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इस राज्य के कर्मचारियों के DA में 2021 तक नहीं होगी बढ़ोतरी, पर सरकार ने दी ये खुशखबरी; जानें

हालांकि, इन कर्मचारियों को मौजूदा दरों पर डीए मिलता रहेगा।

तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फोटोः Freepik)

हरियाणा सरकार के कर्मचारियों के Dearness Allowance (DA) में अगले साल तक बढ़ोतरी नहीं होगी। जानकारी के मुताबिक, डीए में जुलाई 2021 तक कोई इजाफा नहीं किया जाएगा। हालांकि, इन कर्मचारियों को मौजूदा दरों पर डीए मिलता रहेगा।

सूबे में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व में BJP और JJP के गठबंधन वाली सरकार ने सभी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के डीए और डीआर (Dearness Relief) को फ्रीज करने से जुड़ा आदेश जारी किया है। COVID-19 के कारण यह आर्डर राज्य सरकार ने जारी किया है, जो कि जुलाई 2021 तक प्रभाव में रहेगा।

सूबे के वित्त विभाग की आधिकारिक अधिसूचना में कहा गया, “कोरोना वायरस संकट के मद्देनजर यह फैसला लिया गया है कि राज्य सरकार के कर्मचारियों को दी जाने वाली डियरनेस अलाउंस और पेंशनभोगियों को डियरनेस रिलीफ की अतिरिक्त इंस्टॉलमेंट (जो कि 1 जनवरी, 2020 से बकाया है) वह नहीं दी जाएगी। 1 जुलाई, 2020 से लेकर 1 जनवरी, 2021 तक डीए और डीआर की अतिरिक्त किस्तें भी नहीं दी जाएंगी। वैसे, डीए और डीआर मौजूदा दर जो कि 17 फीसदी है, उस दर से चुकाया जाता रहेगा।”

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पत्र में कहा गया- आगे 1 जुलाई, 2021 के बाद दी जाने वाली डीए और डीआर की किस्तों पर फैसला सरकार जब भी लेगी, तब डीए और डीआर की दर वही होगी, जो 1 जनवरी, 2020 से प्रभाव में होगी। 1 जनवरी, 2020 से 30 जून 2021 तक के एरियर भी नहीं दिए जाएंगे।

बता दें कि केंद्र सरकार ने भी महंगाई भत्ते में इजाफे पर रोक लगा दी है। जुलाई 2021 तक डीए/डीआर को फ्रीज किए जाने से केंद्र के करीब 37,500 करोड़ रुपए बचेंगे, जबकि राज्यों के ₹82,500 करोड़ रुपए बच जाएंगे। माना जा रहा है कि यह पैसा सरकार कोरोना महामारी के पैदा हुए संकट से निपटने और राहत संबंधी अन्य आर्थिक मदद देने में इस्तेमाल कर सकती है।

इसी बीच, राज्य सरकार ने अपने कर्मचारियों को बड़ी राहत भी दी है। सरकार ने सभी जनरल प्रोविडेंट फंड (GPF) विथड्रॉल्स को मंजूरी दे दी है। अब कर्मचारी किसी भी जरूरत के लिए जीपीएफ को निकाल सकेंगे।

वित्त विभाग के एक वरिष्ठ अफसर ने बताया कि यह फैसला राज्य सरकार की आर्थिक स्थिति आसान बनाने के साथ स्टाफ की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। सर्व कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुभाष लांबा ने बताया कि वह इस फैसले का स्वागत करते हैं, पर उन्होंने यह भी बताया कि सरकार ने कर्मचारी संघों के दबाव में आकर यह फैसला लिया।

बता दें कि मार्च-अप्रैल में राज्य सरकार ने GPF विथड्रॉल पर और सेवानिवृत्त हो चुके लोगों के बकाए (जिसमें GPF पेमेंट, ग्रैच्युटी, पेंशन कम्युटेशन और लीव एनकैशमेंट आदि) पर रोक लगा दी थी।

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