संसद का मानसून सत्र खत्म हो गया है। इसको लेकर केंद्रीय संसदीय मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। रिजिजू ने कहा, “मानसून सत्र आज समाप्त हो गया। हम इसे दो दृष्टिकोणों से देखते हैं। कार्यसूची के लिहाज से यह एक बेहद सफल सत्र रहा, हमने कुल 12 विधेयक पारित किए। हालांकि, बहस और चर्चा के लिहाज से यह उतना सफल नहीं रहा। लोकसभा में आवंटित कुल समय के मुकाबले उत्पादकता केवल 19% रही। राज्यसभा में उत्पादकता 39% रही, विपक्षी दलों ने हंगामा किया और कई बार सदन से वॉकआउट भी किया, लेकिन एनडीए के बहुमत वाले दलों और कुछ विपक्षी दलों के सांसदों ने बहस और चर्चा में भाग लिया।” उन्होंने आगे कहा, “केवल एक विधेयक पर लोकसभा में पूरी चर्चा हुई।
झारखंड में छात्रों का प्रदर्शन जारी: झारखंड भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का विरोध प्रदर्शन गुरुवार को 20वें दिन भी जारी है। वहीं,प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगें पूरी होने तक आंदोलन वापस लेने से इनकार कर दिया है। ‘जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच’ के बैनर तले अभ्यर्थी जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में प्रदर्शन कर रहे हैं।
इसी बीच, झारखंड लोकतांत्रिक क्रांति मोर्चा ने रांची के सिविल सर्जन को पत्र लिखकर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम स्थित विरोध स्थल पर लौटने की अनुमति मांगी है। महतो का फिलहाल रांची के सदर अस्पताल में इलाज चल रहा है। झारखंड विधानसभा तक आंदोलनकारी छात्रों के मार्च में भाग लेने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें सोमवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रांची के सिविल सर्जन को लिखे पत्र में महतो ने कहा कि अपने अधिकारों के लिए आंदोलन कर रहे हजारों छात्र इस लड़ाई में उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन केवल एक आंदोलन नहीं बल्कि एक जिम्मेदारी और उनके लिए आशा का स्रोत भी है।
कर्नाटक बंद आज: कावेरी जल-बंटवारे विवाद पर कर्नाटक के कई संगठनों ने आज बंद बुलाया है। इस बीच, कर्नाटक में स्कूल, बैंक, अस्पताल, फार्मेसियां, सार्वजनिक परिवहन सामान्य रूप से काम करेंगे। इस बीच, पुलिस ने तमिलनाडु को कावेरी जल आवंटन पर कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण के आदेश के विरोध में 13 अगस्त, 2026 को बुलाए गए कर्नाटक बंद से पहले शांति और सहयोग की अपील की है।
संसद के मानसून सत्र, झारखंड के छात्रों के प्रदर्शन और कर्नाटक बंद समेत सभी बड़े अपडेट्स के लिए जुड़े रहिये जनसत्ता डॉट कॉम के साथ...
