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हवाई टिकट की बुकिंग में आधार या पैन देने पर होगी सुरक्षा जांच में सहूलियत

हवाई अड्डे पर अगर गहन सुरक्षा जांच से बचना चाहते हैं तो टिकट बुक कराते समय आधार, पैन या पासपोर्ट संख्या जैसी डिजिटल पहचान जानकारियां साझा करनी होंगी।

Author नई दिल्ली | June 9, 2017 1:07 AM

हवाई अड्डे पर अगर गहन सुरक्षा जांच से बचना चाहते हैं तो टिकट बुक कराते समय आधार, पैन या पासपोर्ट संख्या जैसी डिजिटल पहचान जानकारियां साझा करनी होंगी। यद्यपि इसकी अनिवार्यता नहीं है पर यात्री अगर डिजिटल प्रणाली का उपयोग करते हैं तो उन्हें हवाईअड्डे की सुरक्षा जांच इत्यादि को पार करने में मात्र 10-15 मिनट का वक्त लगेगा जिसमें अभी 20-30 मिनट तक लगते हैं। ऐसा हवाईअड्डों पर यात्रा को कागज रहित और सुगम बनाने के लिए किया जाएगा। नागर विमानन राज्यमंत्री जयंत सिन्हा ने गुरुवार को यहां एक प्रेसवार्ता में कहा कि सरकार ने एक तकनीकी समिति गठित की है जो 30 दिन के भीतर एक श्वेत पत्र तैयार करेगी।

सिन्हा ने कहा कि विशिष्ट पहचान सुनिश्चित करने के लिए बहुत से रास्ते हैं। स्पष्ट तौर पर इसके लिए आधार संख्या के माध्यम से पहचान सबसे उचित तरीका है और अन्य तरीकों में पैन संख्या या पासपोर्ट संख्या शामिल हैं। इस विकल्प को अपनाने वाले यात्रियों को कागज रहित और बाधा रहित यात्रा अनुभव का ‘फायदा’ होगा। सिन्हा ने स्पष्ट करते हुए कहा कि विशिष्ट पहचान पुष्टि के साथ एक बार टिकट बुक करने वाले यात्रियों की डिजिटल जानकारी और पीएनआर उनके डिजिटल बोर्डिंग पास की तरह काम करेगी। उन्होंने कहा कि आधार के जरिए टिकट बुक कराने वालों को हवाईअड्डों पर सिर्फ आंखों या उंगली का स्कैन करना होगा और जो लोग आधार के अलावा अन्य वैकल्पिक दस्तावेज उपलब्ध कराएंगे, उन्हें उनके मोबाइल पर एक क्यूआर कोड भेजा जाएगा जो हवाईअड्डों पर स्कैन किया जाएगा। हालांकि यात्रियों के पास डिजिटल प्रणाली के अलावा भी बोर्डिंग पास एकत्रित करने का विकल्प खुला रहेगा लेकिन वे बाधा रहित यात्रा का लाभ उठाने से वंचित रह जाएंगे।

सिन्हा ने पत्रकारों से कहा कि यदि यात्री डिजिटल प्रणाली का इस्तेमाल करते हैं तो उन्हें हवाईअड्डे की सुरक्षा जांच इत्यादि को पार करने में मात्र 10-15 मिनट का वक्त लगेगा जिसमें अभी 20-30 मिनट तक लगते हैं। हमारा मानना है कि यह (डिजिटल प्रणाली) लोगोें के लिए फायदेमंद होगी। उन्होंने कहा कि यह एक ऐच्छिक पहल है ना कि अनिवार्य। यात्रियों के पास अभी भी बोर्डिंग पास के साथ यात्रा करने का विकल्प है जो उनकी इच्छा पर निर्भर करता है।
सिन्हा ने कहा कि नागर विमानन आवश्यकता (सीएआर) या नए नियम तैयार किए जाएंगे जिसमें विशिष्ट पहचान को टिकट बुकिंग के दौरान अनिवार्य आवश्यकता बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली उन अभद्र यात्रियों की प्रस्तावित सूची बनाने में भी मदद करेगा जिन पर उड़ान भरने से रोक लगाई जाएगी और यह उनको ट्रैक करने में मदद करेगा। तकनीकी समिति विभिन्न यात्रा पोर्टलों, हवाई अड्डों, विमानन कंपनियों, सुरक्षा एजेंसियों, पार्किंग इत्यादि के साथ डाटा साझा करने के बारे में भी सुझाव देगी। सिन्हा ने बताया कि डिजिटल माध्यम से यात्रा करवाना हवाईअड्डों के लिए अनिवार्य नहीं होगा।

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