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वकालत से लेकर ‘फिल्म निर्माण’ तक से रहा है कनेक्शन, जानें कौन हैं सुप्रीम कोर्ट के 4 नए जज

कानून मंत्रालय के एक नोटिफिकेशन के मुताबिक जस्टिस कृष्णा मुरारी, एसआर भट्ट, वी रामासुब्रमण्यम और हृषिकेश रॉय देश की सबसे बड़ी अदालत के जज होंगे।

तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है।

कानून और न्याय मंत्रालय ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट के चार नए जजों की नियुक्ति की। इन जजों की नियुक्ति के साथ अब सुप्रीम कोर्ट में जज की संख्या बढ़कर 34 हो गई। कानून मंत्रालय के एक नोटिफिकेशन के मुताबिक जस्टिस कृष्णा मुरारी, एसआर भट्ट, वी रामासुब्रमण्यम और हृषिकेश रॉय देश की सबसे बड़ी अदालत के जज होंगे। ऐसे हम आपको इन चारों जजों से जुड़ी कुछ अहम बातें बताने जा रहे हैं।

1)- हृषिकेश रॉय
जस्टिस हृषिकेश रॉय का जन्म एक फरवरी, 1960 में हुआ। साल 1982 में उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के कैंपस लॉ सेंटर से कानून की डिग्री हासिल की। बीस साल से ज्यादा प्रेक्टिस के बाद 21 दिसंबर, 2004 को उन्हें गुवाहाटी हाईकोर्ट ने सीनियर एडवोकेट का दर्ज दिया। 29 मई, 2018 को गुवाहाटी हाईकोर्ट से तबादला कर उन्हें 15 जुलाई, 2008 तक केरल हाईकोर्ट का एक्टिंग चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया। 8 अगस्त, 2018 को उन्होंने केरल हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के रूप में शपथ ली। उल्लेखनीय है कि जस्टिस रॉय 12 अक्टूबर, 2006 को गुवाहाटी हाईकोर्ट के एडिशनल जज भी नियुक्त किए गए। बाद में 15 जुलाई, 2008 से नियमित जज के रूप में कार्यभार संभाला।

खास बात है कि जब वह मध्यस्थता निगरानी समिति के प्रमुख थे उन्होंने फिल्म शाको (ब्रिज) भी बनाई। यह फिल्म अभी भी मध्यस्थता कार्यक्रमों में एक प्रशिक्षण उपकरण के रूप में इस्तेमाल की जाती है। जस्सिट रॉय जब अरुणाचल प्रदेश लीगल सर्विस अथॉरिटी के प्रमुख रहे तब उनके नेतृत्व में शॉर्ट फिल्म ‘अपने अजनबी’ बनाई गई। यह फिल्म जातीय भेदभाव पर आधारित थी और इसमें यह दिखाने की कोशिश की गई कि कैसे ऐसे पीड़ितों की कानूनी मदद की जा सकती है।

2)- जस्टिस कृष्णा मुरारी
जस्टिस कृष्णा मुरारी को पहली बार सात जनवरी, 2004 को इलाहाबाद हाईकोर्ट का अतिरिक्त जज नियुक्त किया गया, और बाद में 18 अगस्त, 2005 को नियमित जज बनाया गया। जानना चाहिए कि 9 जुलाई, 1958 को जन्मे जस्टिस मुरारी ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से एलएलबी की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद 23 दिंसबर 1981 को एक वकील के रूप में उन्होंने अपना पंजीकरण कराया। उन्होंने करीब 22 सालों तक इलाहाबाद हाईकोर्ट में सिविल, संवैधानिक, कंपनी, सेवा और राजस्व मामलों में प्रेक्टिस की।

2 जून, 2018 को जस्टिस मुरारी को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया। वह उत्तर प्रदेश स्टेट यार्न कंपनी लिमिटेड (कानपुर), नोर्दन रेलवे प्राइमरी कोआपरेटिव बैंक लिमिटेड, यूपी स्टेट टैक्सटाइल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, कानपुर, यूपी कोआपरेटिव स्पाईनिंग मिल्स फेडरेशन लिमिटेड, कानपुर एंड बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी (झांसी) के कानूनी सलाहकार भी रहे।

3)- वी रामासुब्रमण्यम
जस्टिस वी रामासुब्रमण्यम का जन्म 30 जून, 1958 में हुआ। चेन्नई के विवेकानंद कॉलेज से उन्होंने बीएससी की। मद्रास लॉ कॉलेज से ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने बार के सदस्य के रूप में खुद का नामांकन कराया। मद्रास हाईकोर्ट, सिटी एंड स्माल कॉजेज कोर्ट, स्टेट कंजूमर फोरम, सेंटर एंड स्टेट एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल में करीब 23 साल प्रेक्टिस की। 31 जुलाई, 2006 को उन्हें मद्रास हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायधीश नियुक्तक किया गया और 9 नंवबर 2009 को इसी कोर्ट का नियमित जज नियुक्त किया गया।

4)- एसआर भट्ट
21 अक्टूबर, 1958 को मैसूर में जन्मे जस्टिस एस रविंद्र भट्ट ने बेंगलुरु और ग्वालियर में में पढ़ाई की। उन्होंने फरीदाबाद के सेंट्रल स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की। 1979 में दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज में अंग्रेजी ऑनर्स में बीए किया। 1982 में दिल्ली यूनिवर्सिटी के कैंपस लॉ सेंटर से एलएलबी किया। 1992 में ही उन्होंने दिल्ली बार काउंसिल में अपना पंजीकरण कराया। जस्टिस भट्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट से पहले विभिन्न न्यायिक मंचों पर प्रेक्टिस की। 16 जुलाई, 2004 को उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायधीश निययुक्त किया गया औक 20 फरवरी, 2006 को नियमित जज के रूप में नियुक्त हुए। इसके बाद 5 मई, 2019 को एसआर भट्ट को राजस्थान का चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया।

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