Tamil Nadu News: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने सभी विधायकों के लिए सरकारी गाड़ियों का ऐलान किया है, ताकि वे अपने चुनाव क्षेत्रों में काम कर सकें। उन्हें ऑफिस का काम करने के लिए हर महीने 75000 रुपये का गाड़ी का भत्ता और 25000 रुपये का सहायक भत्ता भी मिलेगा।

मुख्यमंत्री विजय ने विधानसभा में इस खर्च को सही ठहराते हुए कहा, “विधायकों को लोगों की समस्याओं को हल करने के लिए अक्सर अपने चुनाव क्षेत्रों का दौरा करना पड़ता है। सरकारी गाड़ी से पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त शासन सुनिश्चित होगा।”

अपनी जिम्मेदारियां निभाने के लिए कार की जरूरत- सीएम विजय

मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि मौजूदा विधानसभा में कई ऐसे विधायक हैं जो पहली बार चुने गए हैं और साधारण पृष्ठभूमि से आते हैं। विजय ने कहा कि जन-प्रतिनिधि के तौर पर अपनी जिम्मेदारियां निभाने के लिए उन्हें कार की जरूरत है। इसके अलावा, विधायकों को अब ऑफिस के काम के लिए सेक्रेटरी रखने के लिए 25000 रुपये का सरकारी अनुदान भी मिलेगा।

मुख्यमंत्री विजय ने यह भी कहा कि ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना’ के तहत सालाना कवरेज को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये किया जाएगा। मेडिकल सुविधा को मौलिक अधिकार मानते हुए उन्होंने कहा कि सरकार का मकसद नागरिकों की आय या जगह की परवाह किए बिना अच्छी स्वास्थ्य सेवा पाने में आने वाली रुकावटों को दूर करना है।

विधायकों ने किया फैसले का स्वागत

विधायकों ने मुख्यमंत्री की घोषणा का स्वागत किया। टीवीके विधायक सबरी अयंगरन ने विधायकों को कार देने के कदम का स्वागत करते हुए अपनी कहानी सुनाई। उन्होंने कहा, “मेरे पास न तो कार थी और न ही नौकरी। लेकिन हमारे नेता ने अब हमें नौकरियां और कारें दी हैं। मैं चेन्नई ट्रेन से ही आती हूं और जब मैं ऑटो से विधानसभा आती हूं, तो पुलिस को यकीन ही नहीं होता कि मैं विधायक हूं। मुझे अपना पहचान पत्र दिखाना पड़ता है।”

टीवीके की सहयोगी कांग्रेस विधायक थारगाई कुथबर्ट ने इस घोषणा का स्वागत करते हुए कहा कि इससे विधायकों को बहुत खुशी हुई है। उन्होंने आगे कहा कि विपक्षी विधायक भी इस फैसले का स्वागत करेंगे, हालांकि स्वाभाविक रूप से वे खुलकर ऐसा नहीं कहेंगे।

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तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने सोमवार को विधानसभा में माफी मांगी, जब एक मंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री एम करुणानिधि का जिक्र बिना किसी सम्मानजनक उपाधि के सीधे उनके नाम से किया। इस टिप्पणी पर विपक्षी पार्टी डीएमके ने तुरंत विरोध जताया और इसे मर्यादा का उल्लंघन बताया। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…