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जेहादी संगठनों में शामिल होने की मंशा रखने वाले तीन भाई पुलिस की गिरफ्त में

आतंकवादी संगठनों में शामिल होने की योजना बना रहे हैदराबाद के तीन भाइयों को शनिवार को नागपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उस वक्त पकड़ा गया जब वे श्रीनगर जा रहे थे..

Author नागपुर/हैदराबाद | December 27, 2015 2:50 AM
फुटबाल प्रेमी और एक अच्छा छात्र रहे जैक ने अपने माता-पिता के साथ बातचीत में स्वीकार किया कि वह सितंबर, 2014 में सीरिया में आईएसआईएस के साथ जुड़ गया।

आतंकवादी संगठनों में शामिल होने की योजना बना रहे हैदराबाद के तीन भाइयों को शनिवार को नागपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उस वक्त पकड़ा गया जब वे श्रीनगर जा रहे थे। आतंकवादी संगठन आइएस की ओर से इंटरनेट पर चलाए जा रहे ‘प्रचार अभियान’ से प्रभावित होने के संदेह में उन पर पिछले कई महीने से नजर रखी जा रही थी। इससे पहले, खबरों में कहा गया था कि खूंखार आतंकवादी संगठन में शामिल होने की योजना बनाने के कारण तीनों को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस ने बताया कि महाराष्ट्र के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) और तेलंगाना पुलिस के एक संयुक्त अभियान में तीनों को हवाई अड्डे से उस वक्त पकड़ा गया जब शुक्रवार को वे हैदराबाद से नागपुर आने के बाद शनिवार सुबह श्रीनगर जाने वाले विमान में सवार होने की कोशिश कर रहे थे। इन तीनों की उम्र 20 से 30 साल के बीच है। पुलिस इससे पहले उन्हें उस वक्त परामर्श देने का काम कर चुकी थी जब उन्हें कथित तौर पर आइएस में शामिल होने की योजना बनाते पकड़ा गया था और उस वक्त से ही उन पर नजर रखी जा रही थी।

तेलंगाना पुलिस के एक वरिष्ठ खुफिया अधिकारी ने बताया, ‘वे जेहादी मानसिकता के हैं। लेकिन आइएस से अब तक उनका कोई नाता नहीं है। हम किसी ऐसी चीज के बारे में नहीं जानते हैं जिससे लगे कि वे आइएस के लोगों के संपर्क में थे’।

अधिकारी ने कहा, ‘तीनों श्रीनगर पहुंचना चाहते थे और वहां से वे किसी आतंकवादी संगठन में शामिल होने की संभावनाओं पर विचार करना चाहते थे। उनके पास कोई पूरी तरह से तैयार योजना नहीं थी लेकिन वे किसी जेहादी आतंकवादी संगठन में शामिल होने की संभावनाएं तलाशना चाह रहे थे’।

पकड़े गए तीनों युवक छात्र हैं और पहले भी उन्हें पुलिस की ओर से परामर्श दिया जा चुका था और समझाया-बुझाया गया था। उन पर नजर भी रखी जा रही थी। करीब दो दिन पहले, वे अपने घरों से भाग गए। इसकी सूचना उनके परिवार के लोगों ने ही पुलिस को दी थी। हैदराबाद पुलिस की विशेष शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने नागपुर में उनका पता लगाकर महाराष्ट्र एटीएस को उनके बारे में सतर्क किया। इसके बाद उन्हें उठा लिया गया।

तीनों के आइएस में शामिल होने की योजना बनाने की खबरों के बारे में अधिकारी ने कहा, ‘‘हमारी सूचना के मुताबिक, उनकी ऐसी कोई योजना नहीं है। बहरहाल, यदि उनके दिमाग में ऐसी कोई बात है तो हमें इसका पता लगाने की जरूरत है’।

पिछले साल, वे आइएस की ओर से इंटरनेट पर किए जा रहे प्रचार के प्रति आकर्षित हो गए थे और जब पुलिस को इस बारे में पता चला तो उन्हें पकड़ लिया गया और समझाया-बुझाया गया, जिसके बाद उन्होंने गतिविधियां बंद कर दी थी। अधिकारी ने कहा, ‘तीनों को हैदराबाद वापस लाया जा रहा है। एक बार हम उन्हें हैदराबाद ले आएं तो हम उन्हें उनकी योजना पर लगाने के मकसद से पूछताछ करेंगे। उनसे पूछताछ के बाद ही हमें पता चल सकेगा कि क्या उनकी मंशा (आइएस) या किसी अन्य आतंकवादी संगठन में शामिल होने के अलावा कुछ और थी। फिर हम उसी हिसाब से कार्रवाई करेंगे’।

तीनों की गिरफ्तारी की खबर के बाबत उन्होंने कहा, ‘तीनों के खिलाफ कोई मुकदमा नहीं है और उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया है। उन्हें सिर्फ उठाया गया है’। पकड़े गए तीनों युवक प्रतिबंधित संगठन स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के अध्यक्ष रहे सैयद सलाहुद्दीन से जुड़े थे। पिछले साल अक्तूबर में तेलंगाना में हुए एक कार हादसे में सलाहुद्दीन की मौत हुई थी।

हाल ही में मुंबई के मलवानी इलाके से चार युवक कथित तौर पर आइएस की विचारधारा के प्रभाव में आकर ‘लापता’ हो गए थे। उनमें से दो युवक घर लौट आए, जबकि दो का अब तक कोई पता नहीं है। इसके अलावा, पुणे की एक 16 साल की लड़की से भी इस महीने के शुरू में एटीएस अधिकारियों ने पूछताछ की थी। इस लड़की के दिमाग में कथित तौर पर विदेश में मौजूद आइएस से जुड़े कुछ लोगों ने कट्टरपंथी भावनाएं भर दी थीं और उसे सीरिया जाने के लिए मानसिक तौर पर तैयार किया जा रहा था। पिछले साल मई में महाराष्ट्र के ठाणे जिले के कल्याण इलाके के चार युवक आइएस में शामिल होने के लिए सीरिया गए थे। उनमें से एक अरीब मजीद नाम का युवक लौट आया था और वह अभी एनआइए की हिरासत में है जबकि अन्य तीन के बारे में कुछ पता नहीं चल सका है।

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