कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले की उस पेशकश पर प्रतिक्रिया दी है जिसमें उन्होंने डिपके को रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई-ए) में शामिल होने का न्योता दिया था। आरपीआई (ए) केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का हिस्सा है।

दीपके ने एक खबर साझा करते हुए अपने इंस्टाग्राम पर लिखा, ” पर अभी एक महीने पहले तो मैं तुम्हारे लिए एंटी-नेशनल था?”

दीपके को NDA में शामिल होने का मिला न्योता

आपको बता दें कि केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने सोमवार को कहा था कि अभिजीत दीपके को डॉ. भीमराव आंबेडकर के सपनों को पूरा करने और समाज के साथ-साथ रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई-ए) को मजबूत करने के लिए उनकी पार्टी में शामिल होने पर विचार करना चाहिए।

पत्रकारों से बातचीत में अठावले ने कहा, ”मुझे लगता है कि अभिजीत डिपके आंबेडकरवादी हैं। वह सक्रिय और युवा हैं। उन्हें रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (ए) में शामिल होने पर विचार करना चाहिए।”

उन्होंने आगे कहा, ”हमारी सरकार का मानना है कि जो लोग गलत करते हैं, उन्हें सजा मिलनी चाहिए। इसलिए उन्हें सत्तारूढ़ गठबंधन के साथ जुड़ना चाहिए।”

अठावले की यह टिप्पणी पिछले महीने जंतर-मंतर पर CJP और छात्रों के नेतृत्व में हुए प्रदर्शनों के संदर्भ में मानी जा रही है। इन प्रदर्शनों में परीक्षा पेपर लीक, छात्रों की आत्महत्या और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई गई थी।

इन आंदोलनों के लगातार दबाव के बाद 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई।

उस समय धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे के पीछे ‘राष्ट्रविरोधी ताकतों’ का हवाला दिया था। प्रधान ने X पर लिखा था, ”जंतर-मंतर और देशभर की स्थिति को देखते हुए, राष्ट्रविरोधी ताकतों को इसका फायदा उठाने से रोकने, राष्ट्रीय एकता बनाए रखने, किसी भी भारतीय छात्र का भविष्य कानूनी जटिलताओं में न फंसे और हमारे बच्चे अपनी पढ़ाई व करियर पर ध्यान दे सकें, इन उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए मैंने माननीय प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।”

दीपके का जवाब

अभिजीत दीपके की ‘एंटी-नेशनल’ वाली टिप्पणी ऐसे समय आई है जब उन्होंने छात्र आंदोलनों को लेकर बीजेपी नेताओं द्वारा इस्तेमाल की गई इस शब्दावली की आलोचना की थी।

7 अगस्त को दीपके ने RSS प्रमुख मोहन भागवत के उस बयान का समर्थन किया था जिसमें उन्होंने कहा था कि Gen Z को अपनी वास्तविक समस्याओं को लेकर विरोध-प्रदर्शन करने पर ‘राष्ट्रविरोधी’ (एंटी-नेशनल) नहीं कहा जाना चाहिए। दीपके ने भागवत से यह संदेश बीजेपी नेताओं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक भी पहुंचाने की अपील की थी।

दीपके ने समाचाार एजेंसी ANI से कहा था, ”कल मोहन भागवत ने सबसे महत्वपूर्ण बात यह कही कि Gen Z को एंटी-नेशनल नहीं कहा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विरोध-प्रदर्शन करना उनका अधिकार है और उनके मुद्दे वास्तविक हैं। मैं इससे पूरी तरह सहमत हूं।” उन्होंने आरोप लगाया था कि बीजेपी के नेता पहले छात्र प्रदर्शनकारियों के लिए बेहद कड़ी भाषा का इस्तेमाल करते रहे हैं।

दीपके ने कहा, ”बीजेपी के सदस्य ही छात्रों को एंटी-नेशनल कह रहे हैं। धर्मेंद्र प्रधान ने उन्हें ‘आतंकवादियों की बी-टीम’ कहा था और नितिन नवीन ने उन्हें ‘वायरस’ बताया था। मुझे उम्मीद है कि अब वे मोहन भागवत जी की बात सुनेंगे क्योंकि यह संभव नहीं है कि बीजेपी RSS के खिलाफ जाकर कुछ अलग कहे।”

फिर धरने पर बैठे अभिजीत दीपके

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके मंगलवार को महाराष्ट्र के हिंगोली में एक स्कूल के बाहर धरने पर बैठ गए। यह उनके संगठन के ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान का हिस्सा है। यहां मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि जिस स्कूल के बाहर वो धरने पर बैठे हैं, उसका प्रिंसिपल स्कूल में बच्चों के सामने शराब पीता है।