर में भी नहीं; पर ये तस्वीरें कुछ और ही बोल रहीं

दिलचस्प बात ये है कि केंद्रीय मंत्री के इस दावे के उलट सच्चाई कुछ और ही है। ऐसे कई मौके रहे हैं जब डॉ हर्षवर्धन सरकारी कार्यक्रमों समेत बिना मास्क के नजर आए।

Dr Harshwardhan, Mask, Coronavirusकेंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ.हर्षवर्धन ने हिंदी समाचार चैनल ‘Aaj Tak’ को दिए इंटरव्यू में दावा किया कि उन्होंने डेढ़ साल में एक बार भी मास्क नहीं उतारा। कई बीते कुछ वक्त में सामने आई उनकी कई तस्वीरों में कहानी कुछ और ही नजर आती है। (फाइल फोटोः एक्सप्रेस आर्काइव/FB- drharshvardhanofficial)

देश में कोरोना की दूसरी लहर के बीच मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग जहां संक्रमण काबू करने में अहम योगदान निभा रहे हैं। वहीं, असंख्य लोग ऐसे भी हैं, जो इन्हें धता बताते हुए गंभीरता से नहीं ले रहे। यही वजह है कि आम से लेकर खास तक कोरोना संबंधी जरूरी बर्ताव और प्रोटोकॉल का सही से पालन नहीं कर रहे। हालांकि, केंद्र का दावा है कि जरूरी एसओपी और नियम लागू कराए जा रहे हैं।

इसी बीच, शनिवार को हिंदी समाचार चैनल Aaj Tak को दिए इंटरव्यू में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ.हर्षवर्धन ने खुद मास्क पहनने को लेकर बड़ा दावा किया। कहा, “कोरोना नियंत्रण के लिए कोविड अनुरूप व्यवहार बहुत ज़रूरी है। मैंने पिछले डेढ़ साल में कभी भी अपना मास्क नहीं उतारा है। घर के अंदर भी मैंने हमेशा मास्क पहने रखा।” उनके मुताबिक, “कोरोना नियंत्रण के लिए कोविड अनुरूप व्यवहार बहुत ज़रूरी है। मैंने पिछले डेढ़ साल में कभी भी अपना मास्क नहीं उतारा है। घर के अंदर भी मैंने हमेशा मास्क पहने रखा।”

हालांकि, केंद्रीय मंत्री के इस दावे के उलट सच्चाई कुछ और ही है। पूर्व में ऐसे कई मौके रहे, जब वह बगैर मास्क के नजर आए थे, जिनके फोटो खुद उनके फेसबुक अकाउंट पर भी उपलब्ध हैं।

चार मार्च 2020 को नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हर्षवर्धन इस अंदाज में नजर आए थे। उनके आसपास कहीं मास्क नहीं नजर आया। 

यह तस्वीर जनवरी, 2021 के एक कार्यक्रम की है। हर्षवर्धन के साथ इसमें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और उनकी पत्नी व अन्य कुछ लोगों ने मास्क नहीं पहन रखा था। पर वहां सुरक्षा व्यवस्था में लगे कुछ अधिकारी और कर्मचारी फेस कवर में नजर आए थे।

फोटो दो मार्च 2021 का है। हर्षवर्धन इस दौरान कोरोना टीके की पहली खुराक लेने अस्पताल गए थे। उन्होंने वहां मास्क तो पहना था, पर फोटो देखकर समझा जा सकता है कि कुछ लोगों की गुजारिश पर उन्होंने कुछ देर के लिए मास्क उतार दिया था।

31 मार्च, 2021 का टीके की दूसरी खुराक लेने वह 31 मार्च, 2021 को गए थे। अस्पताल में तब भी वह कुछ क्षणों के लिए बगैर मास्क के नजर आए थे। हालांकि, उस दौरान मास्क हाथ में था और सामने फोन पर कोई उनकी तस्वीर क्लिक कर रहा था।

मास्क पहनने के दावे पर लोगों ने हर्षवर्धन को सोशल मीडिया पर घेरा!: हर्षवर्धन के इस दावे को लेकर सोशल मीडिया यूजर्स ने भी खूब मजे लिए। ओमी (@prakash86325081) ने लिखा, “काश इनके जितनी समझ हमारे प्रधानमंत्री, गृहमंत्री को होती। हमारे अरोग्यमंत्री जितनी सद्बुद्धि भगवान इन्हें भी दे। ताकि वे भी मास्क लगाएं।” राधेश्याम उपाध्याय (@RadheshyamUpa19) ने लिखा, “अगर भारत में इस बार लॉकडाउन लगे तो दूरदर्शन पर रामायण महाभारत दिखाने की बजाय नरेंद्र मोदी और रामदेव बाबा के 2014 में दिए गए भाषण जरूर दिखाएं।” पर्व सिंघल(@himtradingco) ने मजे लेते हुए लिखा,’खाना खाते हुए भी नहीं उतारा क्या कभी ? Brush करते हुए भी नहीं उतारा क्या कभी ?’ अंकुश जिंदल (@caankush1516), ने लिखा, अमित शाह की रैली में कोरोना नहीं है क्या?

टीके पर भी केंद्र का बड़ा दावा, पर हकीकत कुछ और हीः  इतना ही नहीं, सरकार ने टीके पर भी बड़ा दावा किया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में बंगाल दौरे पर पीसी में बताया था कि वैक्सीन की कोई कमी नहीं है। जहां जितनी जरूरत है, वहां उतना टीका मुहैया कराया जा रहा है। शाह की यह टिप्पणी उस पर सवाल पर आई थी, जिसमें एक पत्रकार ने उनसे वैक्सीन की कमी की बात पर सवाल किया था। पर जमीनी हकीकत कुछ और है। कुछ राज्यों में स्टॉक दो-तीन दिन से लेकर हफ्ते भर का स्टॉक बचा है, तो कई जगह टीकाकरण केंद्र पर इस टोटे के कारण लोगों को निराश लौटा दिया गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिलहाल 10 सूबे कोरोना टीके की किल्लत का सामना कर रहे हैं। इनमें महाराष्ट्र, पंजाब (10 अप्रैल तक पांच दिन का स्टॉक बचा था), राजस्थान, छत्तीसगढ़, दिल्ली, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, झारखंड, उत्तराखंड और असम हैं। बता दें कि देश में 24 घंटे में कोरोना के डेढ़ लाख से अधिक केस आए। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से रविवार सुबह नौ बजे बताया गया, “1,52,879 नए मामले आने के बाद कुल पॉजिटिव मामलों की संख्या 1,33,58,805 हो गई है। इस बीच 839 नई मौतों के बाद कुल मौतों की संख्या 1,69,275 हो गई है। देश में एक्टिव मामलों की कुल संख्या 11,08,087 है और डिस्चार्ज हुए मामलों की कुल संख्या 1,20,81,443 है।”

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