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अनिल अंबानी की मुश्किल और बढ़ी, कर्ज वसूली के लिए एक दर्जन देनदारों ने कसा शिकंजा

कोर्ट का रुख करने वाले कर्जदाताओं में से कम से कम 11 कंपनियों ने एनसीएलटी के जरिए अनिल की कंपनियों के साथ या तो विवाद सुलझा लिया है या सुलझाने की प्रक्रिया में हैं।

Author October 26, 2018 9:12 AM
अनिल अंबानी घिरे मुश्किलों में। (express photo)

खुशबू नारायण, मुंबई

कारोबारी अनिल अंबानी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। उनकी दो कंपनियों रिलायंस कम्यूनिकेशन और रिलायंस टेलिकॉम से कर्ज वसूलने के लिए कम से कम 24 कर्जदाताओं ने मुंबई में नैशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की विभिन्न बेंचों का रुख किया है। ट्रिब्यूनल के रिकॉर्ड्स से इस बात की जानकारी मिली है। कोर्ट का रुख करने वाले कर्जदाताओं में से कम से कम 11 कंपनियों ने एनसीएलटी के जरिए अनिल की कंपनियों के साथ या तो विवाद सुलझा लिया है या सुलझाने की प्रक्रिया में हैं। बाकी 13 कंपनियों का आरकॉम और रिलायंस टेलिकॉम के साथ जुड़े विवाद का हल अभी निकलना बाकी है।

कर्ज वसूली के मकसद से रिलायंस कम्यूनिकेशन और रिलायंस टेलिकॉम के खिलाफ एनसीएलटी जाने वाले ऑपरेशनल क्रेडिटर्स में पेटीएम की पैरंट कंपनी वन97 कम्यूनिकेशंस, लॉजिस्टिक फर्म गति लिमिटेड, एसेंड टेलिकॉम इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड, बैंगलोर इंटरनैशनल एयरपोर्ट लिमिटेड, हैंडीगो टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड, लक्ष्य मीडिया लिमिटेड, वालॉप एडवर्टजाइिंग प्राइवेट लिमिटेड, इवॉल्व टेक्नॉलजीज, नव्या इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड और अभीटेक एनर्जीकॉन लिमिटेड आदि शामिल हैं। कर्जदाताओं ने रिलायंस की दोनों कंपनियों से कुछ लाख रुपये से लेकर करोड़ों रुपये तक के बकाया वसूले जाने की मांग की है। मसलन, वन97 कम्यूनिकेशंस ने 20 करोड़ रुपये की वसूली की मांग की है। इस मामले पर जब अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस ग्रुप की प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई तो उन्होंने किसी टिप्पणी से इनकार कर दिया।

बता दें कि इसी हफ्ते सुप्रीम कोर्ट ने रिलायंस कम्यूनिकेशंस को कहा है कि वह 15 दिसंबर तक स्वीडिश टेलिकॉम उपकरण बनाने वाली कंपनी एरिक्सन इंडिया के 550 करोड़ रुपये का भुगतान करे। जस्टिस आर नरिमन की बेंच ने रिलायंस की कंपनी को और ज्यादा वक्त देते हुए यह साफ कर दिया था कि यह आखिरी मौका दिया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने एरिक्सन को साफ कर दिया कि अगर 15 दिसंबर तक उनका भुगतान नहीं किया जाता तो आरकॉम के खिलाफ अवमानना की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

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