ताज़ा खबर
 

28 गोल्ड समेत 39 पदक बेमतलब, देश की पहली महिला दिव्यांग शूटर को बेचने पड़ रहे चिप्स, सरकार से नौकरी की गुहार

उत्तराखंड के देहरादून में भारत की पहली महिला दिव्यांग शूटर दिलराज कौर को आर्थिक तंगी के कारण सड़क के किनारे चिप्स बेचने पड़ रहे हैं।

दिलराज कौर को मजबूरी में सड़क किनारे चिप्स बेचने पड़ रहे हैं। (एएनआई)।

उत्तराखंड के देहरादून में भारत की पहली महिला दिव्यांग शूटर दिलराज कौर को आर्थिक तंगी के कारण सड़क के किनारे चिप्स बेचने पड़ रहे हैं। दिलराज कौर को 2005 में खेल में शुरुआत करने के बाद से 15 वर्षों में भारत की पहली अंतरराष्ट्रीय स्तर की पैरा निशानेबाजों में से एक के रूप में पहचाना जाने लगा था। हालांकि, अपने करियर के दौरान उन्होंने जो प्रशंसा हासिल की है, उससे उन्हें उनकी वर्तमान दुर्दशा दूर करने में कोई मदद नहीं मिली।

34 वर्षीय दिलराज अब देहरादून में गांधी पार्क के पास सड़क किनारे एक स्टॉल लगाकर बिस्कुट और चिप्स बेचती हैं। उन्होंने बताया, “मैंने सोचा था कि मेरे घर में कुछ रोशनी होगी क्योंकि मैंने भारत के लिए पदक जीते हैं लेकिन शायद ऐसा नहीं होना चाहिए। जब ​​देश की जरूरत थी तो मैं वहां थी, लेकिन अब जब मुझे जरूरत है तो कोई नहीं है।” एक समय में देश के सर्वश्रेष्ठ पैरा एयर पिस्टल निशानेबाजों में से एक माने जाने वाली दिलराज ने अपने करियर में दो दर्जन से अधिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खिताब जीते हैं। वह अपनी मां गुरबीत के साथ देहरादून में किराए के मकान में रहती हैं।

उन्होंने कहा, “हमारी आर्थिक स्थिति बहुत खराब है, यही वजह है कि हमें अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए बिस्कुट और चिप्स बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।” दिलराज ने कहा कि उन्हें उत्तराखंड के पैरा-शूटिंग समुदाय से कोई मदद नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि वह स्पोर्ट्स कोटे के आधार पर सरकारी नौकरी की मांग कर रही है। उन्होंने कहा, “मैंने कई बार खेलों में अपनी उपलब्धि के आधार पर नौकरी के लिए अपील की है, लेकिन कुछ नहीं हुआ।”

उन्होंने बताया, ”मैंने 2004 में शूटिंग शुरू की थी और 2017 तक मैंने राष्ट्रीय स्तर पर 28 गोल्ड , 8 सिल्वर और 3 कांस्य मेडल जीता है।” उन्होंने बताया कि मेरे पिता लंबी बीमारी के बाद नहीं रहे और जल्द भाई की भी मौत हुई है। सरकार से कहना है कि मेरी शैक्षिक योग्यता और खेल में मेरी उपलब्धियों के आधार पर मुझे नौकरी दी जाए। किसी ने भी मेरी बात आज तक नहीं सुनी। पहली महिला एथलीट होने का जो सम्मान मुझे मिलना चाहिए वो नहीं मिला।

Next Stories
1 कोरोना पर बोले सीएम योगी- मौत के आंकड़े छुपाना पाप, लेक‍िन हम लोगों का मनोबल बढ़ाएं या डराएं
2 कांग्रेस में खत्म नहीं हो रहा हाई-कमांड कल्चर! बोले सांसद- पंजाब में CM चेहरे पर ऊपर से होगा फैसला
3 जम्मू-कश्मीर के शोपिया इलाके में मुठभेड़, सुरक्षा बलों ने एक आतंकी को मार गिराया
ये पढ़ा क्या?
X