सुखबीर सिंह बादल पर हमला
गुरुवार को महाराष्ट्र के नांदेड़ साहिब गुरुद्वारे में शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल पर निहंगों के एक समूह ने कथित तौर पर हमला किया। लोकसभा सांसद हरसिमरत कौर बादल भी उस समय वहीं मौजूद थीं।
हनुमान मंदिर पहुंचे सपा नेता
समाजवादी पार्टी के नेता हाल ही में समाप्त हुए मानसून सत्र के दौरान संसद परिसर में हुए विरोध प्रदर्शन में एकत्रित धन को दान करने के लिए कनॉट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर पहुंचे। समाजवादी पार्टी के नेता अक्षय यादव ने कहा, "हमने विपक्षी सांसदों और मीडिया के कुछ सदस्यों द्वारा एकत्रित दान राशि को बजरंगबली के चरणों में अर्पित किया और हमें दान की रसीद भी प्राप्त हुई। हम अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में लोगों के बीच जागरूकता फैलाते रहेंगे। जब तक (अयोध्या राम मंदिर दान चोरी मामले में) दोषियों को सजा नहीं मिल जाती, हम लोगों के बीच जाकर इस मुद्दे को उठाते रहेंगे।"
ओम बिड़ला ने मोसेस वेटंगुला ईजीएच के नेतृत्व में केन्या के संसदीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने राष्ट्रीय सभा के अध्यक्ष माननीय (डॉ.) मोसेस वेटंगुला ईजीएच के नेतृत्व में केन्या के संसदीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की।
औसत समय तीन मिनट था- मनोज झा
आरजेडी सांसद मनोज झा ने कहा, "आपको (सरकार को) एक विधेयक पारित करने में कितना समय लगा? औसत समय तीन मिनट था। क्या जनता यह नहीं देख रही है? क्या जनता कील लगे डंडों या पेलेट गनों का इस्तेमाल नहीं देख रही है? आप जनता को क्या समझते हैं? जनता न तो मंदबुद्धि है और न ही मूर्ख। वे आपके कामकाज के तरीके को देख रहे हैं और वे सही समय पर आपको उचित जवाब देंगे, या शायद सही समय का निर्धारण स्वयं करके ही जवाब देंगे।"
स्लिप रोड पुलों का सीएम रेखा गुप्ता ने किया उद्घाटन
स्लिप रोड पुलों के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, “यहां के लोग भाग्यशाली हैं कि उनके सांसद केंद्रीय मंत्री होने के साथ-साथ भाजपा के अध्यक्ष भी हैं, इसलिए उन सभी सुविधाओं का लाभ सीधे आपके लोकसभा क्षेत्र को मिलता है। दिल्ली के अन्य हिस्सों में जो परियोजनाएं एक दिन देरी से पहुंचती हैं, वे यहां थोड़ी जल्दी पहुंच जाती हैं। इसीलिए मैं प्रमुख परियोजनाओं पर नजर रख रहा था और माननीय सांसद से इस बारे में चर्चा कर रहा था। मैंने बताया कि बारापुल्ला का काम भी लगभग पूरा होने वाला है। आपके नाले और स्लिप रोड का काम भी पूरा हो चुका है। हाल ही में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की भी चर्चा हुई थी, जो तैयार है और इसका उद्घाटन जल्द ही होने वाला है।”
सत्र का न चलना निराशाजनक है- चंद्रशेखर
लोकसभा के अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने और मानसून सत्र के रद्द होने पर, आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने कहा, "यह बेहद दुखद है। लगभग 12-15 मुद्दे थे, जो स्थानीय निर्वाचन क्षेत्र से लेकर राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक के थे, जिन पर हमें सरकार से जवाब मांगना था। सत्र का न चलना निराशाजनक है, लेकिन हम उन मुद्दों को सड़कों पर उठाने की कोशिश करेंगे जिन पर हम यहां चर्चा नहीं कर सके।"
अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर बोला हमला
अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि चढ़ावा-चंदा-दान चोर कहां मिलेंगे? ‘बीजेपी के दफ़्तर’ में! चोरी का हिसाब कहां मिलेगा? अनरजिस्टर्ड के रजिस्टर में!
