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जॉब के मोर्चे पर एक और बुरी खबर, इन पांच सेक्टर्स में गई 16 लाख नौकरियां, वजह जानकर होगी हैरानी

रिपोर्ट में बताया गया है कि 'अवैध कारोबार के चलते इन पांच सेक्टर्स में आजीविका संबंधी करीब 16.36 लाख नौकरियां जा चुकी हैं। इसका कारण इन उद्योगों का पिछड़ापन और गुणात्मक प्रभाव है।'

Author नई दिल्ली | Published on: September 27, 2019 3:20 PM
अवैध कारोबार के चलते टेक्सटाइल समेत इन सेक्टर्स में बड़ी संख्या में गई नौकरियां। (एक्सप्रेस फोटो)

देश में छायी आर्थिक मंदी के कारण बड़ी संख्या में लोगों की नौकरी चली गई है। अब एक स्टडी में खुलासा हुआ है कि अवैध धंधों के कारण देश के पांच अहम सेक्टर्स जिनमें टेक्सटाइल, रेडीमेड गारमेंट, सिगरेट, मशीनरी पार्ट्स और इलेक्ट्रोनिक कंज्यूमर्स के क्षेत्र में वित्तीय वर्ष 2017-18 के दौरान ही 16 लाख नौकरियां प्रभावित हुई हैं। इनमें से 5 लाख नौकरियां तो अवैध कारोबार के चलते सीधे तौर पर प्रभावित हुई हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, रेडीमेड गारमेंट, तंबाकू उत्पादन जैसे क्षेत्रों में मजदूरी संबंधी नौकरियां बड़ी संख्या में चली गई हैं। बता दें कि यह स्टडी Thought Arbitrage Research Institute (TARI) द्वारा की गई है। इस रिपोर्ट को Invisible Enemy: Impact of Smuggling on Indian Economy and Employment नाम दिया गया है। इस स्टडी को FICCI और CASCADE द्वारा कमीशन किया गया है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि ‘अवैध कारोबार के चलते इन पांच सेक्टर्स में आजीविका संबंधी करीब 16.36 लाख नौकरियां जा चुकी हैं। इसका कारण इन उद्योगों का पिछड़ापन और गुणात्मक प्रभाव है।’ अध्ययन के अनुसार, जो इंडस्ट्री सीधे उत्पादन की प्रक्रिया से जुड़ी हैं, उनमें रेडीमेड प्रोडक्ट्स के भारत में अवैध रुप से लाने के चलते ही 11 लाख नौकरियां जा चुकी हैं।

फिक्की के सलाहकार पीसी झा के मुताबिक मैन्यूफैक्चरिंग का काम जो भारत में होना था, वह अवैध कारोबार के चलते विदेश में शिफ्ट हो गया। इसका असर ये हुआ कि लोगों की नौकरियां चली गई। इसके साथ ही सरकार को राजस्व का भी नुकसान उठाना पड़ा, जो कि वैध कारोबार के द्वारा सरकार को मिलता था।

केन्द्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर का कहना है कि अवैध कारोबार के चलते उत्पाद की कीमत में उछाल आता है, साथ ही इससे टैक्स का भी नुकसान होता है। इसके अलावा नई नौकरियां नहीं पैदा होती और ग्राहकों को भी खराब उत्पाद मिलता है। अनुराग ठाकुर ने ये भी कहा कि भारतीयों को असली और नकली उत्पाद में पहचान करना सीखना चाहिए, ताकि नौकरियां और पैसे की बचत की जा सके।

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