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जोश में संबित पात्रा डिबेट में कर गए गलतियां, दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि को बताया जयंती; देखें मौलवियों की सैलरी पर क्या कहा

चुनाव परिणाम आने के बाद प्रचार के दौरान चर्चा के केंद्र में रहे मुद्दों, आप को किन मुद्दों जीत और बीजेपी को हार मिली इसपर मंथन हो रहा है। न्यूज के लाइव डिबेट शो 'हल्ला बोल' में जब इसपर चर्चा की गई तो बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा लगातार दो गलतियां कर बैठें।

Sambit Patra, BJP, News in Hindi,बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा। (फोटो-फाइल फोटो)

दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे मगंलावर (11 फरवरी) को घोषित कर दिए गए। चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) ने 62 सीटों पर जीत हासिल की है। भाजपा करीब दो दशकों बाद राष्ट्रीय राजधानी में सत्ता में वापसी की उम्मीद कर रही थी, हालांकि आप ने 70 सदस्यों वाली विधानसभा में पार्टी को आठ सीटों तक सीमित कर दिया।

वहीं भाजपा के खराब प्रदर्शन के मद्देनजर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने पद छोड़ने की पेशकश की है और न ही उन्हें पद से इस्तीफा देने के लिए कहा गया है। हालांकि, सूत्रों ने दावा किया कि तिवारी ने पार्टी के एक शीर्ष पदाधिकारी से संपर्क किया। चुनाव परिणाम आने के बाद प्रचार के दौरान चर्चा के केंद्र में रहे मुद्दों, आप को किन मुद्दों जीत और बीजेपी को हार मिली इसपर मंथन हो रहा है। प्रचार के दौरान हनुमान, शाहीन बाग पर जमकर चर्चा हुई थी। सीएम अरविंद केजरीवाल ने टीवी चैनल के कार्यक्रम में हनुमान चालीसा गाकर सुनाई थी और वह मंदिर भी गए थे।

आज तक न्यूज के लाइव डिबेट शो ‘हल्ला बोल’ में जब इसपर चर्चा की गई तो बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा लगातार दो गलतियां कर बैठें। डिबेट के दौरान वह चुनाव में बहस का विषय बने मुद्दों पर अपनी बात रख रहे थे लेकिन जोश-जोश में वह लोगों को गलत जानकारी देने लगे। दरअसल ऑडियंस में शामिल एक शख्स ने पूछा कि चुनाव में स्थानीय मुद्दों पर बात क्यों नहीं की गई? जबकि अन्य बेवजह के मुद्दो पर जमकर बात हुई।’

इस सवाल पात्रा ने कहा ‘हनुमान की अराधना करना और मंदिर जाना अच्छी बात है मैं तो कहता हूं सभी राजनीतिक दलों को ऐसा करना चाहिए। अगर ऐसा होता है तो हम (बीजेपी) तो वैसे ही जीत जाएंगे। यह धर्म का कितना बढ़ा प्रचार होगा। देखिए भले ही हम चुनाव हारे हों, हम अनेकों चुनाव हारे थे। कल (मंगलवार) को दीन दयाल उपाध्याय की जयंती थी। जब लखनऊ में दीन दयाल जी की हत्या हुई थी तो पार्टी के पास एक भी सीट नहीं थी। हमने वहां से यहां तक का सफर तय किया है। हम पिछली बार भी बुरी तरह हारे थे लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हम गलत के साथ खड़े हो जाए।’

वहीं डिबेट के दौरान ऑडियंस में शामिल एक महिला ने दिल्ली सरकार के मौलवियों की सैलरी को 18 हजार रुपये करने के फैसले पर सवाल किया। उन्होंने पूछा कि दिल्ली सरकार के मंत्री जाते तो मंदिर है लेकिन सैलरी मौलवियों की बढ़ा देते हैं उन्हें पंडितों को भी सैलरी देनी चाहिए।’ इस पर पैनल में शामिल आप के प्रवक्ता कहते हैं ‘यह वक्फ बोर्ड का पैसा है इसलिए इसका इस्तेमाल कहीं और नहीं किया जा सकता लेकिन इन ठेकेदारों (बीजेपी) से पूछे लीजिए कि वे ऐसा क्यों नहीं करते हैं?’

इस पर पात्रा कहते हैं ‘यह वक्फ बोर्ड का पैसा नहीं बल्कि सरकार अपनी तरफ से सैलरी दे रही है। इस बात को स्पष्ट जान लीजिए।’ इस पर आप प्रवक्ता कहते हैं कि पात्रा जी आपके पास गलत जानकारी है।

इस डिबेट में पात्रा ने दीन दयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि को जयंती कह दिया वहीं सैलरी पर भी गलत जानकारी दी। दिल्ली सरकार की तरफ से मौलवियों को कोई सैलरी नहीं दी जाती बल्कि वक्फ बोर्ड की तरफ से दी जाती है। करीब 300 मस्जिदों के इमामों को सैलरी दी जाती है।

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