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पूर्वोत्तर में भूकम्प, नौ मरे और सौ घायल

देश के पूर्वोत्तर और पूर्वी क्षेत्र में सोमवार को 6.8 की तीव्रता के भूकंप का तगड़ा झटका महसूस किया गया जिसमें कम से कम सात व्यक्तियों की मौत हो गई और 100 से अधिक घायल हो गए..

Author इम्फाल/गुवाहाटी | January 5, 2016 1:55 AM
इम्फाल में भूकंप के बाद गिरी इमारत। (पीटीआई फोटो)

देश के पूर्वोत्तर और पूर्वी क्षेत्र में सोमवार को 6.8 की तीव्रता का जबर्दस्त भूकम्प महसूस किया गया। इसमें नौ व्यक्तियों की मौत हो गई और 100 से अधिक अन्य घायल हो गए। भूकम्प का केंद्र मणिपुर में स्थित था। इस भूकम्प से कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं और लोग दहशत में अपने घरों से बाहर निकल आए।

अधिकारियों ने बताया कि भूकम्प से मणिपुर में सात व्यक्तियों की मौत हो गई जबकि बिहार और पश्चिम बंगाल में एक-एक व्यक्ति की मौत दिल का दौरा पड़ने से हो गई। अधिकारियों ने बताया कि भूकम्प सुबह करीब चार बजकर 30 मिनट पर आया। इसका केंद्र मणिपुर के तमेंगलोंग जिले में नोनी उपमंडल से 10 किलोमीटर दूर काबुई जुलेन में स्थित था। भूकम्प का केंद्र तमेंगलोंग जिले में जमीन से 17 किलोमीटर नीचे स्थित था जहां कई इमारतें धराशायी हो गईं और कई में दरारें आ गईं। हालांकि तमेंगलोंग में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

अतिरिक्त उपायुक्त जोसेफ पाउलिन ने कहा, ‘भूकम्प का केंद्र बराक नदी के किनारे स्थित था, इसलिए कम नुकसान हुआ। यद्यपि कई मकानों में दरारें आने की जानकारी है, लेकिन अभी तक किसी की मृत्यु होने की सूचना नहीं है।’ सात मृत व्यक्तियों में से तीन पश्चिमी इंफाल जिले के, दो अन्य पूर्वी इंफाल जिले के, एक मणिपुर के सापेरमीना पुलिस थानाक्षेत्र का और एक सेनापति जिले का निवासी है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि करीब 100 लोगों को चोटें आई हैं। घायलों में से 33 की हालत गंभीर है। घायलों को मणिपुर के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। मणिपुर के मुख्यमंत्री ओ इबोबी सिंह की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में मृतकों के परिवारों को पांच-पांच लाख रुपए की अनुग्रह राशि देने का निर्णय किया गया।

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के मुताबिक, ‘कुछ इमारतों, आवासीय इकाइयों और सरकारी कार्यालयों को क्षति पहुंचने की जानकारी है। इसमें इंफल की एक छह मंजिला इमारत भी शामिल है।’ मणिपुर सचिवालय और इमा बाजार स्थित कई इमारतों में दरारें आ गईं जबकि कुछ स्कूली इमारतें गिर गईं। असम, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल, ओड़ीशा और झारखंड सहित कई पूर्वोत्तर और पूर्वी राज्यों में भूकम्प के कारण लोग नींद से जाग गए और उनमें से कई तो घबराकर अपने घरों से बाहर आ गए।

कैबिनेट सचिव पीके सिन्हा ने सोमवार सुबह राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन समिति (एनसीएमसी) की बैठक की। इसके बाद एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि इंफल शहर में बिजली आपूर्ति बाधित हुई और कुछ बिजली प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचा है। सेना और वायुसेना ने राहत अभियान शुरू कर दिया है और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की दो टीमें इंफल भेजी गई हैं। एक टीम असम भेजी जा रही है, जहां करीब 20 लोग घायल हुए हैं।

  • एक-एक मौत बिहार-बंगाल में, पांच-पांच लाख रुपए देगी सरकार।
  • बाजार परिसर सहित कई इमारतों और सड़कों में भूकम्प की वजह से दरारें आ गईं और स्कूल की कुछ इमारतों की दीवारें गिर गईं।
  • प्रधानमंत्री ने मणिपुर के मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह और क्षेत्र के अन्य मुख्यमंत्रियों से भी बात कर स्थिति का जायजा लिया है।
  • आपदा मोचन बल की दो टीमें मणिपुर और एक असम भेजी गई।

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