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सड़क किनारे शौच करने पर दबंगों ने दलित को लात-जूते और लाठी-डंडों से पीटा, हो गई मौत; बचाने पहुंची बहन को दुधमुंहे बच्चे समेत फेंका

जांच कर रहे एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, जहां दलित युवक पर हमला हुआ, वह गांव उत्तरी तमिलनाडु में सामाजिक रूप से शक्तिशाली वनियार्स (ओबीसी) समुदाय का गढ़ है। ये समुदाय दलितों के खिलाफ आग उगलता रहा है।

Edited By प्रमोद प्रवीण नई दिल्ली | Updated: February 16, 2020 8:10 AM
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो का स्क्रीनशॉट।

तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई से सटे विल्लुपुरम में एक पेट्रोल पंप पर काम करने वाले एक दलित युवक को दबंगों ने न केवल सड़क किनारे शौच करने से मना कर दिया बल्कि उसकी मॉब लिंचिंग कर लात-जूतों और लाठी-डंडों से इतनी पिटाई की कि उसकी मौत हो गई। 24 वर्षीय दलित युवक के साथ बुधवार को हुई इस घटना का वीडियो जल्द ही इलाके में सर्कुलेट होने लगा। इसके बाद पुलिस के अधिकारियों ने मामले में कार्रवाई करते हुए सात लोगों को गिरफ्तार किया। फिलहाल मामले की छानबीन चल रही है। जांच कर रहे एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, जहां दलित युवक पर हमला हुआ, वह गांव उत्तरी तमिलनाडु में सामाजिक रूप से शक्तिशाली वनियार्स (ओबीसी) समुदाय का गढ़ है। ये समुदाय दलितों के खिलाफ आग उगलता रहा है।

पुलिस के मुताबिक मृतक युवक शक्तिवेल दलित समुदाय के आदि द्रविड़ समुदाय से तालल्लुक रखता था। मृतक की बहन आर थिवन्नी ने द संडे एक्सप्रेस से बातचीत में आरोप लगाया है कि उसके भाई की मॉब लिंचिंग और हत्या सिर्फ दलित होने की वजह से की गई है।

थिवन्नी ने बताया, “मंगलवार को वह (शक्तिवेल) पेट्रोल पंप पर नाइट ड्यूटी पर था और बुधवार सुबह घर पहुंचा। बाद में, उसे उसके साथी का एक फोन आया, जिसमें उन्होंने अपने आधार कार्ड और कुछ आधिकारिक सत्यापन के लिए एक फोटो के साथ आने के लिए कहा था। जब वो दोपहर 1.30 बजे घर से बाहर निकला, तो देखा कि उसके दोपहिया वाहन में केवल थोड़ा पेट्रोल था।” उसके घर से पेट्रोल पंप की दूरी 27 किलोमीटर थी।

थिवन्नी ने बताया कि शक्तिवेल ने तब कहा था कि वो थोड़ी दूर तक गाड़ी को धक्के देकर ले जाएगा। फिर उसका दोस्त बोतल में पेट्रोल लेकर आएगा। उसने उसे फोन कर दिया है लेकिन थोड़ी दूर जाने के बाद ही उसके पेट में दर्द होने लगा। इसके बाद वह शौच के लिए सड़क किनारे बैठ गया। थिवन्नी ने बताया कि थोड़ी देर बाद उसका फोन आया और तब उसने फौरन पूछा कि वह ऑफिस पहुंच गया लेकिन उधर से दूसरे की आवाज थी। बतौर थिवन्नी, फोन करने वाले शख्स ने कहा कि उनलोगों ने शक्तिवेल को बांध कर अपनी कस्टडी में रखा है, उसे लेने बुथूर हिल्स आ जाओ।

थिवन्नी ने बताया कि जब वो अपने एक रिश्तेदार की मदद से स्कूटर पर अपने छह माह के बच्चे के साथ वहां पहुंची तो देखा कि उसका भाई खून से लथपथ है। उसे 15-20 लोगों ने घेर रखा है। थिवन्नी ने कहा, “मुझे देखते है वो लोग मेरे भाई को फिर से लात, जूतों, लाठी, डंडों से पीटने लगे। जब मैंने जान बचाने की भीख मांगी तो उनलोगों ने मेरे दुधमुंहे बच्चे को फेंक दिया और मुझे भी लात मारी।”

घटनास्थल पर पुलिस करीब दो घंटे बाद पहुंची। जब वे लोग शक्तिवेल को लेकर घर पहुंचे और स्कूटर रोकी तो शक्तिवेल गिर पड़ा। इसके बाद अस्पताल लेकर पहुंचे तो डॉक्टरों ने कहा कि उसकी मौत हो चुकी है।

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