वे बस हर विधेयक का विरोध करना चाहते हैं- बीजेपी सांसद के लक्ष्मण
बीजेपी सांसद के लक्ष्मण ने कहा, "राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी की तीन बार हार के बावजूद, उनके सोचने के तरीके में कोई बदलाव नहीं आया है। वहीं, प्रधानमंत्री मोदी और सरकार पिछले 12 वर्षों से लगातार विकास की ओर अग्रसर हैं, फिर भी विपक्ष देश की प्रगति को बर्दाश्त नहीं कर पा रहा है। सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार थी, लेकिन उसने कार्यवाही को बाधित करना चुना; पूरा देश इस बात से अवगत है। देश इस सदन में चर्चा चाहता था। राष्ट्रीय हित में कई विधेयक पारित किए गए, फिर भी उन्होंने भाग लेने से इनकार कर दिया। वे बस हर विधेयक का विरोध करना चाहते हैं। उनका ध्यान महिला विधेयक को पेश होने से रोकने की साजिश रचने पर केंद्रित था।"
राहुल गांधी झारखंड में समर्थन देकर नौकरियां बेच रहे हैं- आदित्य साहू
झारखंड भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा, "झारखंड सरकार कांग्रेस के समर्थन से चल रही है। छात्र पिछले 20 दिनों से वहां विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। अगर राहुल गांधी में हिम्मत है, तो उन्हें झारखंड जाकर छात्रों से बात करनी चाहिए। सिर्फ ट्वीट करना और बयान देना काफी नहीं है। राहुल गांधी झारखंड में समर्थन देकर नौकरियां बेच रहे हैं। अगर राहुल गांधी में हिम्मत है, तो उन्हें मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरना देना चाहिए, विरोध प्रदर्शन करना चाहिए और सरकार को चेतावनी देनी चाहिए। छात्रों की मांग के अनुसार उन्हें सीबीआई जांच करानी चाहिए। अगर सरकार ऐसा नहीं करती है, तो उन्हें सरकार से अपना समर्थन वापस ले लेना चाहिए और छात्रों के साथ विरोध प्रदर्शन करना चाहिए..."
दोनों स्थितियों में बहुत बड़ा अंतर है- विजय कुमार हंसदक
झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी उम्मीदवारों के विरोध प्रदर्शन और दिल्ली के छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर, जेएमएम सांसद विजय कुमार हंसदक ने कहा, "दोनों स्थितियों में बहुत बड़ा अंतर है। वे इसे समझ ही नहीं पाएंगे, आखिर, जो लोग गोलियां चलाते हैं, कील लगे पत्थरों या लाठियों का इस्तेमाल हथियार के रूप में करते हैं और प्रतिबंधित क्षेत्रों में वाहनों में पत्थर भरते हैं, ऐसे लोग कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आवाज दबाने के बीच का अंतर नहीं समझ पाते। दोनों पक्षों के बीच बातचीत के संबंध में, सरकार ने हमेशा बातचीत के लिए दरवाजे खुले रखे हैं, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन व्यवस्था को बाधित किए बिना आगे बढ़े। हालांकि, उस दिन की घटनाएँ सभी को ज्ञात हैं।"
यह चोरों को ढूंढने वाले डाकुओं का मामला है- साक्षी महाराज
राम मंदिर के चंदे में कथित गबन के मामले में भाजपा सांसद साक्षी महाराज ने कहा, "यह चोरों को ढूंढने वाले डाकुओं का मामला है। कांग्रेस और सपा को अयोध्या का नाम तक नहीं लेना चाहिए, क्योंकि वे भगवान राम के विरोधी दल हैं। मंदिर हमारा है और हमने ही चंदा दिया है। फिर भी, वे इस तरह के निराधार आरोप लगाकर, पूरे सत्र को ठप्प करके लोकतंत्र की हत्या कर रहे हैं। हमने इससे बुरा विपक्ष कभी नहीं देखा। उत्तर प्रदेश में इस मुद्दे का कोई महत्व नहीं है।"
