बीजेपी के दावे पर बोले रेडिक्स के सीएमडी- जो मर रहा उसे मतलब नहीं कि कौन दे रहा ऑक्सीजन

मेदांता हास्पिटल के एमडी और चेयरमैन डॉ. नरेश त्रेहान ने कहा कि इस भयंकर बीमारी से मिलकर लड़ना होगा। लोगों को समझना होगा कि यह वायरस पहले वाला नहीं है, यह उससे ज्यादा खतरनाक है। जरा सी लापरवाही भयंकर नुकसान पहुंचाएगी।

Aaj Tak Debate, Covid-19मेदांता हास्पिटल के चेयरमैन और एमडी डॉ. नरेश त्रेहान। (फोटो- इंडियन एक्सप्रेस)

देश में महामारी से भारी इस पर सियासत हो गई है। महामारी के निदान के लिए कुछ करने के बजाए हर पार्टी और उसके नेता दूसरी पार्टी और उनके नेताओं पर ठीकरा फोड़ने में लगे हैं। इसको लेकर आजतक न्यूज चैनल पर एंकर अंजना ओमकश्यप ने सवाल पूछा तो बीजेपी के संबित पात्रा ने कहा कि सवाल सही है लेकिन इस पर तूतू-मैंमैं करके निदान नहीं खोजा जा सकता है।

रेडिक्स के सीएमडी डॉ. रवि मलिक ने कहा कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से मरीज को क्या मतलब है। जो मर रहा उसे मतलब नहीं कि कौन ऑक्सीजन दे रहा है। सरकार अगर ऑक्सीजन उपलब्ध कराती भी है तो उसके साथ वेंटिलेटर भी उपलब्ध कराए। उसके साथ दूसरी जरूरी चीजें भी उपलब्ध होनी चाहिए। खाली आश्वासन और बातों से कुछ नहीं होने वाला है। इसको लेकर सबको मिलकर आगे आना होगा। काम करना होगा। पीछे जो गलतियां हुईं उसको सोचने से क्या फायदा होगा। अब हम क्या कर सकते हैं, इस पर सोचना होगा।

मेदांता हास्पिटल के एमडी और चेयरमैन डॉ. नरेश त्रेहान ने कहा कि पीएम के साथ मीटिंग में सभी डॉक्टरों ने उनको जो दिक्कतें हैं, उनको बताई। पीएम ने मीटिंग में सकारात्मक कदम उठाने की बात कही, लेकिन मैं कहूंगा कि इस भयंकर बीमारी से मिलकर लड़ना होगा। लोगों को समझना होगा कि यह वायरस पहले वाला नहीं है, यह उससे ज्यादा खतरनाक है। जरा सी लापरवाही भयंकर नुकसान पहुंचाएगी।

उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन लाइफ लाइन है। हिंदुस्तान में ऑक्सीजन का प्रोडक्शन है। इसका सबसे ज्यादा उपयोग स्टील प्लांट वाले करते हैं। अब इसको कैसे बचाना है और अस्पतालों में पहुंचाना है, इसके लिए केंद्र सरकार ने टास्क फोर्स बनाई है। इसको सभी राज्यों में बनाया गया है।

चैनल के हल्ला बोल कार्यक्रम में उस सियासत के खिलाफ चर्चा हुई जो कोरोना को लेकर देशभर में फैली हुई है। जिस रफ्तार से कोरोना पैर पसार रहा है, राजनीति भी उसी रफ्तार से तेज होती जा रही है। अस्पतालों का हाल बेहाल है। ऑक्सीजन से लेकर बेड तक के इंतजाम नाकाफी हैं। लेकिन आरोप प्रत्यारोप का खेल जारी है। केंद्र सरकार और राज्य सरकार के बीच खीचतान जारी है। और बीमार इलाज के लिए तरस रहे हैं। श्मसानों में भीड़ बढ़ रही है। चारो तरफ हाहाकार मचा हुआ है।

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