Petrol And Diesel Consumption In India: ईरान-अमेरिका युद्ध की वजह से होर्मुज जलमार्ग से कच्चे तेल का व्यापार बाधित हो गया जिसकी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमतों में भारी इजाफा देखने को मिला। भारत अपनी जरूरत का करीब 88 प्रतिशत तेल आयात करता है। तेल आयात में आ रही बाधा और दाम में बढ़ोतरी के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आम जनता से अपील की कि वो सार्वजनिक परिवहन का ज्यादा इस्तेमाल करे, पेट्रोल-डीजल को बचाने की कोशिश करे।

पीएम मोदी की अपील के बाद सार्वजनिक परिवहन के अभाव और निजी वाहनों पर बढ़ती निर्भरता पर बहस चल पड़ी। कई विशेषज्ञ मान रहे हैं कि सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करना ही इस समस्या का ठोस समाधान है। निजी वाहनों की बढ़ती संख्या आयातित कच्चे तेल पर देश की निर्भरता बढ़ाती है।

जनसत्ता अपनी विशेष सीरीज ‘आंकड़े बोलते हैं’ में आपको बताएगा कि देश में कितने परिवारों के पास अपनी गाड़ी है, राजधानी दिल्ली की क्या स्थिति है, लोग सार्वजनिक परिवहन का कितना इस्तेमाल करते हैं और बढ़ती गाड़ियों के बीच ईंधन की मांग कितनी तेजी से बढ़ रही है।

नीचे दिख रहे इंफोग्राफिक में आपको देश में हो रही वाहन बिक्री से लेकर अलग-अलग राज्यों की पेट्रोल खपत तक, सबकुछ पता चलेगा। सिर्फ एक क्लिक करते ही सारा डेटा आपके सामने होगा