ये लोग विपक्ष बनकर चर्चा से भागते हैं- किरेन रिजिजू
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, "लोकसभा में 11 विधेयक बिना चर्चा के पारित हो गए, जबकि एक पर चर्चा हुई। राज्यसभा में विधेयक पर पूरी चर्चा हुई। केवल मुख्य विपक्षी दल, कांग्रेस पार्टी और कुछ अन्य सदस्य ही सदन से बाहर चले गए, जबकि अन्य विपक्षी दलों ने भाग लिया।" उन्होंने आगे कहा, "हंगामा करते हुए चर्चा कीजिए। विपक्ष संवाद में शामिल होता था, जबकि ये लोग विपक्ष बनकर चर्चा से भागते हैं।"
मानसून सत्र आज समाप्त हो गया- किरेन रिजिजू
रिजिजू ने कहा, "मानसून सत्र आज समाप्त हो गया। हम इसे दो दृष्टिकोणों से देखते हैं। कार्यसूची के लिहाज से यह एक बेहद सफल सत्र रहा, हमने कुल 12 विधेयक पारित किए। हालांकि, बहस और चर्चा के लिहाज से यह उतना सफल नहीं रहा। लोकसभा में आवंटित कुल समय के मुकाबले उत्पादकता केवल 19% रही। राज्यसभा में उत्पादकता 39% रही, विपक्षी दलों ने हंगामा किया और कई बार सदन से वॉकआउट भी किया, लेकिन एनडीए के बहुमत वाले दलों और कुछ विपक्षी दलों के सांसदों ने बहस और चर्चा में भाग लिया।" उन्होंने आगे कहा, "केवल एक विधेयक पर लोकसभा में पूरी चर्चा हुई।
एक विधेयक को छोड़कर सदन का कामकाज ठप्प रहा- कार्ति चिदंबरम
कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा, "यह सत्र बेहद निराशाजनक रहा। एक विधेयक को छोड़कर सदन का कामकाज ठप्प रहा। किसी भी विधेयक पर चर्चा नहीं हुई। सभी विधेयक बिना चर्चा के पारित कर दिए गए। यह बेहद निराशाजनक सत्र है। सरकार के पास बहुमत है। उसकी मनमानी चलती रहेगी। उन्हें विपक्ष को अपनी चिंता के मुद्दे उठाने की छूट देनी चाहिए। वे विपक्ष को दबा नहीं सकते, उस पर पाबंदी नहीं लगा सकते और यह तय नहीं कर सकते कि विपक्ष किन मुद्दों को उठा सकता है और किन मुद्दों को नहीं। विपक्ष को अपनी बात रखने का मौका मिलना चाहिए। और जहां तक गृह मंत्री के सत्र के अंतिम दिन से एक दिन पहले आकर बयान देने की बात है, यह पहले भी किया जा सकता था।"
देश के गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखा- बीजेपी सांसद
बीजेपी सांसद मयंक नायक ने कहा, "कल देश के गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखा। उन्होंने मीडिया में सार्वजनिक रूप से कहा कि वे चर्चा के लिए तैयार हैं। हालांकि, जो लोग चर्चा नहीं करना चाहते और जिनका संसद के अंदर और बाहर का व्यवहार देश को गुमराह करने का है, वे वास्तव में इस विषय पर बहस नहीं चाहते, वे केवल राजनीति खेलना चाहते हैं। देश की जनता इसे देख रही है। आने वाले दिनों में जनता इस मामले को गंभीरता से लेगी और भाजपा और एनडीए सरकार पर उनका अटूट विश्वास बरकरार रहेगा। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में यह सरकार हर मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तैयार है।"
पीएम मोदी को माफी मांगनी चाहिए- प्रियंका गांधी
