2G verdict: A raja submits historical verdict at DMK Supremo Karunanidhi feet, taken credit to bring fb, twitter, whatsapp - 2जी: राजा ने करुणानिधि के चरणों में अर्पित किया फैसला, देश में एफबी-ट्विटर लाने का लिया क्रेडिट - Jansatta
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2जी: राजा ने करुणानिधि के चरणों में अर्पित किया फैसला, देश में एफबी-ट्विटर लाने का लिया क्रेडिट

दिल्ली की सीबीआई कोर्ट ने गुरुवार (21 दिसंबर) को 1.76 लाख करोड़ रुपये के 2जी घोटाले के सभी आरोपियों को बरी कर दिया था।

राजा ने लिखा है कि जिस नेता ने देश में तकनीकि क्रांति लाई उसे ही जेल भेज दिया गया। (फोटो- PTI)

2जी घोटाले में सीबीआई की विशेष अदालत से बरी होने के बाद पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा ने शुक्रवार (22 दिसंबर) को द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) सुप्रीमो करुणानिधि को पत्र लिखकर धन्यवाद दिया है और कहा है कि आपने हमेशा मेरा बचाव किया है। पत्र में राजा ने लिखा है, “आप हमारे रक्षक रहे हैं और मैं इस ऐतिहासिक फैसले को आपके चरणों में समर्पित करता हूं। आपने इस समय अंतराल में हमेशा मेरा बचाव किया है और एक ढाल बनकर हमेशा हमारे साथ खड़े रहे हैं।” राजा ने उन आशंकाओं के बारे में भी लिखा कि किसने डीएमके नेताओं को बदनाम करने के लिए यह षडयंत्र रचा है।

राजा ने लिखा है, “जिस किसी ने भी हमारी छवि को धूमिल और बर्बाद करने की असफल कोशिश की है, उसे थोड़े समय के लिए भले ही छोटी सफलता मिल गई हो मगर वह कभी भी पूरी तरह से कामयाब नहीं हो सकता है।” राजा ने लिखा है कि जिस नेता ने इस देश में तकनीकि क्रांति लाई, लोगों के जीने का अंदाज बदल दिया, उसे ही जेल भेज दिया गया। उन्होंने लिखा, “हमने आईटी सेक्टर में क्रांति लाई, फेसबुक, ट्विटर, व्हाटसअप जैसी तकनीकि सेवाएं लोगों को मुहैया कराईं लेकिन इसे गलत ठहराकर हमें जेल भेज दिया गया। इन क्रांति और इसके फायदों पर किसी की नजर नहीं गई। यह केवल इसी देश में हो सकता है।”

बता दें कि दिल्ली की सीबीआई कोर्ट ने गुरुवार (21 दिसंबर) को 1.76 लाख करोड़ रुपये के 2जी घोटाले के सभी आरोपियों को बरी कर दिया था। मनमोहन सिंह की यूपीए सरकार के समय स्‍पेक्‍ट्रम आवंटन में 1.76 लाख करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होने की बात तत्कालीन सीएजी विनोद राय ने उठाई थी। तब विपक्ष ने इसे घोटाला कहा था। इसमें पूर्व दूरसंचार मंत्री ए. राजा और द्रमुक सांसद कनीमोई के अलावा अन्‍य को भी आरोपी बनाया गया था। आरोपियों के खिलाफ सीबीआई के साथ ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी मामला दर्ज किया था। सीबीआई की चार्जशीट पर विशेष अदालत ने वर्ष 2011 में मामले के 17 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए थे।

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