मुख्तार अब्बास नकवी से राम मंदिर पर सवाल, बोले- जो एक ईंट नहीं लगा सके, बिछा रहे 10 हजार रोड़े

कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नकवी दावा करने लगे कि उनके मंत्रालय के लिए आवंटित किए गए बजट से 95 फीसदी या 99 फीसदी उन्होंने खर्च किया है।

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केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी। (एक्सप्रेस फोटो)।

‘आज तक’ के ‘सीधी बात’ कार्यक्रम में एंकर प्रभु चावला ने केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी से राम मंदिर जमीन विवाद को लेकर पूछा कि उत्तर प्रदेश में लाखों की जमीन करोड़ों में बेच दी गई आप क्या कहेंगे? इस पर नकवी ने जवाब देते हुए कहा कि आज राम मंदिर के रास्ते में हजारों रोड़े अटकाने का काम वह लोग कर रहे हैं जिन्होंने मंदिर निर्माण के लिए एक ईंट तक का भी योगदान नहीं किया।

एंकर ने मंत्री से सवाल किया कि मोदी सरकार सशक्तिकरण की बात करती है लेकिन उन्होंने अल्पसंख्यक मंत्रालय का बजट कम करने का काम किया और जो बजट है अभी वह भी सही से खर्च नहीं हो पाया। इसका जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि किसने कहा कि मोदी सरकार में बजट कम हुआ है अगर आप देखेंगे तो आपको समझ आएगा कि कोई बजट कम नहीं हुआ है। मोदी सरकार सशक्तिकरण में रुपए की कोई कमी नहीं रख रही है।

कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नकवी दावा करने लगे कि उनके मंत्रालय के लिए आवंटित किए गए बजट से 95 फीसदी या 99 फीसदी उन्होंने खर्च किया है। केंद्रीय मंत्री नकवी ने बताया कि मोदी सरकार आने के बाद ही शिल्पकार, दस्तकार और कारीगर के हुनर को पहचानने के लिए हुनर हाट की शुरुआत की गई। मंत्री ने कहा, ‘हमारी सरकार आने के बाद से स्कॉलरशिप के जरिए स्कूल ड्रॉपआउट की समस्या को कम किया गया।’


मंत्री नकवी ने कहा कि संकट पैदा करने वालों का कद कितना ही बड़ा क्यों ना हुआ हो वह धूल में मिल जाएंगे। मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि देश में धर्मांतरण को लेकर कानून बनना चाहिए बहुत सारे लोग हैं जो बड़े स्तर पर इस तरह से धर्मांतरण का धंधा चला रहे हैं। उन पर रोक लगनी चाहिए।

नकवी ने मोदी सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि यह सरकार प्रदर्शन भी अच्छा कर रही है और सुधार भी कर रही है। एंकर ने पूछा कि मोदी सरकार में चाहे संसद में हो या सरकार में बीजेपी की ओर से अल्पसंख्यकों का प्रतिनिधित्व नहीं दिखता है? इसका मुख्तार अब्बास नकवी घुमा फिरा कर जवाब देने लगे।

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