हल्द्वानी (उत्तराखंड) के रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा संबोधित रैली के बाद आयोजित 'शुद्धिकरण' हवन पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, "यह मानसिकता स्पष्ट रूप से भाजपा और आरएसएस की विचारधाराओं को दर्शाती है। इसकी निंदा की जानी चाहिए। प्रधानमंत्री को इसकी निंदा करनी चाहिए और माफी मांगनी चाहिए।"
वे लोकतंत्र और संविधान के मूल्यों को नष्ट कर रहे हैं- कांग्रेस सांसद
कांग्रेस सांसद मल्लु रवि ने कहा, "इस सत्र के पहले दिन प्रधानमंत्री और गृह मंत्री आए और वंदे मातरम गाकर सदन से चले गए। आज फिर वे सदन में आए, वंदे मातरम गाया और सदन फिर स्थगित हो गया। इन 18-17 दिनों में गृह मंत्री सदन में क्यों नहीं आए? विपक्ष की ओर से लगातार यह मांग उठ रही थी कि गृह मंत्री आकर बयान दें। आज भी वे सिर्फ सदन स्थगित करने के लिए ही आए। सदन में आने से पहले अध्यक्ष, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने इस पर सहमति जताई थी। क्या यह लोकतंत्र है? सांसदों को भारत के लोकतंत्र का संरक्षक माना जाता है। लेकिन वे लोकतंत्र के संरक्षक नहीं हैं। वे लोकतंत्र और संविधान के मूल्यों को नष्ट कर रहे हैं।"
देश कांग्रेस और विपक्षी दलों के इस आचरण को माफ नहीं करेगा- बीजेपी सांसद
बीजेपी सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने कहा, "कांग्रेस, विपक्षी दलों और विशेष रूप से विपक्ष के नेता (एलओपी) की भूमिका ने देश को शर्मिंदा किया है। संसद सबसे पवित्र मंदिर है; यह संवाद और कानून निर्माण का प्राथमिक मंच है। फिर भी, कांग्रेस चर्चा से कतराती रही और मुद्दों से बचती रही। देश देख रहा है और उन्हें इसके लिए जवाबदेह ठहराएगा। हालांकि महत्वपूर्ण विधेयक अंततः जल्दबाजी में पारित किए गए, लेकिन उचित चर्चा कहीं बेहतर होती। मेरा मानना है कि देश कांग्रेस और विपक्षी दलों के इस आचरण को माफ नहीं करेगा।"
सदन का कामकाज प्रभावित नहीं हुआ- डिंपल यादव
समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव कहती हैं, "नहीं, सदन का कामकाज प्रभावित नहीं हुआ है। इस तथ्य को लेकर हम बिल्कुल स्पष्ट हैं। सत्र व्यर्थ नहीं गया है। छात्रों के व्यापक विरोध प्रदर्शन को देखिए। जब 20 जुलाई को हजारों-लाखों युवा सड़कों पर उतरे, तो इस सरकार ने उन बच्चों पर जिस तरह की क्रूरता बरती, वह चौंकाने वाली थी। वे भले ही हमारे या उनके बच्चे न रहे हों, लेकिन सोशल मीडिया के माध्यम से देश ने जो पीड़ा देखी, वह अपार थी। और जिस तरह से सरकार ने सोशल मीडिया पर पूरा एल्गोरिदम बदल दिया है, और अब वे सभी रीलें गायब हो रही हैं, उससे पता चलता है कि कहीं न कहीं सरकार नहीं चाहती कि लोग याद रखें कि 20 जुलाई को इतना बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ था, जब सभी युवा एक साथ आए थे और सभी विपक्षी दलों ने उनका समर्थन किया था। कहीं न कहीं, इस मुद्दे पर सरकार खुद को कटघरे में खड़ा पाती है।"
मैं विपक्ष का प्रतिनिधि हूं- खड़गे
