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वीडियो: तीन मिनट में दुश्मनों पर 15 गोले दाग सकती है ये तोप, के-9 वज्र, एम-777 होवित्जर सेना में शामिल

एम-777 होवित्जर तोप अमेरिका निर्मित हल्की गन है जबकि के-9 वज्र दक्षिण कोरिया निर्मित स्वचालित तोप हैं।

के-9 वज्र तोप की रेंज 28 से 38 किलोमीटर है। 155 मिलीमीटर के ये तोप 30 सेकेंड में तीन गोले दाग सकती है।

बोफोर्स तोप से भी ज्यादा ताकतवर ‘के- 9 वज्र और एम 777 होवित्जर तोप को भारतीय सेना में आज (शुक्रवार, 09 नवंबर) शामिल कर लिया गया। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत की मौजूदगी में नासिक के देवलाली तोपखाने में तीन तोपों को रक्षा बेड़े में शामिल किया गया। इससे पहले तोप से फायरिंग की गई। इस मौके पर रक्षा मंत्री ने कहा कि 30 साल बाद देश ने इस तरह की तोपों की खरीद की है। उन्होंने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने 2014 के बाद से सेना को और ताकतवर बनाने के उद्देश्य से ऐसी तोपों को खरीदने का फैसला किया है। बता दें कि बोफोर्स तोप के बाद यह पहली ऐसी तोप है जिसे शामिल कर सेना और ताकतवर हुई है। इससे पहले 1980 में बोफोर्स तोप की खरीद हुई थी। बोफोर्स तोप खरीद पर भले ही देश में हंगामा मचा हो लेकिन इस तोप ने पाकिस्तानी सेना को नाको-चने चबवा दिया था।

एम-777 होवित्जर तोप अमेरिका निर्मित हल्की गन है जबकि के-9 वज्र दक्षिण कोरिया निर्मित स्वचालित तोप हैं। के-9 वज्र तोप की रेंज 28 से 38 किलोमीटर है। 155 मिलीमीटर के ये तोप 30 सेकेंड में तीन गोले दाग सकती है। यानी तीन मिनट में 15 गोले दागकर दुश्मनों के दांत खट्टे कर सकती है। युद्ध की स्थिति में जरूरत पड़ने पर ये तोप लगातार एक घंटे तक आग उगल सकती है। इस दौरान 60 गोले दाग सकती है।

इतना ही नहीं ये तोप 67 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से रणक्षेत्र में दौड़ भी सकती है। केंद्र सरकार ने 100 के-9 वज्र तोप खरीद को मंजूरी थी। इनमें से 10 तोप की इस महीने के अंत तक डिलीवरी की जाएगी, जबकि बाकी 90 तोपें यहीं भारत में ही बनाई जाएंगी। यह पहली ऐसी तोप है जिसे दक्षिण कोरिया के सहयोग से भारत की एक निजी कंपनी लॉर्सन एंड टुब्रो ने बनाया है।

155 एमएम 777 होवित्जर की मारक क्षमता 24 से 40 किलोटमीटर तक है। यह 30 किलोमीटर के दायरे में दुश्मन के सभी ठिकानों को नेस्तानाबूद कर सकती है। इसका वजन मात्र साढ़े चार टन है। इसे हेलिकॉप्टर से भी उठाकर पहाड़ों पर तैनात किया जा सकता है। यानी दुर्गन स्थलों पर भी इस तोप की तैनाती की जा सकती है, जहां रोड या रेल से भी पहुंचना मुश्किल है। ये तोप एक मिनट में 2 राउंड से 5 राउंड तक फायर कर सकती है। एम 777 अल्ट्रा लाइट होवित्जर 72 डिग्री के एंगल तक गोला दाग सकती है।

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