केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारी 8वें वेतन आयोग के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। 8वें वेतन आयोग के तहत केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी बढ़ेगी। केंद्र सरकार के अंतर्गत करीब 50 लाख से अधिक कर्मचारी हैं जबकि 65 लाख से अधिक पेंशनभोगी आते हैं। 8वें वेतन आयोग के फैसले के अनुसार ही इनकी सैलरी में वृद्धि होगी। ऐसे में एक और सवाल लोगों के मन में आता है कि क्या भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मंत्रियों की सैलरी भी 8वें वेतन आयोग के जरिए बढ़ेगी।

क्या है नियम?

जवाब है कि भारत में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मंत्रियों की सैलरी वेतन आयोग के जरिए नहीं बढ़ती है। वेतन आयोग के जरिए केवल केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की सैलरी में इजाफा होता है। राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मंत्रियों की सैलरी को बढ़ाने का फैसला भारत की संसद लेती है। यानी जब आठवां वेतन आयोग लागू होगा तब राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मंत्रियों की सैलरी नहीं बढ़ेगी।

भारत के संविधान के अनुच्छेद 75 के तहत संसद से कानून पारित कराकर ही प्रधानमंत्री और मंत्रियों की सैलरी बढ़ाई जा सकती है। प्रधानमंत्री और अन्य मंत्रियों के वेतन और भत्ते संसद द्वारा ‘मंत्रियों के वेतन और भत्ते अधिनियम, 1952’ के तहत तय किए जाते हैं। पिछली बार इसमें संशोधन 2018 में केंद्रीय बजट के दौरान किया गया था। उस दौरान ही प्रधानमंत्री और सांसदों की सैलरी में इजाफा हुआ था।

वेतनमानों के आधार पर तय की जाती है अधिकारियों की सैलरी

सरकारी अधिकारियों की सैलरी केंद्रीय वेतन आयोग द्वारा सुझाए गए तय वेतनमानों के आधार पर तय की जाती है। ये वेतन पद, रैंक, जिम्मेदारियों और सरकार के स्तर (केंद्र या राज्य) के आधार पर अलग-अलग होते हैं। नौकरी की सुरक्षा, तय वेतन ढांचा, भत्ते और पेंशन जैसे फायदों की वजह से भारत में सरकारी नौकरियों की बहुत मांग है।

पिछला वेतन आयोग यानी 7वें केंद्रीय वेतन आयोग (7th CPC) 2016 में लागू किया गया था। इसमें ‘पे मैट्रिक्स’ सिस्टम शुरू किया गया, जिसने पहले के ‘ग्रेड पे’ सिस्टम की जगह ले ली।

सैलरी इन चीज़ों के आधार पर तय होती है:

  • बेसिक पे (मूल वेतन)
  • पे मैट्रिक्स में पे लेवल
  • महंगाई भत्ता (DA)
  • घर का किराया भत्ता (HRA)
  • यात्रा भत्ता (TA)
  • पद के आधार पर अन्य विशेष भत्ते

राज्य सरकार के अधिकारी भी इसी तरह के ढांचे का पालन करते हैं, लेकिन उनके वेतनमान संबंधित राज्य वेतन आयोगों द्वारा तय किए जाते हैं।

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सरकारी कर्मचारियों की तरह अब केंद्रीय पेंशनर्स की नजर भी 8वें वेतन आयोग पर टिकी है। हालांकि इस बार चर्चा सिर्फ पेंशन बढ़ने तक सीमित नहीं है। देश के कई पेंशनर संगठन पेंशन तय करने के तरीके, उम्र के आधार पर अतिरिक्त राहत, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) जैसे मुद्दों को भी आयोग के सामने उठा रहे हैं। यहां पढ़ें पूरी खबर…