राज्यसभा में विपक्ष के प्रतिनिधि और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, "मैं हल्द्वानी में था, जहां मैंने रामलीला मैदान में एक जन भाषण दिया। लाखों लोग वहां मौजूद थे। उस समय मैंने किसी भी समुदाय या धर्म का नाम नहीं लिया; मैंने केवल सरकार के मुद्दों को दोहराया। लेकिन मेरे भाषण के बाद, भाजपा के लोगों ने उस मंच को 'शुद्ध' करने के लिए वहां हवन किया। क्या लोकतंत्र में यही तरीका है? आप संविधान की रक्षा कैसे कर रहे हैं? मैं विपक्ष का प्रतिनिधि हूं।"
'उल्टा चोर कोतवाल को डांटे- कीर्ति आजाद
संसद की कार्यवाही पर टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद कहते हैं, “सत्ताधारी पार्टी की स्थिति वही है: 'उल्टा चोर कोतवाल को डांटे'। ये किरेन रिजिजू हैं। मुझे समझ नहीं आता कि वो सांसद कैसे बने या संसदीय कार्य मंत्री कैसे बन गए। संसदीय कार्य मंत्री को सेतु की तरह काम करना चाहिए। उन्हें सत्ताधारी पार्टी और विपक्ष को जोड़ने, सबसे बात करने और सदन के सुचारू रूप से चलने को सुनिश्चित करने के लिए कड़ी का काम करना चाहिए। लेकिन वो लगातार बकवास करते रहते हैं और विपक्ष को गाली देते रहते हैं। वे अमित शाह को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। क्योंकि अगर पेलेट गन चलाई गई हैं और उनके पास इसकी जानकारी है, तो उन्होंने गंभीर अपराध किया है और उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।”
विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दे नहीं हैं- कंगना रनौत
विपक्ष के विरोध पर भाजपा सांसद कंगना रनौत ने कहा, "यह बेहद आपत्तिजनक है। इन्होंने यहां का माहौल पूरी तरह बिगाड़ दिया है। स्थिति दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है। एक तरफ राहुल गांधी गृह मंत्रालय से सवाल पूछते हैं, वहीं दूसरी तरफ उनका कहना है कि वे गृह मंत्रालय को बोलने नहीं देंगे। यह कैसा व्यवहार है? वे चर्चा की मांग करते हैं, लेकिन जब उन्हें चर्चा का मौका दिया जाता है, तो वे कहते हैं कि उन्हें जवाब नहीं चाहिए। इससे पता चलता है कि उनके पास कोई ठोस मुद्दे नहीं हैं। विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दे नहीं हैं। विकास, राष्ट्रीय प्रगति, अर्थव्यवस्था या रक्षा से जुड़े मुद्दों के खत्म हो जाने पर वे यहां सिर्फ हंगामा कर रहे हैं।"
लोकसभा अनिश्चित काल के लिए स्थगति
स्पीकर ओम बिड़ला ने लोकसभा को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया है।
पूरा मानसून सत्र हंगामे की भेंट चढ़ गया।
आपने 19 दिन बर्बाद कर दिए - खड़गे
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर खड़गे ने कहा, "संसद 19 दिनों तक चली। आपके पास कम से कम 25-26 दिन थे, फिर भी आपने तब इसके बारे में नहीं सोचा। मैं स्थिति समझता हूं। यह बयान सिर्फ जनता को दिखाने और यह छवि पेश करने के लिए है कि 'मैं तैयार हूं'। आप कब तैयार होते हैं? तभी जब आपका एजेंडा पूरा हो जाता है और आपका काम खत्म हो जाता है। आप कभी तैयार नहीं होते।" मैंने पहले भी इस बारे में दूसरों से पूछा था। आपने 19 दिन बर्बाद कर दिए और अब आप समय बढ़ाने की गुहार लगा रहे हैं? यह शर्मनाक है।
छात्रों को बेरहमी से लाठियों से पीटा गया- मनीष तिवारी
