भारत में दहेज प्रथा के खिलाफ सख्त कानून हैं, लेकिन इसके बावजूद आज भी दहेज को लेकर हत्याएं होती हैं और महिलाओं को प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है।
दिल्ली में दीपिका नागर मौत मामले में परिवार का आरोप है कि ससुराल पक्ष दहेज के लिए दबाव डाल रहा था। वहीं, भोपाल का त्विषा शर्मा केस भी सामने आया है जहां वैसे तो आरोप-प्रत्यारोप का दौर दोनों तरफ से जारी है, लेकिन पीड़िता के परिवार का दावा है कि ससुराल पक्ष ने दहेज की मांग की थी।
दोनों ही मामलों में पुलिस जांच जारी है, ऐसे में किसी भी प्रकार के निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। लेकिन एक बात सच है कि आज भी भारत में दहेज के लिए कई महिलाओं की हत्या की जा रही है। जनसत्ता अपनी विशेष सीरीज ‘आंकड़े बोलते हैं’ के जरिए एनसीआरबी के डेटा को आपके लिए डीकोड कर रहा है।
2023 की NCRB रिपोर्ट क्या बता रही?
2023 में प्रकाशित एनसीआरबी की रिपोर्ट के मुताबिक, एक साल के भीतर देश में 6000 से ज्यादा महिलाओं की दहेज के लिए हत्या कर दी गई।
नीचे दिए गए इन्फोग्राफिक से आसानी से समझा जा सकता है कि भारत में दहेज के लिए कितनी हत्याएं हुई हैं, किन राज्यों से सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं और दहेज को लेकर भारत में क्या कानून हैं।
| राज्य | मामले (304-B) |
|---|---|
| आंध्र प्रदेश | 95 |
| अरुणाचल प्रदेश | 1 |
| असम | 101 |
| बिहार | 1,143 |
| छत्तीसगढ़ | 46 |
| गोवा | 1 |
| गुजरात | 12 |
| हरियाणा | 207 |
| हिमाचल प्रदेश | 0 |
| झारखंड | 218 |
| कर्नाटक | 156 |
| केरल | 8 |
| मध्य प्रदेश | 468 |
| महाराष्ट्र | 170 |
| मणिपुर | 1 |
| मेघालय | 0 |
| मिजोरम | 0 |
| नागालैंड | 0 |
| ओडिशा | 231 |
| पंजाब | 44 |
| राजस्थान | 428 |
| सिक्किम | 0 |
| तमिलनाडु | 11 |
| तेलंगाना | 145 |
| त्रिपुरा | 21 |
| उत्तर प्रदेश | 2,122 |
| उत्तराखंड | 48 |
| पश्चिम बंगाल | 350 |
| कुल (भारत) | 6,027 |
पूर्वोत्तर के राज्यों से सीखना चाहिए
ऊपर दिए गए इंफोग्राफिक से पता चलता है कि दहेज से जुड़ी सबसे ज्यादा हत्याएं उत्तर प्रदेश में हो रही हैं, दूसरे पायदान पर बिहार है, तीसरे पर मध्य प्रदेश, चौथे पर राजस्थान और पांचवें स्थान पर पश्चिम बंगाल। एक ट्रेंड यह भी देखने को मिल रहा है कि भारत के पूर्वोत्तर में दहेज को लेकर हत्याएं नहीं हो रही हैं। एनसीआरबी के आंकड़े बताते हैं कि 2023 में सिर्फ मेघालय में एक मामला दर्ज किया गया था, वहीं सिक्किम, नागालैंड, मिजोरम में एक भी मामला सामने नहीं आया।
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