सरकार ने बहुत कुछ किया तो किसान नाराज क्यों, एंकर ने पूछा; BJP प्रवक्ता बोले- प्रदर्शन करने वालों में ‘किसानियत’ कहां?

राकेश टिकैत ने कहा, “आज संयुक्त किसान मोर्चा ने जो फैसले लिए हैं उसके तहत हमें पूरे देश में बड़ी-बड़ी सभाएं करनी पड़ेंगी।”

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मुजफ्फरनगर में आयोजित किसान महापंचायत में पहुंचे किसान। (फोटो-पीटीआई)।

आज तक पर डिबेट के दौरान एंकर सईद अंसारी ने बीजेपी प्रवक्ता आरपी सिंह से पूछा कि आपकी सरकार ने किसानों के लिए अगर इतना कुछ किया है तो किसान आखिर नाराज क्यों हैं? जवाब देते हुए बीजेपी प्रवक्ता कहने लगे, ‘मैं भी दिन भर किसान पंचायत के भाषण सुन रहा था। लेकिन मुझे न भाषणों में और न ही किसान नेताओं में किसानियत नजर आई।’

गौरतलब है कि अगले साल की शुरुआत में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले केंद्र सरकार के तीन नये कृषि कानूनों के खिलाफ अपने इरादे को बुलंद करते हुए भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने रविवार को दावा किया कि ‘सेल फार इंडिया’ का बोर्ड देश में लग चुका है और जो देश बेच रहे हैं उनकी पहचान करनी पड़ेगी और बड़े-बड़े आंदोलन चलाने पड़ेंगे।

मुजफ्फरनगर के राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान में रविवार को संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से आयोजित किसान महापंचायत को संबोधित करते हुए राकेश टिकैत ने कहा, “आज संयुक्त किसान मोर्चा ने जो फैसले लिए हैं उसके तहत हमें पूरे देश में बड़ी-बड़ी सभाएं करनी पड़ेंगी। अब यह मिशन केवल उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड का मिशन नहीं, अब यह मिशन संयुक्त मोर्चे का देश बचाने का मिशन होगा। यह देश बचेगा तो यह संविधान बचेगा। लड़ाई उस मुकाम पर आ गई है और जो बेरोजगार हुए हैं यह लड़ाई उनके कंधों पर हैं।”

उन्होंने कहा, “हमें फसलों पर एमएसपी की गारंटी चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा था कि 2022 में किसानों की आय दोगुनी होगी और पहली जनवरी से हम दोगुनी रेट पर फसल बेचेंगे। हम जाएंगे देश की जनता के बीच में और पूरे देश में संयुक्त किसान मोर्चा आंदोलन करेगा।”

टिकैत ने कहा, “जिस तरह एक-एक चीज बेची जा रही है, तीनों कृषि कानून उसी का एक हिस्सा हैं।” उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर देश की जनता को धोखा देने का आरोप लगाते हुए कहा, “इनका धोखा नंबर एक है कि यहां पर रेल, हवाई जहाज और हवाई अड्डे बेचे जाएंगे। धोखा नंबर दो- बिजली बेचकर निजीकरण करेंगे, यह कहीं घोषणा पत्र में नहीं लिखा। जब वोट मांगते तो नहीं कहा कि बिजली भी बेचेंगे।”

उन्होंने आरोप लगाया, “ये सड़क बेचेंगे और पूरी सड़कों पर टैक्स लगेगा और राष्ट्रीय राजमार्ग के पांच सौ मीटर तक कोई चाय की गुमटी भी नहीं लगा सकता। देखना ये क्‍या क्‍या चीज बेच रहे हैं। सेल फार इंडिया का बोर्ड देश में लग चुका है। यह एलआईसी, बड़ी कंपनी, बैंक सब बिक रहे हैं। देश के बंदरगाह बेच दिये गये हैं। ये जल को बेच रहे हैं, निजी कंपनियों को नदियां बेची जा रही हैं। ये कभी भी बोर्ड लगा सकते है कि भारत बिकाऊ है।”

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