ताज़ा खबर
 

2008 मुंबई हमले का दोषी तहव्‍वुर राणा लाया जाएगा भारत, हुई थी 14 साल जेल की सजा

पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए- तैयबा के 10 आतंकवादियों द्वारा किए हमले में अमेरिकी नागरिकों सहित करीब 166 लोगों की जान गई थी।

Author January 14, 2019 2:25 PM
तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (एक्सप्रेस आर्काइव फोटो)

मुंबई में 2008 में हुए आतंकवादी हमले की साजिश के मामले में अमेरिका में 14 साल की सजा काट रहे तहव्वुर राणा को भारत लाने की ‘प्रबल संभावना’ है। यह जानकारी एक सूत्र ने दी। भारतीय सरकार, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के प्रशासन के ‘पूरे सहयोग’ के साथ पाकिस्तानी कैनेडियाई नागरिक के प्रत्यर्पण के लिए आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी कर रही है। राणा की जेल की सजा दिसंबर 2021 में पूरी होगी।

मुंबई 26/11 हमले की साजिश के मामले में उसे 2009 में गिरफ्तार किया गया था। पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए- तैयबा के 10 आतंकवादियों द्वारा किए हमले में अमेरिकी नागरिकों सहित करीब 166 लोगों की जान गई थी। पुलिस ने नौ आतंकवादियों को मौके पर मार गिराया था। जिंदा गिरफ्तार किए गए आतंकवादी अजमल कसाब को बाद में फांसी दी गई थी।

राणा को 2013 में 14 साल की सजा सुनाई गई थी। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, उसे दिसंबर 2021 में रिहा किया जाएगा। मामले की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, “सजा के बाद राणा को भारत भेजे जाने की ‘प्रबल संभावना’ है।’’ हालांकि, सूत्र ने बताया कि इस संबंध में जरूरी कागजी कार्रवाई और जटिल प्रक्रिया को पूरा करना एक ‘चुनौती’ है।

भारत का विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय तथा कानून एवं विधि मंत्रालय और अमेरिकी विदेश मंत्रालय और न्याय मंत्रालय सभी की अपनी प्रत्यर्पण प्रक्रिया है। उसने कहा कि जब प्रत्यर्पण की बात आती है तो वे अपनी प्रक्रिया को ना धीमा करना चाहते हैं और ना ही तेज करना चाहते हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) प्रक्रिया की समय-सीमा और नौकरशाही संबंधी औपचारिकताओं को कम करने के लिए अपने अमेरिकी समकक्षों से सीधे सम्पर्क कर सकती है।

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार राणा का प्रत्यर्पण दोनों देशों के बीच रिश्ते मजबूत करेगा, आतंकवाद विरोधी सहयोग को बढ़ावा देगा और भारतीयों के बीच अमेरिका की छवि को बेहतर बनाएगा। ट्रंप प्रशासन ने नवंबर 2018 को 26/11 की 10वीं बरसी पर हमले में शामिल लोगों को न्याय के दायरे में लाने का अपना संकल्प दोहराया था।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने नवम्बर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ वार्ता के दौरान भी इस मामले को उठाया था।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App