A three-judge bench headed by the CJI Dipak Misra to hear Judge Loya death case on Monday - जजों का विद्रोह: अब खुद चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की बेंच करेगी जज लोया के मामले पर सुनवाई - Jansatta
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जजों का विद्रोह: अब खुद चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की बेंच करेगी जज लोया के मामले पर सुनवाई

सीबीआई जज लोया की रहस्यमई मौत के मामले की सुनवाई अब सोमवार (22 जनवरी) को जस्टिस दीपक मिश्रा की बेंच करेंगी। मामले की सुनवाई करने वाली बेंच में जस्टिस दीपक मिश्रा के अलावा जस्टिस एएम खानविलकर और डीवाई चंद्रचूड़ होंगे।

जस्टिस बीएच लोया की फाइल फोटो।

सीबीआई जज लोया की रहस्यमई मौत के मामले की सुनवाई अब सोमवार (22 जनवरी) को जस्टिस दीपक मिश्रा की बेंच करेंगी। मामले की सुनवाई करने वाली बेंच में जस्टिस दीपक मिश्रा के अलावा जस्टिस एएम खानविलकर और डीवाई चंद्रचूड़ होंगे। इस केस में दो याचिकाओं का पर सुनवाई होनी है। याचिकार्ताओं ने केस की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के चार जजों जस्टिस जे चेलामेश्वर, रंजन गोगोई, मदन बी लोकुर और कुरियन जोसफ ने सीजेआई दीपक मिश्रा पर अपनी पसंद के जजों को मनमाने तौर पर केस सौंपने का आरोप लगाया था। चारों जजों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सुप्रीम कोर्ट के कामकाज को लेकर सवाल उठाए थे। जजों द्वारा उठा गए मामलों मे जज लोया की मौत का मामला भी शामिल था। शीर्ष अदालत ने शुक्रवार (19 जनवरी) को रोस्टर के अनुसार जज लोया वाली दो याचिकाओं की सुनवाई करने के लिए कहा था।

इससे पहले मंगलवार (16 जनवरी) को जज लोया मौत मामले की सुनवाई दो जजों अरुण मिश्रा और मोहन एम शांतानागोदर की बेंच ने की थी, जिन्होंने बिना कोई आगे की तारीख दिए मामले की सुनवाई स्थगित कर दी थी। जजों के द्वारा लिखित आदेश में कहा गया था कि मामलों को उनकी उपर्युक्त बेंचों को सौंपा जाना चाहिए। इससे इस बात की आशंका हुई थी क्या जजों ने खुद मामलों से हाथ खींच लिए हैं।

जज लोया की मौत के मामले में महाराष्ट्र के पत्रकार बीआर लोन और समाजसेवी तहसीन पूनावाला ने याचिकाएं दायर की थीं। इसके बाद दो जजों की बेंच की अगुआई कर रहे जस्टिस अरुण मिश्रा ने महाराष्ट्र सरकार से जज लोया की मौत से जुड़े सभी दस्तावेज मुहैया कराने को कहा था। बता दें कि जस्टिस लोया बहुचर्चित सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले की सुनवाई कर रहे थे। इस केस में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह भी आरोपी थी, जिन्हें बाद में बरी कर दिया गया था। अभी इस मामले में 26 लोगों के खिलाफ मुकदमा चल रहा है। जस्टिस लोया की मौत 1 दिसंबर 2015 को नागपुर में हो गई थी। उनकी मौत को संदिग्ध माना गया था। वह अपने एक सहकर्मी की बेटी की शादी में शामिल होने के लिए गए थे।

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