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उत्तरपूर्वी राज्यों में 250 फीसद तक बढ़े मानव तस्करी के मामले

2015 में मानव तस्करी के कुल 1,539 मामले दर्ज किये गये थे।

Author नई दिल्ली | December 18, 2016 21:31 pm
चित्र का इस्तेमाल सिर्फ़ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।

देश के उत्तरपूर्वी राज्यों में पिछले साल की तुलना में इस साल मानव तस्करी के मामलों में 250 प्रतिशत की बढ़ोतरी आई है। इसमें से ज्यादातर मामले असम राज्य में पाये गये हैं। अधिकारी ने बताया कि 2015 में मानव तस्करी के कुल 1,539 मामले दर्ज किये गये थे। इसमें से असम में 1,494 मामले, मेघालय में 20, त्रिपुरा में 16, नागालैंड में छह और अरुणाचल प्रदेश में तीन मामले दर्ज किये गये। इससे पहले साल 2014 के दौरान इन आठ राज्यों में मानव तस्करी के कुल 435 मामले दर्ज किये गये थे, जबकि इससे पहले 2013 में मात्र 186 मामले पाये गये थे। अधिकारी ने बताया 2014 के दौरान मानव तस्करी के कुल 435 मामलों में से असम में करीब 93.5 प्रतिशत अथवा 407 मामले पाये गये। इसके अलावा 17 मामले मेघालय में, नागालैंड में चार, अरुणाचल प्रदेश में दो और मणिपुर में मानव तस्करी के तीन मामले दर्ज किये गये।

अधिकारी ने बताया कि 2013 में भी असम मानव तस्करी के मामले में सबसे आगे रहा। इस दौरान कुल 186 मामले में 149 मामले असम में दर्ज किये गये। उल्लेखनीय है कि पुलिस राज्य सरकार के अधीन कार्य करती है और मानव तस्करी के मामले दर्ज करना, जांच करना और इस प्रकार के अपराधों की रोकथाम भी राज्य सरकार के अधीन कार्य हैं। हालांकि केन्द्र सरकार ने भी इस प्रकार के खतरों से निबटने के लिए बहुआयामी रणनीति बनायी है। अधिकारी ने बताया कि इसके अलावा उत्तर पूर्वी राज्यों में मानव तस्करी रोकने के लिए मानव तस्करी-रोधी इकाइयों गठित की गयी हैं।

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