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दोहरे विस्फोट से 89 की मौत, झाबुआ के पेटलावद कस्बे में हुआ हादसा

मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले के पेटलावद कस्बे में शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे एक रेस्टोरेंट व उसके पास स्थित इमारत में हुए विस्फोट में कम से कम 89 लोगों की मौत हो गई और 100 से ज्यादा..

मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले के पेटलावद कस्बे में शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे एक रेस्टोरेंट व उसके पास स्थित इमारत में हुए विस्फोट में कम से कम 89 लोगों की मौत हो गई और 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए। (पीटीआई फोटो)

मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले के पेटलावद कस्बे में शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे एक रेस्टोरेंट व उसके पास स्थित इमारत में हुए विस्फोट में कम से कम 89 लोगों की मौत हो गई और 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए। पहला विस्फोट एक रेस्तरां में रसोई गैस के सिलेंडर में हुआ पर इसकी चपेट में बगल की ही एक इमारत भी आ गई जिसमें विस्फोटक जिलेटिन की छड़ें रखी हुई थी। इसकी वजह से दूसरा धमाका हुआ जो इतना जबरदस्त था कि आस पास की इमारतों के परखच्चे उड़ गए। पुलिस का कहना है कि मृतकों की तादाद और बढ़ सकती है। विकास खंड चिकित्सा अधिकारी उर्मिला चोयल ने बताया कि विस्फोट में 89 लोग मारे गए हैं।

शुरुआत में पुलिस को लगा कि विस्फोट सेठिया रेस्टोरेंट में रसोई गैस के सिलेंडर में हुआ है जिससे आस पास की इमारतें ध्वस्त हो गईं। पर बाद में पता चला कि तबाही की असली वजह बगल की इमारत में हुआ विस्फोट था जिसका इस्तेमाल जिलेटिन की छड़ें रखने के लिए किया जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धमाका इतना जबरदस्त था कि कई लोग हवा में उड़ गए। विस्फोट के तुरंत बाद मौके पर पहुंचे लोगों ने पाया कि चारों तरफ शव और मांस के लोथड़े बिखरे हुए थे।

प्रदेश के पुलिस महानिदेशक सुरेंद्र सिंह ने कहा कि पुलिस इस मामले को एक हादसे की तरह ले रही है। उन्होंने इसके पीछे किसी साजिश की आशंका से इनकार किया। मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी अरुण शर्मा ने कहा कि अपराह्न तक 60 शवों के पोस्टमार्टम किए जा चुके हैं जबकि बाकी शव परिसर में पड़े हुए हैं और अभी तक इनकी पहचान नहीं हो पाई है।

पुलिस ने बताया कि जिस इमारत में जिलेटिन की छड़ें रखी हुई थीं, उसका मालिक राजेंद्र कुमार कसवा है। कसवा के पास चट्टानी इलाकों में कुएं खोदने के लिए विस्फोटक सामग्री रखने का लाइसेंस है और उसने जिलेटिन की छड़ों सहित भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री इस आवासीय इमारत में रखी थी। इमारत में दो दुकानें भी थीं। यह नया बस स्टैंड इलाके में सेठिया रेस्तरां के करीब है। पुलिस ने बताया कि कसवा के पास जिलेटिन की छड़ें रखने रखने का लाइसेंस है लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि उसने इस इमारत में छड़ें रखने के लिए इजाजत ली थी या नहीं।

सुबह का समय होने के कारण रेस्तरां में काफी संख्या में दिहाड़ी मजदूर बैठे हुए थे, तभी विस्फोट हो गया। एक चश्मदीद ने बताया कि रेस्तरां के अंदर काफी लोग थे जो इलाके में एक बड़ा भोजनालय है। नरसिंह (42) नाम के एक घायल व्यक्ति ने बताया कि विस्फोट के बाद उसकी चपेट में आए बहुत से लोगों के शरीर के हिस्से इलाके में बिखरे पड़े थे। खासतौर पर दोपहिया वाहन बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हुए। विस्फोट के कारण कसवा की दो मंजिला इमारत ढह गई जिसमें काफी संख्या में लोग फंस गए। झाबुआ की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सीमा अलावा ने बताया कि मृतकों में रेस्टोरेंट के कर्मचारी और उसमें बैठे ग्राहकों के अलावा इमारत में रहने वाले लोग शामिल हैं। सुबह का वक्त होने के कारण नाश्ता करने के लिए रेस्टोरेंट में बहुत से लोग मौजूद थे।

