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बार काउंसिल का दावा-देश में हैं 45 प्रतिशत फर्जी वकील, चीफ जस्टिस जेएस खेहर भी सुनकर हो गए हैरान

सीजेआई खेहर ने कहा, सभी को एक बेहतरीन वकील की जरूरत होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो या सुप्रीम कोर्ट का जज।

अगर बार काउंसिल अॉफ इंडिया (बीसीआई) के कुछ वर्ष पुराने वेरिफिकेशन कार्यक्रम पर विश्वास करें तो देश में फर्जी वकीलों का आंकड़ा आधा हो सकता है। इस हफ्ते की शुरुआत में बीसीआई के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने चीफ जस्टिस जेएस खेहर और सुप्रीम कोर्ट के बाकी जजों के आगे घोषणा की थी कि फिलहाल चल रहे वेरिफिकेशन कार्यक्रम के तहत सिर्फ 55-60 प्रतिशत ही असली वकील मिले हैं। टाइम्स अॉफ इंडिया की रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है। जस्टिस जेएस खेहर को सम्मानित करने के एक कार्यक्रम में वकीलों और जजों के सामने मिश्रा ने कहा, प्रैक्टिस कर रहे असली वकीलों की तादाद वेरिफिकेशन की प्रक्रिया के बाद 55-60 प्रतिशत रह गई है। इससे हमारे पेशे की क्वॉलिटी में सुधार होगा। मिश्रा ने कहा, बीसीआई के 2012 के चुनावी आंकड़ों के मुताबिक हमारे पास 14 लाख वोटर्स थे, लेकिन जब वेरिफिकेशन प्रक्रिया शुरू हुई तो कुल 6.5 लाख आवेदन ही आए।

विभिन्न राज्यों के बार काउंसिलों में नामांकित ये वोटर्स राज्यों की निचली अदालतों और हाई कोर्ट में प्रैक्टिस करते हैं। इन आंकड़ों से जस्टिस खेहर भी हैरान रह गए। उन्होंने कहा, बीसीआई की वेरिफिकेशन प्रॉसेस देखकर खुशी हुई। लेकिन यह उन लोगों की बात नहीं है, जिनके पास नकली डिग्रियां हैं बल्कि उनके लिए भी है जिनके पास कोई डिग्री ही नहीं है। ये लोग बिना लाइसेंस के काम करते हैं। ये लोग बिना किसी अधिकार के कोर्ट में आकर प्रैक्टिस करने लगते हैं।

एक युवा वकील के तौर पर पूर्व जज वी रामास्वामी का बचाव करने वाले सीजेआई खेहर ने कहा, सभी को एक बेहतरीन वकील की जरूरत होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो या सुप्रीम कोर्ट का जज। उन्होंने बीसीआई से अनुरोध करते हुए कहा कि वह युवा वकीलों को पेशे के सिद्धांतों के बारे में बताए। उन्होंने शीर्ष वकीलों से कानूनी संस्थाओं की गुणवत्ता को सुधारने के अलावा मुकदमेबाजों की मदद करने को कहा। उन्होंने कहा कि वकीलों को इतना सक्षम बनाया जाना चाहिए कि वह समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वाह कर सकें।

उन्होंने कहा, वकील समाज की सेवा करते हैं तो उन्हें सर्वश्रेष्ठ होना चाहिए। सीजेआई ने कहा, संस्था को कर्तव्य का निर्वाह करने में सक्षम होना चाहिए। साथ ही नए जॉइन करने वाले लोगों को ट्रेनिंग दी जानी चाहिए, जो डरे हुए हैं और अपने पेशे के बारे में नहीं जानते उनकी मदद करनी चाहिए।

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