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नरेंद्र मोदी से छत्रपति शिवाजी की तुलना वाली किताब पर बवाल! BJP नेता के खिलाफ शिकायत, शिवसेना बोली- ये अपमान

इधर भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद छत्रपति संभाजी राजे ने इस किताब पर बैन लगाने का समर्थन किया है।

इस किताब को लेकर विवाद उठ गया है। फोटो सोर्स – ट्विटर, @rautsanjay61

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता जय भगवान गोयल ने एक किताब लिखी है और किताब का टाइटल है ‘आज के शिवाजी – नरेंद्र मोदी’…बीते रविवार को दिल्ली स्थित बीजेपी कार्यालय में यह किताब प्रकाशित की गई। किताब का अनावरण करते वक्त वहां दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष औऱ सांसद मनोज तिवारी, पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्याम जाजू और पूर्व सांसद महेश गिरी भी मौजूद थे।

लेकिन अब इस किताब के शीर्षक को लेकर विवाद हो गया है। कई लोगों का कहना है कि इस किताब के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना महान योद्धा छत्रपति शिवाजी महाराज से की गई है जो गलत है। इस किताब का विरोध करने वालों ने इसपर बैन लगाने की मांग की है। अब शिवसेना के नेता संजय राउत ने भी इस किताब का विरोध किया है। संजय राउत ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि गोयल इससे पहले दिल्ली में महाराष्ट्र सदन पर हमला कर चुके हैं और महाराष्ट्र तथा मराठी बोलने वाले लोगों को गालियां दे चुके हैं। शाबाशा (बहुत बढ़िया) बीजेपी’

संजय राउत ने महाराष्ट्र बीजेपी से इस पूरे मामले पर सफाई भी मांगी है। शिवसेना नेता ने लिखा कि ‘कम से कम महाराष्ट्र बीजेपी को इसपर अपना स्टैंड साफ करना चाहिए। छत्रपति शिवाजी की तुलना इस दुनिया में किसी से भी नहीं की जा सकती…सिर्फ एक सूरज है…एक ही चांद है और सिर्फ एक ही शिवाजी महाराज….छत्रपति शिवाजी महाराज।’

शिवाजी महाराज के वंशज उदयनराजे भोसले से भी संजय राउत ने पूछा कि अब वो इसपर क्या कहेंगे। दरअसल उदयनराजे सतारा से पूर्व सांसद हैं और छत्रपति शिवाजी महाराज के 13वीं पीढ़ी से ताल्लुक रखते हैं। भोसले पहले एनसीपी में थे लेकिन बाद में इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए थे। उन्होंने सतारा सीट से बीजेपी के टिकट पर लोकसभा उपचुनाव भी लड़ा था लेकिन हार गए थे।

इधर भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद छत्रपति संभाजी राजे ने इस किताब पर बैन लगाने का समर्थन किया है। छत्रपति संभाजी राजे भी शिवाजी के ही वंशज हैं। छत्रपति संभाजी राजे ने कहा कि ‘हम नरेंद्र मोदी का आदर करते हैं..जो दूसरी बार देश के प्रधानमंत्री चुने गए लेकिन नरेंद्र मोदी ही नहीं बल्कि किसी की भी तुलना छत्रपति शिवाजी महाराज से नहीं की जा सकती है।’ उन्होंने मांग की कि भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख अमित शाह को तुरंत इस किताब पर बैन लगाना चाहिए क्योंकि सोशल मीडिया पर भी लोग इस किताब को लेकर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं।

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