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एंकर के सवाल पर बोले अतुल अंजान-बोफोर्स पर जेपीसी बन सकती है तो राफेल पर क्यों नहीं

भारत के साथ 59,000 करोड़ रुपये के राफेल विमान सौदे में कथित भ्रष्टाचार के मामले में फ्रांस के एक न्यायाधीश को ‘बहुत संवेदशील’ न्यायिक जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

दस्तावेज बताते हैं कि बिचौलिओं को मिले करोड़ों रुपए- कांग्रेस (फाइल फोटो- PTI)

आज तक पर डिबेट के दौरान एंकर चित्रा त्रिपाठी ने पैनलिस्ट अतुल अंजान से कहा कि जब राफेल को लेकर सुप्रीम कोर्ट मोदी सरकार को क्लीन चिट दे चुका है तो आप लोग फ्रांस में चल रही जांच के आधार पर क्यों जांच की मांग कर रहे हैं, क्या आपको सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा नहीं है? अतुल अंजान कहने लगे कि जेपीसी जांच से क्यों घबराना? अंजान कहने लगे कि मोदी सरकार अनिल अंबानी को आखिर फ्रांस क्यों लेकर गई थी। एक दिवालिया आदमी को कॉन्ट्रैक्ट क्यों दिलाना चाहती थी। नेता ने कहा कि अगर बोफोर्स को लेकर जेपीसी बन सकती है तो राफेल को लेकर क्यों नहीं?

गौरतलब है कि भारत के साथ 59,000 करोड़ रुपये के राफेल विमान सौदे में कथित भ्रष्टाचार के मामले में फ्रांस के एक न्यायाधीश को ‘बहुत संवेदशील’ न्यायिक जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। फ्रांस की समाचार वेबसाइट ‘मीडिया पार्ट’ की रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है। मालूम हो कि कांग्रेस ने फ्रांस में राफेल विमान सौदे में कथित भ्रष्टाचार की न्यायिक जांच आरंभ होने के दावे वाली रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सामने आना चाहिए और संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच का आदेश देना चाहिए। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यह दावा भी किया कि नए खुलासे से कांग्रेस और उसके पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की यह बात सच साबित हुई कि इस लड़ाकू विमान सौदे में ‘घोटाला’ हुआ है।


दूसरी तरफ, भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि राहुल गांधी को प्रतिस्पर्धी रक्षा कंपनियां ‘‘मोहरा’’ बना रही हैं और साथ ही दावा किया कि देश को ‘‘कमजोर’’ करने के प्रयास के तहत वह और कांग्रेस पार्टी राफेल विमान सौदे में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते रहे हैं।

उन्होंने दावा किया, ‘‘फ्रांस में इस मामले की जो जांच शुरू हुई है उसके तहत फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांसवा ओलांद और मौजूदा राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों की भी जांच होगी। राफेल निर्माता कंपनी दसॉं की साझेदार भारतीय कंपनी रिलायंस की कंपनी भी जांच के घेरे में है।’’

सुरजेवाला ने कहा, ‘‘अब भ्रष्टाचार सामने है, घोटाला सामने है। क्या प्रधानमंत्री जी सामने आकर राफेल घोटाले की जांच कराएंगे?’’ एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह भाजपा बनाम कांग्रेस का नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है तथा ऐसे में प्रधानमंत्री को जेपीसी जांच करानी चाहिए।

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