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डिबेट में बोले चिकित्सक- नया वेरिएंट बेहद खतरनाक, 4 लाख तक पहुंचेगा आंकड़ा, सरकार की कोताही पड़ रही भारी

आज भारत में कोरोना के 3.14 लाख नए मामले दर्ज किए गए। इस बीच 2,104 लोगों ने अपनी जान गंवाई।

coronavirus, covidयात्रियों का कोरोना टेस्ट करती एक स्वास्थ्यकर्मी। (पीटीआई)।

आज तक पर डिबेट के दौरान एंकर ने मैक्स अस्पताल के डॉ मनोज कुमार से पूछा कि क्या भारत में कोरोना का पीक आना बाकी है? अगर बाकी है तो क्या स्थिति रहने वाली है? डॉक्टर ने कहा कि देश में इस समय जो भयावह स्थिति है इसको लोगों को समझना चाहिए। हमारे स्वास्थ्य कर्मियों ने बहुत मेहनत की है और वे आज भी लगे रहे हैं। ये साफ है कि हमने कई चीजों को लेकर तैयारी नहीं की। हमें पता था कि मरीजों के लिए ऑक्सीजन की जरूरत पड़ेगी। मरीजों के फेफड़ों पर असर पड़ेगा। हम ऑक्सीजन उपलब्ध करा सकते थे लेकिन करा नहीं सके।

डॉक्टर ने कहा कि आने वाले 10 दिनों में पीक आ जाएगा। कई लोग बिना टेस्ट कराए घरों में मर रहे हैं। मुमकिन है कि कोरोना के आंकड़े चार लाख हो जाएं। बता दें कि देश में कोविड महमारी की अभूतपूर्व स्थिति के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को कई बैठकें करेंगे। इन बैठकों में से एक में उन राज्यों के सीएम भी शामिल होंगे जो कि कोरोनो वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, पीएम सुबह 9 बजे आंतरिक बैठक में कोविड-19 से संबंधित स्थिति की समीक्षा करेंगे और उसके बाद सीएम के साथ एक घंटे बाद वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक करेंगे।


दोपहर 12:30 बजे, वह देश के अग्रणी ऑक्सीजन निर्माताओं के साथ बैठक करेंगे। इससे पहले आज पीएम ने पूरे भारत में ऑक्सीजन की आपूर्ति और उपलब्धता पर एक उच्च-स्तरीय बैठक की और ऑक्सीजन मुहैया कराने के नए तरीकों का उपयोग करने का आह्वान किया।

बता दें कि आज भारत में कोरोना के 3.14 लाख नए मामले दर्ज किए गए। इस बीच 2,104 लोगों ने अपनी जान गंवाई। यह मामलों में सबसे तेज वृद्धि है। देश को हालिया वक्त में में ऑक्सीजन, अस्पताल के बेड की कमी और कोविड के उपचार में इस्तेमाल होने वाली एंटी-वायरल दवा रेमेडिसविर के साथ सबसे खराब स्वास्थ्य चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, भारत के कुल मामले अब 1 करोड़ 59 लाख हो गए हैं, जो दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है। जबकि मौतों का आंकड़ा 1,84,657 हो गया है। 15 अप्रैल से हर रोज 2 लाख से अधिक संक्रमण दर्ज किए जा रहे हैं। दूसरी लहर अभी चरम पर है।

अगर पिछले साल से अब तक का हिसाब लगाया जाए तो पिछले साल 14 मार्च से अब तक लगभग हर दिन औसतन 450 से ज्यादा मौतें कोरोना के चलते हुई हैं।

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