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मालेगांव ब्लास्ट: आरोप ऐसे हैं कि हफ्ते में एक बार कोर्ट में हाजिर होना ही होगा, प्रज्ञा सहित सभी आरोपियों को जज का फरमान

कुलकर्णी को छोड़कर बाकी सभी आरोपियों ने अपने वकीलों के जरिए पेशी से रियायत की याचिकाएं दायर की हैं। इनमें मेडिकल ट्रीटमेंट, तीर्थाटन, दूरी आदि को कोर्ट न आने की वजह बताई गई है।

Author May 18, 2019 8:46 AM
आरोपियों में भोपाल से लोकसभा चुनाव लड़ रहीं बीजेपी प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर भी शामिल हैं।

2008 में हुए मालेगांव ब्लास्ट केस की सुनवाई कर रहे स्पेशल कोर्ट ने शुक्रवार को निर्देश दिया कि मामले के सभी आरोपी हफ्ते में कम से एक बार अदालत में उपस्थिति दर्ज कराएं। अदालत के मुताबिक, अनुपस्थित रहने की स्थिति में ‘ठोस’ कारण दिया जाए। बता दें कि आरोपियों में भोपाल से लोकसभा चुनाव लड़ रहीं बीजेपी प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर भी शामिल हैं। स्पेशल जज वीएस पदलकर ने कहा, ‘ऐसा लगता है कि आरोपी एक ही आधार पर कोर्ट नहीं आ रहे। छूट के लिए दी गई याचिकाओं में एक जैसी दरख्वास्त है। केस में जिस तरह के आरोप हैं, उसके मद्देनजर यह सही नहीं होगा कि आरोपी छूट की याचिका दायर करके हमेशा अनुपस्थित रहें।’

जज ने कहा कि यह कोर्ट के पास विशेषाधिकार है कि वो दस्तावेज और याचिका में की गई दरख्वास्त के आधार पर तय करे कि पेशी से छूट देनी है कि नहीं। उन्होंने कहा, ‘सभी आरोपियों को निर्देश दिया जाता है कि वे अदालत के समक्ष हफ्ते में एक बार उपस्थित हों। अनुपस्थिति की हालत में उन्हें पेशी से छूट के लिए ठोस कारण देना चाहिए। अगर छूट पाने के लिए दिया गया कारण ठोस नहीं लगता तो कोर्ट के पास इन याचिकाओं को खारिज करने का अधिकार है।’ बता दें कि 2008 में हुए मालेगांव धमाके में 6 लोग मारे गए थे जबकि 101 लोग घायल हुए थे। इस केस में प्रज्ञा सिंह ठाकुर, लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित, समीर कुलकर्णी, अजय राहिरकर, सुधाकर धर दि्वेदी, सुधाकर चतुर्वेदी और मेजर (रिटायर्ड) रमेश उपाध्याय अपनी कथित भूमिका के लिए ट्रायल के सामना कर रहे हैं।

कुलकर्णी को छोड़कर बाकी सभी आरोपियों ने अपने वकीलों के जरिए पेशी से रियायत की याचिकाएं दायर की हैं। इनमें मेडिकल ट्रीटमेंट, तीर्थाटन, दूरी आदि को कोर्ट न आने की वजह बताई गई है। शुक्रवार को कोर्ट ने कहा कि आरोपियों की मौजूदगी बेहद जरूरी है। बचाव पक्ष के वकीलों ने कहा कि जब भी कोर्ट आदेश देगा, आरोपी मौजूद रहेंगे। बता दें कि ठाकुर समेत सभी आरोपी 30 अक्टूबर 2018 को कोर्ट में मौजूद थे, जब उनके खिलाफ आरोप तय किए गए थे।

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