अक्सर अपने बेबाक बयानों के चलते सुर्खियों में रहने वाले केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने फिर ऐसा बयान दिया है जिसकी वजह से वह फिर चर्चाओं में हैं। नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अपने वोट प्रतिशत का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें शिक्षित आबादी वाले इलाकों से ज्यादा क्रिमिनल, अंडरवर्ल्ड और रेड लाइट एरिया जैसे इलाकों में वोट मिले हैं।
गडकरी ने अपने चुनाव का जिक्र करते हुए दावा किया कि उन्हें शहर के पढ़े-लिखे और बड़े इलाकों की तुलना में अंडरवर्ल्ड और रेड लाइट एरिया जैसे इलाकों से ज्यादा वोट मिले थे। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों को आमतौर पर राजनीतिक रूप से अलग नजरिए से देखा जाता है, वहां भी उन्हें लोगों का समर्थन मिला है।
क्या कहा गडकरी ने?
कार्यक्रम में नितिन गडकरी ने बताया कि नागपुर के बड़े और शिक्षित इलाकों में उन्हें कुल मतदान का करीब 70 से 75 फीसदी वोट मिला था। वहीं क्रिमिनल, अंडरवर्ल्ड और रेड लाइट एरिया के तौर पर पहचाने जाने वाले इलाकों में उन्हें करीब 92 फीसदी वोट मिले। हालांकि गडकरी ने यह साफ किया कि इसका यह मतलब नहीं है कि ऐसे लोगों से मेरा संपर्क है बल्कि उनके इलाकों में भी मैंने रोड बनवाए हैं।
पुराने डीजल वाहनों को लेकर दी अहम जानकारी
इसके अलावा नितिन गडकरी ने पुराने डीजल वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने को लेकर भी अहम जानकारी दी है। उन्होंने शनिवार को बताया कि पुराने डीजल वाहनों में कम कीमत वाली एक विशेष उत्सर्जन नियंत्रण डिवाइस लगाई जा सकेगी। केंद्र सरकार ने पुराने डीजल ट्रकों और बसों से निकलने वाले प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से रेट्रोफिट एमिशन कंट्रोल डिवाइस (RECD) को मंजूरी दी है।
सरकार के मुताबिक, इस तकनीक का इस्तेमाल पुराने डीजल वाहनों के उत्सर्जन को नियंत्रित करने के लिए किया जा सकता है। बताया गया है कि यह डिवाइस वाहनों से निकलने वाले पार्टिकुलेट मैटर (PM) उत्सर्जन में 90 फीसदी तक और नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOx) उत्सर्जन में 60 फीसदी तक कमी लाने में सक्षम है। इसका उद्देश्य पुराने डीजल वाहनों को पूरी तरह हटाए बिना उनके प्रदूषण स्तर को कम करना है।
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केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री और बीजेपी के दिग्गज नेता नितिन गडकरी ने हाल ही में अगली पीढ़ी को मौका दिए जाने के संबंध में एक बयान दिया था। इस टिप्पणी के चलते सवाल उठने लगे कि क्या वे सक्रिय राजनीति से दूरी बनाने वाले हैं? इस पर अब गडकरी के आधिकारिक दफ्तर की तरफ से स्पष्टीकरण आया है और बताया गया कि केंद्रीय मंत्री के बयान को गलत तरीके से समझा गया। यहां पढ़ें पूरी खबर…
