सात साल में भाजपा शासित राज्यों में बने 20 सीएम, 8 को बीच में बदला, 6 महीने में पांच को छोड़नी पड़ी कुर्सी

2014 में केंद्र में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनी थी। तब से लेकर अब तक भाजपा शासित राज्यों में 20 नेता मुख्यमंत्री बन चुके हैं। हालांकि इनमें से 8 सीएम ऐसे रहे जिन्हें बीच में ही अपनी कुर्सी छोड़नी पड़ी। इस साल यानी 2021 में बीएस येदियुरप्पा, त्रिवेंद्र सिंह रावत, तीरथ सिंह रावत, सर्वानंद सोनोवाल और विजय रुपाणी को पद छोड़ना पड़ा है।

PM Modi, Amit Shah, BJP CM, 5 CM Replaced IN 6 Months
पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह। (फोटोः ट्विटर@RohanUnadkat7)

2014 में नरेंद्र मोदी के पीएम बनने के बाद 20 नेताओं मे मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, लेकिन इनमें से 40 फीसदी यानि 8 नेता ऐसे रहे जिन्हें सीएम की कुर्सी बीच में छोड़नी पड़ी। बीते एक साल की बात करें तो पांच नेता ऐसे रहे जिन्हें सीएम पद से चाहे अनचाहे हटना पड़ गया। इनमें सर्वानंद सोनोवाल भी शामिल हैं। हालांकि वह केंद्रीय मंत्री बन गए अलबत्ता जानकार कहते हैं कि वह असम के सीएम बनने के ज्यादा इच्छुक थे।

हाल में हटने वाले सीएम की बात करें तो गुजरात के सीएम विजय रुपाणी ने शनिवार अपना इस्तीफा दे दिया। अगले साल गुजरात में चुनाव है। उससे ठीक पहले बीजेपी की ओर से यह बड़ा फैसला लिया गया है। कुछ पहले उत्तराखंड में बहुत कम समय में दो बार सीएम बदले गए। वहीं कर्नाटक को लेकर भी बीजेपी ने बड़ा फैसला किया। येदियुरप्पा को इस्तीफा देना पड़ा तो सोनोवाल को केंद्र में शिफ्ट करना पड़ गया।

गुजरात की बात करें तो सीएम विजय रुपाणी का पांच साल का कार्यकाल पूरा हो चुका है। इस्‍तीफा देने के बाद उन्होंने कहा कि अब पार्टी जो जिम्‍मेदारी देगी मैं उसे निभाऊंगा। इससे पहले भी एक बार विजय रुपाणी के इस्तीफे को लेकर खबर सामने आई थी हालांकि उस वक्त वो अपनी कुर्सी बचाने में कामयाब हो गए। रूपाणी को अमित शाह का बेहद करीब माना जाता है। उन्हें सीएम बनाने में शाह ही भूमिका रही थी।

फिलहाल यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और शाह के बीच का छत्तीस का आंकड़ा जगजाहिर है। यहां तक कि जब आनंदीबेन को कुर्सी से हटाकर रूपाणी को बैठाया गया तो उन्होंने अपने मन का गुबार भी हलका किया। उनका कहना था कि कुछ लोगों ने पाटीदार आंदोलन को हवा दी। ये लोग पार्टी के भीतर के थे। उनका इशारा साफ तौर पर अमित शाह की तरफ ही था। हालांकि, नए सीएम भूपेंद्र पटेल आनंदी के करीबी हैं।

उत्तराखंड में कुछ ही महीने के भीतर दो बार मुख्यमंत्री बदले गए। पहले तीरथ सिंह रावत और उसके कुछ महीने बाद ही त्रिवेंद्र सिंह रावत का भी इस्तीफा हो गया। त्रिवेंद्र सिंह रावत के बाद तीरथ सिंह रावत को यह जिम्मेदारी मिली। तीरथ सिंह रावत बमुश्किल चार महीने ही इस कुर्सी पर रह पाए होंगे कि बीजेपी की ओर से एक बार फिर बड़ा फैसला किया गया। जुलाई में ही तीरथ सिंह रावत ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। तीरथ सिंह रावत के इस्तीफे के बाद पुष्कर सिंह धामी को उत्तराखंड का मुख्यमंत्री बनाया गया। यहां भी यूपी के साथ चुनाव होने वाले हैं। कुछ महीने का वक्त बचा है।

कर्नाटक को लेकर भी बीजेपी की ओर से बड़ा फैसला किया गया। येदियुरप्पा ने कर्नाटक सरकार के 2 साल पूरा होने के मौके पर इस्तीफे का ऐलान किया। कर्नाटक में काफी समय से येदियुरप्पा के इस्तीफे की चर्चा चल रही थी। येदियुरप्पा के बाद बीजेपी ने बसवराज बोम्मई को वहां का मुख्यमंत्री बनाया।

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