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cowin.gov.in Vaccine Update: कोरोना टीका के ल‍िए 22 करोड़ रजिस्ट्रेशन, 18 करोड़ से ज्‍यादा को लगी कोव‍िशील्‍ड या कोवैक्‍सीन

भारत में कोव‍िशील्‍ड के टीकाकरण की रफ्तार कोवैक्‍सीन अपेक्षा काफी ज्यादा है। अभी तक सबसे ज्यादा वैक्सीन 45-60 साल आयु वर्ग के लोगों को मिली है। सबसे कम 18-30 साल के लोगों का टीकाकरण भारत में हुआ है।

भारत में कोरोना टीकों की पहुंच असमान और अपर्याप्त है। जाहिर तौर पर इसका असर कोरोना संकट से उबरने की रफ्तार पर पड़ेगा।

सरकार के नेशनल कोविन डेटा के मुताबिक कोरोना टीके के लिए अभी तक 22 करोड़ रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। अभी तक 18 करोड़ 36 लाख 37 हजार लोगों को कोव‍िशील्‍ड या कोवैक्‍सीन की डोज दी जा चुकी है। 14 करोड़ 30 लाख लोगों को टीके की पहली खुराक मिल चुकी है जबकि 4 करोड़ 7 लाख को दूसरी डोज मिल चुकी है।

डेटा के अनुसार- कुल 21 करोड़ 70 लाख 63 हजार 635 लोगों ने अब तक अपना रजिस्ट्रेशन वैक्सीन के लिए कराया है। इनमें 18-44 साल के बीच के लोगों का आंकड़ा 7 करोड़ 85 लाख 70 हजार है जबकि 45 पार के 13 करोड़ 84 लाख 93 हजार लोगों ने अपना पंजीकरण कराया है। इनमें से केवल सोमवार को ही कुल 20 लाख 13 हजार 841 लोगों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया है।

डेटा बताता है कि महिला व पुरुषों में टीकाकरण की रफ्तार एक जैसी है। भारत में कोव‍िशील्‍ड के टीकाकरण की रफ्तार कोवैक्‍सीन अपेक्षा काफी ज्यादा है। अभी तक सबसे ज्यादा वैक्सीन 45-60 साल आयु वर्ग के लोगों को मिली है। सबसे कम 18-30 साल के लोगों का टीकाकरण भारत में हुआ है। आंकड़े बताते हैं कि 60 साल केस ऊपर के लोगों का टीकाकरण भी काफी तेजी से हो रहा है। बड़े सूबों में दूसरी डोज अन्य राज्यों की अपेक्षा ज्यादा तेजी से मिल रही है।

राज्यों की बात करें तो सबसे ज्यादा टीकाकरण महाराष्ट्र में हुआ है। यहां अब तक 2 करोड़ से ज्यादा लोगों को वैक्सीन मिल चुकी है। गुजरात में कुल 1 करोड़ 50 लाख, कर्नाटक में 1 करोड़ 15 लाख, राजस्थान में 1 करोड़ 54 लाख, उत्तर प्रदेश में 1 करोड़ 52 लाख लोगों को वैक्सीन लग चुकी है। प. बंगाल में 1 करोड़ 27 लाख, एमपी में 92 लाख, केरल में 85 लाख, तमिलनाडु में 71 लाख, ओडिशा में 67 लाख, तेलंगाना में 55 लाख, दिल्ली में 47 लाख लोगों को टीका लग चुका है। बिहार के 91 लाख, छत्तीसगढ़ के 61 लाख और असम के 34 लाख लोग टीके की डोज ले चुके हैं।

भारत में कोरोना से लड़ाई में सरकार ने वैक्सीन लगाने का काम मौजूदा साल की शुरुआत में ही शुरू कर दिया था। 1 मई से 18 साल के लोगों को भी टीका लगाने का ऐलान सरकार ने किया था। लेकिन टीके की कमी के चलते इसमें अवरोध पैदा हुआ। फिलहाल भारत में कोव‍िशील्‍ड, कोवैक्‍सीन के साथ रूस की स्पूतनिक वैक्सीन लांच हो चुकी है।

कोरोना की मार को देखते हुए सरकार कई अन्य वैक्सीन कंपनियों से बात कर रही है। इस बीच मोदी सरकार को अपनी उस नीति के कारण भी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है जिसमें टीके की अलग-अलग कीमत तय की गई हैं। केंद्र को जहां टीका 150 की दर से मिल रहा है वहीं राज्यों को 400 तो निजी क्षेत्र को 12 की दर से मिल रहा है। कीमते ज्यादा होने के बावजूद राज्यों को पर्याप्त डोज नहीं मिल पा रही हैं।

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