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टेलिकॉम सेक्टर में भारत की ताकत बता पीएम नरेंद्र मोदी बोले- कई लोगों ने मेरे आत्मनिर्भर भारत की सोच का मजाक उड़ाया था

5G सेवा की लॉन्चिंग के मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि 2014 में देश में सिर्फ 2 मोबाइल मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट्स थीं, जिनकी संख्या 8 साल में 200 तक पहुंच गई है।

टेलिकॉम सेक्टर में भारत की ताकत बता पीएम नरेंद्र मोदी बोले- कई लोगों ने मेरे आत्मनिर्भर भारत की सोच का मजाक उड़ाया था
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो- ट्विटर/ @BJP4India)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (1 अक्टूबर, 2022) को देश में 5G सेवाएं लॉन्च कर दी हैं। दिल्ली के प्रगति मैदान में आज से शुरू हुए इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2022 आयोजन के पहले दिन इन सेवाओं की शुरुआत की गई। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने टेलीकॉम सेक्टर में बढ़ रही भारत की ताकत के बारे में बात की और कहा कि कई लोगों ने मेरे आत्मनिर्भर भारत की सोच का मजाक उड़ाया था।

उन्होंने कहा कि 2014 तक हम करीब 100 प्रतिशत मोबाइल फोन विदेशों से आयात करते थे इसलिए हमने इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना तय किया। प्रधानमंत्री ने बताया कि मोबाइल मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट्स की संख्या को बढ़ाकर 200 तक पहुंचा दिया गया है। पीएम ने आगे कहा कि 2014 में देश में सिर्फ 2 मोबाइल मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट्स थीं, जिनकी संख्या 8 साल में 200 तक पहुंच गई है।

दूरसंचार विभाग के मुताबिक, 5जी सेवाओं का लाभ सबसे पहले मेट्रो सिटीज समेत 13 शहरों को मिलेगा। इन शहरों में दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे, लखनऊ, गांधीनगर, जामनगर, चंडीगढ़, पुण और अहमदाबाद शामिल हैं। विभाग ने बताया कि इस साल के आखिर में बाकी बड़े शहरों और अन्य सर्कल्स में भी लोगों को 5जी सेवाएं दी जाने की योजना है। इसके लिए 5जी सेवाओं से जुड़ा नेटवर्क तैयार किया जाएगा, जिसका लाभ यूजर्स को मिलेगा। हालांकि, 8 शहरों के उपभोक्ता इसका लाभ ले पा रहे हैं।

पीएम ने कहा, “साथियों, आज टेलीकॉम सेक्टर में जो क्रांति देश देख रहा है, वह इस बात का सबूत है। अगर सरकार सही नीयत से काम करे तो नागरिकों के नीयत बदलने में देर नहीं लगती है।” प्रधानमंत्री ने इस दौरान डिजीटल इंडिया के बारे में भी बात की और कहा कि आज हमारे छोटे व्यापारी हों, छोटे उद्यमी हों, लोकल कलाकार और कारीगर हों, डिजिटल इंडिया ने सबको मंच दिया है, बाजार दिया है।

उन्होंने आगे कहा, “आज आप किसी लोकल मार्केट में या सब्जी मंडी में जाकर देखिए। रेहड़ी-पटरी वाला छोटा दुकानदार भी आपसे कहेगा, कैश नहीं ‘UPI’कर दीजिए। ये बदलाव बताता है कि जब सुविधा सुलभ होती है तो सोच किस तरह सशक्त हो जाती है।”

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First published on: 01-10-2022 at 07:06:38 pm