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डेविड हेडली की गवाही- लश्‍कर की आत्‍मघाती आतंकी थी इशरत जहां, गुजरात पुलिस ने किया था एनकाउंटर

मुंबई हमले के केस में हेडली सरकारी गवाह बन चुका है। 11 फरवरी को उसकी गवाही का तीसरा दिन है।

इशरत जहां को गुजरात पुलिस ने मुठभेड़ में साल 2004 में मार था।

मुंबई हमलों के आरोपी डेविड हेडली ने गुरुवार को गवाही में बताया कि इशरत जहां लश्‍कर-ए-तैयबा की आत्‍मघाती हमलावर थी। इशरत जहां का गुजरात में एनकाउंटर हो गया था। सरकारी वकील उज्‍जवल निकम ने गवाही के दौरान हेडली को तीन नाम बताए। उन्‍होंने इनमें से लश्‍कर के फिदायीन आतंकी का नाम बताने को कहा। हेडली ने इशरत जहां का नाम लिया। बता दें कि इशरत जहां के एनकाउंटर पर काफी विवाद हुआ था। गुजरात पुलिस पर फेक एनकाउंटर का आरोप भी लगा था। गुजरात पुलिस का कहना था कि इशरत जहां अपने अन्‍य साथियों के साथ तत्‍कालीन गुजरात सीएम नरेन्‍द्र मोदी को निशाना बनाने के लिए आ रही थी।

हेडली मुंबई हमले के मामले में सरकारी गवाह बन चुका है। 11 फरवरी को उसकी गवाही का तीसरा दिन है। 10 फरवरी को तकनीकी खराबी के चलते गवाही टाल दी गई थी। उसकी गवाही अमेरिका से वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग के जरिए ली जा रही है। उसने गुरुवार को बताया कि आईएसआई, पाकिस्‍तानी सेना के एक मेजर और एक अन्‍य आरोपी तहव्‍वुर राणा ने पैसे दिए थे। उसने बताया कि राणा ने उसे 11 अक्‍टूबर 2006 को उसे 67,605 रुपये, सात नवंबर 2006 को 500 डॉलर, कुछ दिन बाद 17,636 रुपये और 4 दिसंबर 2006 को 1000 डॉलर मिले। जिस समय ये पैसे मिले उस समय वह मुंबई में था।

हेडली के अनुसार पाकिसतान में रहने के दौरान उसे आईएसआई के मेजर इकबाल ने 25 हजार डॉलर दिए। इसके बाद अप्रैल और जून 2008 में क्रमश: 2000 और 1500 रुपये दिए। उसे कई बार जाली नोट भी दिए गए।

इससे पहले हेडली ने दूसरे दिन गवाही देते हुए कहा था कि लश्कर-ए-तैयबा ने यहां ताज होटल में भारतीय रक्षा वैज्ञानिकों पर हमला बोलने की योजना बनाई थी। हेडली ने यह भी कहा कि पाकिस्तान की आईएसआई ने उसे कहा था कि वह उनके लिए जासूसी करने के लिए भारतीय सैन्यकर्मियों को नियुक्त करे। हेडली ने कहा कि भारत में आतंकी हमलों के लिए मुख्य रूप से लश्कर-ए-तैयबा जिम्मेदार है और यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि सभी आदेश इसके शीर्ष कमांडर जकी-उर-रहमान लखवी की ओर से आए।

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