झाबुआ जिला अस्पताल में बलराम नाम के एक घायल मजदूर ने बताया कि शुरू में उन्होंने एक मकान से पटाखों की आवाज सुनी जिसके भूतल पर दो दुकानें भी थीं। बाद में जब कुछ लोगों ने शटर खोला तो एक जबरदस्त विस्फोट हुआ जिसके कारण लोग बचने के लिए भागने लगे। इससे पहले पुलिस ने बताया था कि रेस्तरां में रखे रसोई गैस सिलेंडर में विस्फोट हुआ।

विस्फोट की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि आस पास के घर व दुकानें भी क्षतिग्रस्त हो गईं। घायलों को तुरंत रतलाम, इंदौर और झाबुआ के अस्पतालों में भेजा गया। राहत व बचाव कार्य देर शाम तक जारी रहा क्योंकि प्रशासन को आशंका थी कि मलबे में अभी भी कुछ लोग दबे हुए हो सकते हैं।

स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि रिहायशी इलाके में स्थित इस इमारत में जिलेटिन की छड़ें रखे जाने के बारे में पता चलने पर उन्होंने सब डिवीजनल अधिकारी से मुलाकात कर इसकी शिकायत की थी। लेकिन प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की।

प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने कहा कि हादसे की उच्चस्तरीय जांच का आदेश दिया गया है। वहीं, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मृतकों के परिवारों को दो-दो लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपए की मदद का एलान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं लगातार अधिकारियों के संपर्क में हूं। घटना दुखद है और इसने मुझे हिलाकर रख दिया है। विस्फोट के कारणों की जांच की जाएगी।

पुलिस अधीक्षक जीजी पांडे सहित झाबुआ से वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा राज्य आदिवासी कल्याण मंत्री अंतर सिंह आर्य भी मौके पर पहुंच गए। बचाव कार्य में मदद के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की एक टीम भी रवाना की गई है। एनडीआरएफ के महानिदेशक ओपी सिंह ने दिल्ली में बताया कि गुजरात के वड़ोदरा से उपकरणों से लैस एक टीम घटना स्थल पर भेजी गई है। यह टीम स्थानीय प्रशासन को राहत कार्य में मदद करेगी।

गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने घटना में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना जाहिर की है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मौके पर जा रहे हैं। मेरी संवेदना पीड़ित परिवारों के साथ है। यह एक बहुत दुर्भाग्यपूर्ण घटना है।

राहत और जांच:
प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने हादसे की उच्चस्तरीय जांच का आदेश दिया है। वहीं, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मृतकों के परिवारों को दो-दो लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपए की मदद का एलान किया है। मुख्यमंत्री ने घटना पर शोक जताते हुए कहा कि विस्फोट के कारणों की जांच की जाएगी।

‘मौत का लाइसेंस’
पहले एक रेस्टोरेंट में रसोई गैस का सिलेंडर फटने से विस्फोट हुआ जिसकी चपेट में बगल की एक इमारत भी आ गई। इस इमारत में विस्फोट के काम आने वाली जिलेटिन की छड़ें रखी हुई थीं। इसकी वजह से हुआ विस्फोट इतना जबरदस्त था कि लोग हवा में उड़ गए और आस पास की इमारतों के परखचे उड़ गए। जिस राजेंद्र कसावा की इमारत में विस्फोट हुआ, उसके पास चट्टानी इलाकों में कुएं खोदने के लिए विस्फोटक सामग्री रखने का लाइसेंस है। कसावा ने जिलेटिन की छड़ों सहित भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री आवासीय इमारत में रखी थी। इमारत में दो दुकानें भी थीं।

शिकायत की अनदेखी:
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि रिहायशी इलाके की इस इमारत में जिलेटिन की छड़ें रखे जाने के बारे में पता चलने पर उन्होंने सब डिवीजनल अधिकारी से इसकी शिकायत की थी। लेकिन प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की।

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