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गौरव भाटिया ने कहा- राहुल गांधी नहीं आते इसलिए नहीं हो रहा संसद सत्र, डिबेट में कांग्रेस प्रवक्ता ने दिया जवाब

गौरव भाटिया ने कहा कि भगवान न करे ऐसा कोई दिन आए जिस दिन राहुल गांधी संसद को चलाएं। बच्चे के ऊपर घनी मूंछे लगा देने से वो परिपक्व नहीं हो जाता। गांधी का सरनेम लगाने से कोई महात्मा गांधी नहीं हो जाता है।

गौरव भाटिया ने की जोरदार बहस

आज तक पर डिबेट के दौरान बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कांग्रेस पर हमलावर होते हुए कहा कि राहुल गांधी नहीं आते इसलिए संसद सत्र नहीं बुलाया जा रहा है। भाटिया ने कहा कि राहुल पिछले सत्र में जब कृषि कानून बन रहा था तब भी सदन से नदारद थे। बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि संसद के पिछले सत्र में सबसे ज्यादा काम हुआ है। लोकसभा में जहां 145 प्रतिशत तो वहीं राज्यसभा में 98 फीसदी काम हुआ। मैंने साथी पैनलिस्ट को अनुच्छेद 85 बताया है। पिछले सत्र में जब कृषि कानून लाए गए थे तब भी राहुल गांधी नदारद थे।

भाटिया ने कांग्रेस प्रवक्ता पर डिबेट में झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि मीटिंग का शेड्यूल देखा जा सकता है कोई भी मीटिंग लगातर नहीं थी। राहुल गांधी मीटिंग के लिए देर से आए। बिना जानकारी के वे बीच में ही बोलने लगे। स्थायी समिति में कोई अनुशासन होना चाहिए कि नहीं।

इस पर एंकर ने टोका कि राहुल गांधी की अटेंडेंस और उनके व्यवहार से देश नहीं चल सकता। सरकार को सदन में चर्चा करने से क्या गुरेज है? इस पर गौरव भाटिया ने कहा कि भगवान न करे ऐसा कोई दिन आए जिस दिन राहुल गांधी संसद को चलाएं। बच्चे के ऊपर घनी मूंछे लगा देने से वो परिपक्व नहीं हो जाता। गांधी का सरनेम लगाने से कोई महात्मा गांधी नहीं हो जाता है।

भाटिया ने कहा कि हमारी सरकरा ने OROP लाने का काम किया। सीडीएस पद हमने बनाया। सेना को बुलेट प्रूफ जैकेट देने के नाम पर कांग्रेस वीवीआईपी चॉपर खरीद रही थी। भाटिया ने कहा कि हो सकता है केजरीवाल ड्रग्स का सेवन करते हों। अफीम चरस गांजे के बारे में उन्हें ज्यादा पता हो। दिल्ली सरकार ने खुद कृषि कानून को लागू किया है।

जवाब में कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि किसने स्थायी समिति को ये काम दिया है जो काम सेना करती है। सेना अपनी पंरपरा से वर्दी का चयन करती है। सेना की वर्दी सेना तय करती है नेता तय नहीं कर सकते हैं। केंद्र न तो किसान को जवाब दे पा रहा है और न ही जवान को। किसान आंदोलन कर रहे हैं, लद्दाख मे गतिरोध बना हुआ है। बीजेपी के लोग कफन खसोट लोग हैं। ये सेना की वर्दी की बात न करें।

AAP के राघव चड्ढा ने डिबटे में कहा कि हम छाती ठोक कर कहते हैं कि हम इन तीनों कृषि कानून का विरोध करते हैं। सीएम केजरीवाल ने साफ कर दिया कि हमारी पार्टी तीनों कानूनों का विरोध करती है।

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