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सीबीआई चीफ की दौड़ में हैं ये नाम, पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाला पैनल कल लगाएगा किसी एक पर मुहर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और देश के मुख्य न्यायाधीश सीबीआई चीफ को चुनने वाली समिति में शामिल हैं।

Author January 15, 2017 3:58 PM
देश के नए मुख्य न्यायाधीश जस्टिस जे एस खेहर के शपथ ग्रहण के बाद तस्वीर खिंचवाते राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पुराने सीजेआई जस्टिस ठाकुर एवं कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद। (फोटो-PTI)

देश की सर्वोच्च जांच एजेंसी केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के प्रमुख के चयन के लिए कल तीन सदस्यों की एक समिति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बैठक करेगी। सीबीआई निदेशक का पद दो दिसंबर को बिहार कैडर के आईपीएस अफसर अनिल सिन्हा के सेवानिवृत्त होने के बाद एक माह से अधिक समय से खाली पड़ा है। इस समय, गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी राकेश अस्थाना इस जांच एजेंसी के अंतरिम निदेशक हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे सीबीआई चीफ को चुनने वाली समिति का हिस्सा हैं। भारत के प्रधान न्यायाधीश या उनके द्वारा नामित कोई व्यक्ति भी इस समिति में होता है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि अगले सीबीआई निदेशक के लिए 45 योग्य आईपीएस अधिकारियों के नाम प्रधानमंत्री कार्यालय में भेजे गए हैं। इनमें बिहार कैडर के आईपीएस अफसर कृष्णा चौधरी, अरूण बहुगुणा और एस सी माथुर जैसे वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नाम शामिल हैं।

चौधरी और बहुगुणा वर्ष 1979 बैच के क्रमश: बिहार और तेलंगाना कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। चौधरी फिलहाल इंडो-तिब्बतन बॉर्डर पुलिस बल के महानिदेशक हैं जबकि बहुगुणा हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी के निदेशक हैं। माथुर वर्ष 1981 बैच के महाराष्ट्र कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। वह महाराष्ट्र राज्य पुलिस आवास एवं कल्याण निगम लिमिटेड के साथ काम कर रहे हैं।

गौरतलब है कि राकेश अस्थाना को सीबीआई का अंतरिम चीफ बनाए जाने पर स्वराज्य अभियान के नेता और वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने एनजीओ कॉमन कॉज की तरफ से एक जनहित याचिका दायर कर उनकी नियुक्ति को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। याचिका में कहा गया है कि केन्द्र सरकार ने जानूझकर गुजरात कैडर के अफसर की नियुक्ति की है जबकि जिस अफसर की नियुक्ति होनी थी उसे दो दिन पहले ही किसी दूसरे पद पर ट्रांसफर कर दिया गया। सीबीआई डायरेक्टर की नियुक्ति पीएम, नेता विपक्ष और CJI करते हैं लेकिन यहां ऐसा नहीं किया गया, जिससे साफ है कि इस नियुक्ति में सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का पालन नहीं किया गया। इसलिए इस नियुक्ति को रद्द किया जाए। 2 दिसंबर को ही केन्द्र सरकार ने अस्थाना को सीबीआई का अंतरिम निदेशक नियुक्त किया था। अस्थाना ने अनिल सिन्हा का स्थान लिया जो 2 दिसंबर को ही रिटायर हो गए।

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