संबित की बातों पर बोले एंकर- भविष्य छोड़ आज की बात करें, लोग मर रहे चीत्कार कर रहे, क्या आपको नहीं दिखता

संबित पात्रा ने कहा कि कोरोना की पहली लहर आने के बाद राज्य सरकारें केंद्र सरकार को यह रिपोर्ट भेजने में विफल रहीं कि इसकी दूसरी लहर भी आ सकती है। इसमें भाजपा शासित राज्य भी शामिल हैं।

Coronavirus, COVID-19, National Newsनई दिल्ली में LNJP Hospital के पास रविवार को एक शहनाई बैंक्वेट हॉल को कोरोना मरीजों के लिए आइसोलेशल केंद्र के रूप में तब्दील कर दिया गया। (फोटोः पीटीआई)

देश में कोरोना का कोहराम जारी है। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए दिल्ली में लॉक डाउन लगा दिया गया है, लेकिन अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी हो रही है, जिससे मरीजों की जान जा रही है। आखिर किसकी गलती का खामियाजा मरीज भुगत रहे हैं। इसको लेकर आज तक चैनल पर डिबेट में एंकर सईद अंसारी ने पैनलिस्ट से कई सवाल पूछे।

उन्होंने भाजपा के प्रवक्ता संबित पात्रा से पूछा कि क्या हम राजनीति न करते हुए देश के लिए एक होकर सब लोग मिलजुलकर कोरोना संकट से निपटने के लिए काम नहीं कर सकते हैं। इस पर संबित पात्रा ने कहा कि आप सही कह रहे हैं कि आज के दिन हम लोग बिना राजनीति किए हुए किसी पार्टी का प्रवक्ता न होकर हिंदुस्तान के नागरिक के रूप में बात करते हैं। लेकिन ये जो फेक न्यूज फैलाया जा रहा है कि केंद्र सरकार भाजपा शासित राज्यों की ही मदद करती है, यह न फैलाया जाए। इससे अफवाह फैलती है। केंद्र सरकार के बारे में अफवाह फैलाकर समाधान नहीं किया जा सकता है।

एंकर सईद अंसारी ने कहा कि संबित जी आपने आज की स्थिति के बारे में कुछ नहीं कहा। आप भविष्य छोड़ आज की बात करें, लोग मर रहे चीत्कार कर रहे, क्या आपको नहीं दिखता है। इस पर संबित पात्रा ने कहा कि कोरोना की पहली लहर आने के बाद राज्य सरकारें केंद्र सरकार को यह रिपोर्ट भेजने में विफल रहीं कि इसकी दूसरी लहर भी आ सकती है। इसमें भाजपा शासित राज्य भी शामिल हैं।

एंकर सईद अंसारी ने कहा कि आपने स्वीकार किया कि चूक हुई है। यह अच्छी बात है। उन्होंने कांग्रेस प्रवक्ता अजय कुमार से इस बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि जिम्मेदारी सबको लेनी है, लेकिन सरकार जो चीजें मौजूद हैं और जिनका उपयोग करके संकट को टाला जा सकता है, उस पर बात ही नहीं करती है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली में एम्स में कई कमरे खाली हैं, उनका उपयोग करके बेड बढ़ाए जा सकते हैं, इससे पास के शहरों के मरीजों को तत्काल राहत दी जा सकती है। हरियाणा, यूपी, एनसीआर के शहरों का फायदा हो सकता है. लेकिन सरकार उस ओर सोचती ही नहीं है।

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