ताज़ा खबर
 

सर्वे: नरेंद्र मोदी ही जनता की पहली पसंद, राहुल गांधी से लोकप्रियता में 400% आगे हैं PM

देश का सियासी मूड जानने वाला यह ऑनलाइन सर्वे लगभग 712 जिलों में 55 दिन चला था। कुल 923 नेताओं को लेकर इसमें तकरीबन 57 लाख लोगों से राय पूछी गई थी।

राहुल का मोदी पर हमला

देश के नेता के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही जनता की पहली पसंद हैं। यह बात चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर के ऑनलाइन सर्वे में सोमवार (तीन सितंबर) को सामने आई है। उनकी संस्था इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई-पीएसी) के सर्वे के मुताबिक, पीएम मोदी को 48 फीसदी देशवासी पसंद करते हैं, जबकि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को केवल 11 प्रतिशत लोग ही देश के नेता के तौर पर देखते हैं। टीवी रिपोर्ट्स की मानें तो पीएम लोकप्रियता के मामले में राहुल से मौजूदा समय में तकरीबन 400 फीसदी आगे चल रहे हैं। सारे विपक्षी दल मिलकर भी पीएम मोदी के बराबर नहीं हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार, देश का सियासी मूड जानने वाला यह ऑनलाइन सर्वे 712 जिलों में लगभग 55 दिन चला था। कुल 923 नेताओं को लेकर इसमें तकरीबन 57 लाख लोगों से राय पूछी गई। सर्वे में पीएम (पहले) और राहुल (दूसरे) के बाद तीसरे नंबर पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल रहे। उन्हें इस सर्वे में 9.3 फीसदी लोगों ने देश के नेतृत्वकर्ता के रूप में पंसद किया। वहीं, सात फीसदी लोगों ने इसमें उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव को चुना।

आगे सर्वे में पांचवें स्थान पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का नाम है। 4.2 फीसदी लोगों ने उनके नाम पर मुहर लगाई, जबकि बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती को 4.1 फीसदी लोगों ने चुना। वह इस सर्वे में छठे स्थान पर रहीं। सर्वे में इनके अलावा ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, बिहार के सीएम नीतीश कुमार, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) के महासचिव सीताराम येचुरी, नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख शरद पवार सरीखे कई राजनीतिक दिग्गजों को जगह दी गई।

कौन हैं प्रशांत किशोर?: किशोर मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं। उन्होंने हैदराबाद से इंजीनियरिंग की है। पढ़ाई के बाद वह विदेश चले गए थे। साल 2011 में भारत लौटे। 2012 में गुजरात चुनाव के दौरान मोदी से जुड़े थे। 2014 में वह उनकी चुनाव प्रचार टीम का हिस्सा बने। देश में बीजेपी की सरकार बनी, तो किशोर सुर्खियों में छा गए थे। फिर 2015 में उन्होंने बिहार चुनाव के मद्देनजर नीतीश कुमार-लालू यादव के महागठबंधन के लिए काम किया था।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App