सदन की कार्यवाही पर कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी का कहना है, “सरकार को यह प्रस्ताव 21 जुलाई को ही देना चाहिए था। यह सिर्फ दिखावा है। सरकार कभी भी चर्चा को लेकर गंभीर नहीं थी। 20 जुलाई को, जिस दिन संसद सत्र शुरू हुआ और छात्रों को बेरहमी से लाठियों से पीटा गया और पेलेट गन से उन पर अत्याचार किए गए, विपक्ष ने मांग की है और यह बिल्कुल सही है, कि सरकार को सदन में बयान देना चाहिए। अगर सरकार ने 21 या 22 जुलाई 2026 को सदन में बयान दिया होता, तो पूरा संसद सत्र बचाया जा सकता था। यह बेहद निराशाजनक है कि सरकार के हठधर्मी रवैये के कारण पूरा संसद सत्र बर्बाद हो गया।”
विपक्ष को समझाना और मनाना उनका काम - टीएमसी सांसद सौगत राय
टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा, "विपक्ष गृह मंत्री का भाषण सुनना नहीं चाहता, वे लंबा-चौड़ा भाषण नहीं सुनना चाहते। हम चाहते थे कि सरकार यह स्पष्ट करे कि पेलेट गन से फायरिंग का आदेश किसने दिया था, लेकिन यह स्पष्टीकरण नहीं दिया गया। वे बहुत प्रभावशाली व्यक्ति हैं, फिर भी सदन चलाने में विफल रहे; देखते हैं अब क्या होता है, पूरी सरकार जिम्मेदार है। सदन चलाना हमारी जिम्मेदारी नहीं है। यह उनकी जिम्मेदारी है। विपक्ष को समझाना और मनाना उनका काम है।"
विपक्ष सरकार की बात सुनना नहीं चाहता- बीजेपी सांसद
झारखंड में हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर भाजपा सांसद मनीष जायसवाल ने कहा, "सरकार भी इन्हें हटाने की उतनी ही कोशिश कर रही है। छात्रों की मांगें पूरी तरह जायज हैं। वे सीबीआई जांच, त्रुटिरहित जांच प्रक्रिया और इसमें शामिल 'बड़े लोगों' के खिलाफ कार्रवाई चाहते हैं। ये छात्रों की मांगें हैं और समाज के हर वर्ग के लोग इनका समर्थन करते हैं। भाजपा भी इनका समर्थन करती है।" उन्होंने आगे कहा, "हमें यह देखना होगा कि पिछले 18-19 दिनों से संसद में जो हंगामा हो रहा है, वह असल में किस बारे में है। उनकी मांग सिर्फ इतनी थी कि सरकार जवाब दे। सरकार जवाब देने के लिए तैयार है। लेकिन वे सरकार की बात सुनना नहीं चाहते। उनका इरादा सिर्फ हंगामा खड़ा करना है। उनका मकसद अराजकता फैलाना और खुद को असामाजिक विचारों और देश विरोधी ताकतों से जोड़ना है।"
केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर परिचालन सामान्य
कावेरी जल विवाद को लेकर राज्यव्यापी बंद के बावजूद बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर परिचालन सामान्य रहा। यात्रियों की आवाजाही और परिवहन सेवाएं, जिनमें ओला, उबर, एयरपोर्ट की टैक्सियां और केएसटीडीसी कैब शामिल हैं, बिना किसी रुकावट के जारी रहीं। एयरपोर्ट पर कड़ी सुरक्षा तैनात की गई थी और सीआईएसएफ एवं राज्य पुलिस के जवान निगरानी रख रहे थे।
पवन खेड़ा ने विपक्षी सांसदों के साथ किया प्रदर्शन
संसद परिसर में, कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों ने एक खिलौना बंदर के साथ विरोध प्रदर्शन किया और 56 इंच का छोटा बंदर, जल्दी आओ सदन के अंदर के नारे लगाए।
किसी भी हालत में तमिलनाडु को पानी नहीं छोड़ा जाना चाहिए- कन्नड़ नेता
कन्नड़ नेता लोकेश गौड़ा ने तमिलनाडु को कावेरी का पानी छोड़े जाने का विरोध करते हुए कहा, "किसी भी परिस्थिति में कावेरी का पानी तमिलनाडु को नहीं छोड़ा जाना चाहिए क्योंकि हमारे पास खुद पर्याप्त पानी नहीं है।"
