Tamil Nadu News: तमिलनाडु की टीवीके सरकार ने मंगलवार को राज्य विधानसभा में राष्ट्रीय स्तर की मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट के खिलाफ एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पेश किया। डीएमके, एआईएडीएमके, वामपंथी दलों और पीएमके ने नीट विरोधी प्रस्ताव का समर्थन किया, लेकिन इकलौते बीजेपी विधायक ने सदन से वॉक आउट किया।
तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री और टीवीके नेता के. अरुणराज ने विधानसभा में नीट को खत्म करने की मांग वाला प्रस्ताव पेश किया। अरुणराज ने छात्रों की चिंताओं को रेखांकित करते हुए पेपर लीक, युवाओं की जिंदगियों का नुकसान, छात्रों के भरोसे के टूटने का हवाला दिया।
कोचिंग केंद्रों की संख्या में बढ़ोतरी हुई- अरुणराज
अरुणराज ने कहा, “नीट ने छात्रों का ध्यान स्कूली पाठ्यक्रम से हटाकर केवल कोचिंग पर केंद्रित कर दिया है।” उन्होंने आरोप लगाया कि इससे ज्यादा फीस वसूलने वाले कोचिंग केंद्रों की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली टीवीके पार्टी के वरिष्ठ नेता अरुणराज ने आगे तर्क दिया, “यह परीक्षा ग्रामीण और सामाजिक-आर्थिक रूप से पिछड़े छात्रों के लिए चिकित्सा शिक्षा के अवसरों को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाती है।”
अरुणराज ने कहा, “12 साल की स्कूली शिक्षा के बजाय एक दिन की नीट परीक्षा ही छात्रों की उच्च शिक्षा तय करती है।” उन्होंने कहा, “नीट सामाजिक न्याय, समानता और राज्य के अधिकारों के खिलाफ है।”
प्रस्ताव में कहा गया है कि तमिलनाडु विधानसभा ने सर्वसम्मति से 2021 का बिल नंबर 43 पारित किया था। इसमें अंडरग्रेजुएट मेडिकल कोर्स में दाखिले के लिए राज्य को नीट से छूट देने की मांग की गई थी। हालांकि, राष्ट्रपति की मंजूरी न मिलने के कारण वह विधेयक लंबित पड़ा है।
प्रस्ताव में परीक्षा प्रणाली में लगातार प्रश्नपत्र लीक होने और अनियमितताओं का भी जिक्र किया गया है। इसमें कहा गया है कि नीट-यूजी को रद्द करके दोबारा आयोजित किया गया, जिससे योग्य छात्रों को भारी परेशानी हुई और एजुकेशन सिस्टम में उनका भरोसा कम हुआ।
कांग्रेस विधायक ने प्रस्ताव पर क्या कहा?
नीट के खिलाफ तमिलनाडु विधानसभा के प्रस्ताव पर कांग्रेस विधायक थारहाई कुथबर्ट की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। उन्होंने कहा, “तमिलनाडु सरकार का रुख बिल्कुल स्पष्ट है कि वह इसका समर्थन नहीं करेगी क्योंकि जनता को पता है कि क्या हुआ है। यहां तक कि जब अंतरिम बजट पारित हुआ था, तब भी तमिलनाडु सरकार ने साफ तौर पर कहा था कि वह NEET का समर्थन नहीं करती और हमेशा छात्रों के पक्ष में खड़ी रहेगी।”
बता दें कि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय का नीट का विरोध, उनके पूर्ववर्ती और डीएमके अध्यक्ष एम.के. स्टालिन के लंबे समय से चले आ रहे रुख जैसा ही है। उन्होंने हमेशा इस परीक्षा को खत्म करने की मांग की है।
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तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने सोमवार को विधानसभा में एक सरकारी प्रस्ताव पेश किया। इसमें राज्य भर में आधिकारिक कार्यक्रमों की शुरुआत में राज्य गीत, तमिल थाई वजथु का गायन अनिवार्य कर दिया गया है। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…
