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राहुल गांधी के बुलावे पर भी नहीं आए ब‍िहार के 6 कांग्रेस व‍िधायक, प्रदेश अध्‍यक्ष को बुलाया ही नहीं

जुलाई में भी कई विधायकों के साथ अशोक चौधरी दिल्ली पहुंचे थे और पार्टी उपाध्यक्ष से मुलाकात के लिए तीन दिन तक इंतजार करते रहे थे लेकिन उन्हें मुलाकात का समय नहीं दिया गया और उन्हें वापस लौटना पड़ा था।

कांग्रेस पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी के साथ बिहार कांग्रेस अध्यक्ष अशोक चौधरी। (एक्सप्रेस फोटो)

बिहार में कांग्रेसी विधायकों के एक धड़े की टूट की आशंका से कांग्रेस आलाकमान सकते में है। पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी बिहार के विधायकों से एक-एक कर मुलाकात कर रहे हैं लेकिन इस दौरान पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अशोक चौधरी को इस बैठक से दूर रखा गया है। राहुल गांधी ने कल (बुधवार, 06 सितंबर को) नई दिल्ली में 11 विधायकों से एक-एक कर मुलाकात की थी। इसके बाद वो आज (गुरुवार, 07 सितंबर को) 11 विधायकों के साथ मुलाकात कर रहे हैं। सूत्र बता रहे हैं कि 6 विधायकों ने दिल्ली आने से मना कर दिया। इन विधायकों ने अपने इलाके में बाढ़ की बात कहकर वहां राहत-बचाव कार्य में लिप्त होने की बात कही है। बिहार में कांग्रेस के कुल 27 विधायक हैं और महागठबंधन टूटने के बाद कांग्रेस में फूट की बात पिछले कुछ सप्ताह से चल रही है। सूत्र बताते हैं कि 14 विधायक टूटने को तैयार हैं लेकिन उनके धड़े को कानूनी मान्यता के लिए चार और विधायकों की दरकार है।

इधर, सूत्र बता रहे हैं कि नई दिल्ली में राहुल गांधी के साथ बैठक के दौरान कुछ विधायकों ने प्रदेश अध्यक्ष अशोक चौधरी के खिलाफ बयान दिया है जबकि कुछ विधायकों ने लालू यादव से गठबंधन तोड़ने की बात कही है। उनका तर्क है कि जब तक कांग्रेस लालू यादव जैसे भारी-भरकम सियासी चेहरे से रिश्ता नहीं तोड़ती तब तक उसे मतदाताओं के बीच लोकप्रियता हासिल नहीं हो सकती।

इस बीच दिल्ली में विधायकों की बैठक में खुद को नहीं बुलाए जाने से अशोक चौधरी दुखी हैं। एनडीटीवी से उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता कि इस तरह की बैठक से मैं क्यों साइडलाइन किया गया हूं।” गठबंधन की सरकार में अशोक चौधरी शिक्षा मंत्री थे और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से काफी नजदीक थे। कई मौकों पर उनकी ये नजदीकियां उजागर होती रही हैं। 49 साल के चौधरी पिछले चार साल से पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हैं। उन्हें दिल्ली नहीं बुलाए जाने पर राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि पार्टी आलाकमान उन्हें प्रदेश अध्यक्ष पद से हटा सकता है।

इस बीच उन्होंने कहा कि उनके पिता इस पार्टी में जीवनपर्यन्त 50 साल तक रहे। वो खुद पिछले 25 साल से कांग्रेस में हैं। एनडीटीवी से उन्होंने अपने कार्यकाल को पार्टी के लिए बेहतरीन करार देते हुए कहा, “मेरे प्रदेश अध्यक्ष के कार्यकाल में पार्टी के विधायकों की संख्या विधानसभा में 4 से बढ़कर 27 तक पहुंची, जबकि विधान परिषद में यह आंकड़ा जीरो था जो बढ़कर 6 हो गया है।”

बता दें कि पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पिछले हफ्ते प्रदेश अध्यक्ष अशोक चौधरी और विधान सभा में पार्टी के नेता सदानंद सिंह से नई दिल्ली में मुलाकात की थी और पार्टी में टूट की आशंकाओं पर चर्चा की थी। गौरतलब है कि जुलाई में महागठबंधन टूटने से पहले भी कई विधायकों के साथ अशोक चौधरी दिल्ली पहुंचे थे और पार्टी उपाध्यक्ष से मुलाकात के लिए तीन दिन तक इंतजार करते रहे थे लेकिन उन्हें मुलाकात का समय नहीं दिया गया और उन्हें वापस लौटना पड़ा था।

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