ताज़ा खबर
 

2002 के दंगों में क्षतिग्रस्त धार्मिक स्थलों को फिर से ना बनाए गुजरात सरकार, सुप्रीम कोर्ट का आदेश

मेहता ने कहा, ‘‘सरकार की इस योजना को स्वीकार कर लिया गया है।’’ अदालत उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ गुजरात सरकार की ओर से दायर याचिका की सुनवाई कर रही थी।

Author Published on: August 29, 2017 12:46 PM
2002 में हुए गुजरात दंगों के दौरान आगजनी करते हुए उपद्रवी। (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को गुजरात उच्च न्यायालय के उस आदेश को खारिज कर दिया जिसमें गोधरा दंगों के बाद वर्ष 2002 के दौरान क्षतिग्रस्त हुए धार्मिक स्थलों के पुर्निनर्माण एवं मरम्मत के लिये राज्य सरकार को पैसों के भुगतान करने के लिये कहा गया था। प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति पी सी पंत की एक पीठ ने उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देने वाली गुजरात सरकार की अपील स्वीकार कर ली और उच्च न्यायालय के उस फैसले को निरस्त कर दिया जिसमें कहा गया था कि दंगों के दौरान क्षतिग्रस्त हुए धार्मिक ढांचों के फिर से निर्माण एवं मरम्मत के लिये गुजरात सरकार को पैसों का भुगतान करना चाहिए।

राज्य सरकार की तरफ से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि हमारी याचिका को मंजूर कर लिया गया है और इसके अतिरिक्त राज्य सरकार ने अदालत से यह भी कहा कि राज्य सरकार दंगों के दौरान क्षतिग्रस्त हुए विभिन्न धार्मिक ढांचों, दुकानों एवं घरों की मरम्मत तथा फिर से निर्माण कार्य के लिये अनुग्रह राशि का भुगतान करने की इच्छुक है।

मेहता ने कहा, ‘‘सरकार की इस योजना को स्वीकार कर लिया गया है।’’ अदालत उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ गुजरात सरकार की ओर से दायर याचिका की सुनवाई कर रही थी। उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में राज्य सरकार को वर्ष 2002 के गुजरात दंगों में क्षतिग्रस्त हुए करीब 500 से अधिक धार्मिक स्थलों को मुआवजे की राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया था।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 राम रहीम को जेल पहुंचाने वाली महिला सामने आई, बोली- ना उस दिन डरी थी, ना अब डर रही हूं
2 बलात्कारी राम रहीम को मिली 20 साल की सजा तो योगगुरु रामदेव ने दिया ये बयान
3 जानिए किस हाल में है कैदी नं. 1997: राम रहीम के साथ रह गए आंसू, जेल के कपड़े और छोटी सी कोठरी