Aankade Bolte Hain
हर मिनट बिक रहे 54 वाहन — कहां से आएगा इतना ईंधन?
भारत में वाहन और ईंधन का पूरा आंकड़ा | वित्त वर्ष 2025-26
कुल वाहन बिक्री 2026
2.83 Cr
54 प्रति मिनट
दोपहिया बिक्री
2.17 Cr
सबसे बडा सेगमेंट
पेट्रोल खपत/दिन
130 ML
मिलियन लीटर
आयात निर्भरता
88%
कच्चा तेल विदेश से
1
दोपहिया वाहन
Two-Wheelers
76.7%
2.17 Cr
यूनिट
2
पैसेंजर व्हीकल
कार और SUV
16.4%
46.43 L
यूनिट
3
कमर्शियल वाहन
Commercial Vehicles
3.8%
10.80 L
यूनिट
4
तीन पहिया
Three-Wheelers
3.0%
8.36 L
यूनिट
52.6%
पेट्रोल
24.61 लाख यूनिट
21.7%
CNG
तेजी से बढ रहा
18.4%
डीजल
घट रही हिस्सेदारी
4.6%
इलेक्ट्रिक (EV)
बढ रहा बाजार
2.7%
हाइब्रिड
नई श्रेणी
88%
कच्चा तेल आयात
15 लाख Cr रु/वर्ष
1981 से 2022 तक कुल वाहन 8 से 248 — यानी 3000% से ज्यादा बढोतरी। दोपहिया 4 से 185 हुए (4500% वृद्धि), कार-जीप-टैक्सी 2 से 34 (1600% वृद्धि)।
साल कुल वाहन दोपहिया कार/जीप/टैक्सी मालवाहक बस
198184210
19912416320
20015136731
2011112811561
202224818534112
* आंकडे प्रति 1000 लोग पर हैं | स्रोत: Data For India, SIAM
1
उत्तर प्रदेश
Top State — 2W
नं. 1
सबसे ज्यादा
2
महाराष्ट्र
Two-Wheeler
नं. 2
3
तमिलनाडु
Two-Wheeler
नं. 3
4
गुजरात
Two-Wheeler
नं. 4
5
कर्नाटक
Two-Wheeler
नं. 5
1
महाराष्ट्र
Passenger Vehicle
नं. 1
सबसे बडा बाजार
2
उत्तर प्रदेश
Passenger Vehicle
नं. 2
3
गुजरात
Passenger Vehicle
नं. 3
4
कर्नाटक
Passenger Vehicle
नं. 4
5
तमिलनाडु
Passenger Vehicle
नं. 5
1
महाराष्ट्र
Commercial
1.61 L
यूनिट
2
गुजरात
Commercial
नं. 2
3
तमिलनाडु
Commercial
नं. 3
4
उत्तर प्रदेश
Commercial
नं. 4
5
कर्नाटक
Commercial
नं. 5
राज्य / UT कार (% परिवार) दोपहिया (% परिवार)
गोवा42.42%89.97%
चंडीगढ41.86%76.76%
लद्दाख21.91%34.68%
केरल24.75%65.28%
नागालैंड25.45%18.75%
Punjab19.74%82.05%
हिमाचल प्रदेश19.22%29.26%
जम्मू-कश्मीर20.06%30.03%
पुडुचेरी9.57%85.09%
दिल्ली11.54%60.41%
हरियाणा14.90%74.82%
उत्तर प्रदेश3.79%67.77%
राजस्थान9.90%66.88%
मध्य प्रदेश5.69%74.30%
महाराष्ट्र9.54%63.98%
गुजरात14.14%72.31%
कर्नाटक8.95%74.11%
तमिलनाडु5.80%73.92%
असम4.48%39.84%
बिहार1.12%41.34%
आंध्र प्रदेश1.92%61.86%
उत्तराखंड10.54%55.80%
झारखंड2.68%55.56%
ओडिशा2.71%47.18%
छत्तीसगढ4.77%66.72%
मिणिपुर16.30%64.80%
मिजोरम18.79%77.84%
मेघालय11.12%19.00%
त्रिपुरा3.33%36.47%
अरुणाचल प्रदेश23.93%61.20%
सिक्किम18.31%9.64%
तेलंगाना5.19%67.04%
अंडमान-निकोबार13.03%49.40%
दादरा एवं नगर हवेली11.77%54.58%
लक्षद्वीप1.48%69.78%
* Census/NFHS आधारित डेटा
देश कार दोपहिया
अमेरिका57527
जर्मनी58058
ऑस्ट्रेलिया57536
UK48720
जापान49782
रूस34816
ब्राजील287148
मेक्सिको28453
चीन19357
सिंगापुर11825
थाईलैंड158309
इंडोनेशिया68455
भारत34185
म्यांमार11110
श्रीलंका39264
दक्षिण अफ्रीका1236
केन्या2544
पाकिस्तान18114
फिलीपींस2069
बांग्लादेश530
भारत में कार बेहद कम, दोपहिया बेहद ज्यादा — यह “दोपहिया-आधारित परिवहन” देश की पहचान है।
1
उत्तर प्रदेश
12.1%
2
महाराष्ट्र
10.9%
3
तमिलनाडु
8.8%
4
कर्नाटक
7.6%
5
गुजरात
6.8%
6
राजस्थान
5.1%
7
मध्य प्रदेश
4.9%
8
केरल
4.7%
9
तेलंगाना
4.5%
10
आंध्र प्रदेश
4.1%
ये 10 राज्य मिलकर भारत की कुल पेट्रोल खपत का 69% हिस्सा इस्तेमाल करते हैं।
पेट्रोल खपत / दिन
130
मिलियन लीटर (ML)
डीजल खपत / दिन
290-300
मिलियन लीटर — पेट्रोल से 2x
सालाना पेट्रोल खपत
47.5
बिलियन लीटर/वर्ष
कुल पेट्रोलियम खपत 2025-26
25.29
करोड मीट्रिक टन (रिकॉर्ड)
कच्चा तेल आयात निर्भरता
88%
तेल आयात पर खर्च (2024-25)
15 लाख करोड रु.
कुल आयात बिल में हिस्सा
~25%
10% बचत से फायदा
1.5 लाख Cr रु.
स्रोत: PPAC | AutoPunditz | पेट्रोलियम मंत्रालय
दिल्ली में कुल वाहन
87.61
लाख वाहन
पिछले साल की तुलना में बढोतरी
+7.93%
2024-25 में 81.18 लाख थे
वाहन घनत्व
522
प्रति 1000 लोग
पिछले वर्ष घनत्व
484
प्रति 1000 लोग
हर दूसरे दिल्लीवासी के पास अपनी गाडी — 1000 में से 522 लोगों के पास प्राइवेट वाहन
दिल्ली में 11.54% परिवारों के पास कार, 60.41% के पास दोपहिया वाहन है
डीटीसी बस बेडा — मार्च 2026 (कुल 6,100 बसें)
AC इलेक्ट्रिक बसें (12 मीटर)
2,750
AC इलेक्ट्रिक बसें (9 मीटर)
1,588
बिना AC CNG बसें
1,002
AC CNG बसें
760
सरकार प्रदूषण कम करने के लिए इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढा रही है — कुल 4,338 बसें अब इलेक्ट्रिक हैं।
1
दिल्ली
522 / 1000
2
चंडीगढ
~440 / 1000
3
राष्ट्रीय औसत
~248 / 1000
स्रोत: दिल्ली आर्थिक समीक्षा 2025-26 | DTC | PTI
स्रोत: SIAM | PPAC (पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल) | Data For India | दिल्ली आर्थिक समीक्षा 2025-26 | DTC | AutoPunditz | वित्त वर्ष 2025-26
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ऊपर दिए गए उस विस्तृत ग्राफिक से एक बात स्पष्ट है- भारत तेजी से मोटराइजेशन की तरफ बढ़ चुका है। हर साल सड़क पर करोड़ों नई गाड़ियां उतर रही हैं, दोपहिया से लेकर कारों तक की संख्या अप्रत्याशित रूप से बढ़ी है। इसके साथ-साथ पेट्रोल-डीजल की मांग भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची है। चिंता की बात यह है कि अभी भी निजी वाहनों पर निर्भरता ज्यादा है।

ऐसे में सवाल यही है कि अगर गाड़ियां इसी तरह से सड़कों पर उतरती रहीं, इनकी संख्या पर लगाम नहीं लगी तो भारत की ऊर्जा जरूरतें कैसे पूरी होंगी? यह नहीं भूलना चाहिए कि देश पहले ही अपनी तेल जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात कर रहा है। ऐसे में बढ़ती गाड़ियां सिर्फ ट्रैफिक या प्रदूषण के लिहाज से एक चुनौती नहीं है बल्कि अब एक आर्थिक बोझ का कारण भी बन गई हैं।

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