ताज़ा खबर
 

सामान्य वर्ग को आरक्षण: सरकार का ऐलान- उच्च शिक्षा संस्थानों और विश्वविद्यालयों में बढ़ाई जाएंगी 25 पर्सेंट सीटें

शिक्षण सत्र 2019-2020 से ही आरक्षण लागू हो जाएगा। करीब 25 प्रतिशत सीटें बढ़ाई जाएंगी ताकि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा अन्य श्रेणियों के तहत मौजूदा कोटा प्रभावित नहीं हो।

Author Published on: January 15, 2019 10:14 PM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट ने आर्थिक तौर पर कमजोर सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण दिए जाने का फैसला किया है। (पीटीआई फाइल फोटो)

मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने मंगलवार को ऐलान किया कि वह शिक्षण सत्र 2019-20 से सामान्य श्रेणी के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण को लागू करेगा और देशभर में उच्च शिक्षा संस्थानों तथा विश्वविद्यालयों में करीब 25 प्रतिशत सीटें बढ़ाएगा।
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि मंत्रालय, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के अधिकारियों की बैठक में यह फैसला किया गया।

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘शिक्षण सत्र 2019-2020 से ही आरक्षण लागू हो जाएगा। करीब 25 प्रतिशत सीटें बढ़ाई जाएंगी ताकि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा अन्य श्रेणियों के तहत मौजूदा कोटा प्रभावित नहीं हो।’’ जावड़ेकर ने कहा, ‘‘तौरतरीकों पर काम हो रहा है और एक सप्ताह के भीतर हम बढ़ाई जाने वाली सीटों की सही-सही संख्या बता सकेंगे।’’ उन्होंने यह भी कहा कि निजी विश्वविद्यालय भी आरक्षण लागू करने के लिए तैयार हैं।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सामान्य श्रेणी के आर्थिक रूप से कमजोर तबके को सरकारी नौकरियों एवं शिक्षा में 10 फीसदी आरक्षण देने संबंधी विशेष प्रावधान को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय की ओर से शनिवार (12 जनवरी) को जारी अधिसूचना में कहा गया कि संविधान (103वां संशोधन) अधिनियम, 2019 को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई है।

संविधान (103वां संशोधन) अधिनियम के जरिए संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 में संशोधन किया गया है। इसके जरिए एक प्रावधान जोड़ा गया है जो राज्य को ‘‘नागरिकों के आर्थिक रूप से कमजोर किसी तबके की तरक्की के लिए विशेष प्रावधान करने की अनुमति देता है।’’ यह ‘‘विशेष प्रावधान’’ निजी शैक्षणिक संस्थानों सहित शिक्षण संस्थानों, चाहे सरकार द्वारा सहायता प्राप्त हो या न हो, में उनके दाखिले से जुड़ा है। हालांकि यह प्रावधान अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों पर लागू नहीं होगा।

इसमें यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह आरक्षण मौजूदा आरक्षणों के अतिरिक्त होगा और हर श्रेणी में कुल सीटों की अधिकतम 10 फीसदी सीटों पर निर्भर होगा। इससे जुड़ा विधेयक नौ जनवरी को संसद से पारित किया गया था। अधिसूचना के मुताबिक, इस अनुच्छेद और अनुच्छेद 16 के उद्देश्यों के लिए ‘आर्थिक रूप से कमजोर तबके’ वे होंगे जिन्हें सरकार समय-समय पर पारिवारिक आय और प्रतिकूल आर्थिक स्थिति के अन्य मानकों के आधार पर अधिसूचित करेगी।

अनुच्छेद 16 के संशोधन में कहा गया, ‘‘इस अनुच्छेद में कोई भी चीज राज्य को धारा (4) में शामिल वर्गों के अलावा नागरिकों के आर्थिक रूप से कमजोर तबकों के पक्ष में नियुक्तियों या पदों के आरक्षण के लिए कोई प्रावधान करने से नहीं रोकेगा।’’ यह मौजूदा आरक्षण के अतिरिक्त होगा और हर श्रेणी में अधिकतम 10 फीसदी पदों पर निर्भर करेगा।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 Indian Railways: यात्रियों के लिए खुशखबरी, हर रेलवे डिविजन में मार्च तक बनेगा एक ‘मॉडल स्टेशन’, जानें खासियत
2 ईसाई संगठन के कार्यक्रम में राजनाथ ने जताई धर्मांतरण पर चिंता, पूछा- हम नंबर बढ़ाने के चक्कर में क्यों पड़े हैं?
3 VIDEO: बीएसपी प्रमुख मायावती का बर्थडे, अमरोहा में केक लूट ले गए समर्थक