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आठ बीजेपी सांसदों का दावा- हमारे पहुंचते ही बंद कर दिया गेट, नहीं जा सके सदन के अंदर

राज्य सभा में नेशनल कमिशन फॉर बैकवर्ड क्लासेज बिल में एक अहम क्लॉज पर वोटिंग होनी थी। लेकिन ये सांसद नदारद थे।
भारतीय संसद भवन।

राज्य सभा में एक अहम बिल पर वोटिंग के दौरान गायब रहने पर बीजेपी सांसदों से पार्टी आलाकमान ने जवाब मांगा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इन सांसदों से खासे नाराज बताए जा रहे हैं। राज्य सभा में नेशनल कमिशन फॉर बैकवर्ड क्लासेज बिल में एक अहम क्लॉज पर वोटिंग होनी थी। लेकिन ये सांसद नदारद थे। जब उनसे इसका जवाब मांगा गया तो करीब 8 सांसदों ने कहा कि जब वह ऊपरी सदन में एंट्री करने वाले थे तो दरवाजा बंद कर दिया गया। कुछ बीजेपी मंत्रियों ने इस मुद्दे को बहुत गंभीरता से लिया है, क्योंकि सदन में विचार विमर्श के दौरान वह बैठे नजर आए थे, जबकि कुछ बीजेपी सांसद अब तक गायब हैं।

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने राज्यसभा में पार्टी सांसदों की अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए कहा था कि ऐसा दोहराया न जाए। यह बात मीडिया वालों को केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार ने बताई थी। दरअसल, सोमवार (31 जुलाई) को मानसून सत्र में राज्य सभा में सरकार के संविधान संशोधन विधेयक के एक महत्वपूर्ण प्रावधान को हटाना पड़ा था, क्योंकि उसके पर्याप्त सांसद सदन में नहीं मौजूद थे। सरकार ने नेशनल कमीशन फॉर बैकवर्ड क्लासेज (एनसीबीसी) को संवैधानिक दर्जा देने के लिए संविधान संशोधन बिल पेश किया था। कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने सरकार पर निशाना साधते हुए लिखा था कि सरकार मामले को लेकर ना तो तैयार थी और ना ही सीरियस थी। इस वजह से एनडीए के कुल 78 विधायकों की वजह से बीजेपी की भी किरकिरी हुई।

संविधान संशोधन (123वां संशोधन) विधेयक 2017 में क्लॉज 3 को हटाना पड़ा जो कमीशन के संगठन से जुड़ा हुआ था। राज्य सभा में इस क्लॉज के अस्वीकार हो जाने का मतलब हुआ कि सरकार को फिर से लोक सभा में इसके लिए नया विधेयक पेश करके पारित कराना होगा और फिर उसे राज्य सभा में पारित कराना होगा। ये विधेयक संविधान संशोधन विधेयक था इसलिए इसे पारित कराने के लिए दो-तिहाई वोट चाहिए थे। लेकिन सांसद उपस्थित नहीं थे।

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