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विदेशी चंदा पाने वाले NGO पर गिरी गाज, सरकार ने पांच सालों में बंद किए 14,800 स्वयं सेवी संस्थाएं

दरअसल, पिछले पांच सालों में सरकार ने 14,800 से अधिक गैर-सरकारी संगठनों का निस्तारण किया है। यह सभी सरकारें विदेशी चंदा नियमन अधिनियम (एफसीआरए) के तहत पंजीकृत थी।

सरकार ने पांच सालों में 14,800 स्वयं सेवी संस्थाएं का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया है।(सांकेतिक तस्वीर)

एनडीए सरकार में विदेश से धन पाने वाले स्वंय सेवी संस्थाएं के दिन अच्छे नहीं चल रहे हैं। केंद्र सरकार विदेश से धन पाने वाली स्वंय सेवी संस्थानों पर लगातार चाबुक चला रही है। आंकड़े बता रहे हैं कि ऐसी संस्थाओं पर सरकार की तरफ से गाज गिरी नजर आ रही है। दरअसल, पिछले पांच सालों में सरकार ने 14,800 से अधिक गैर-सरकारी संगठनों का निस्तारण किया है। यह सभी सरकारें विदेशी चंदा नियमन अधिनियम (एफसीआरए) के तहत पंजीकृत थी।

एक लिखित सवाल के जवाब में केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने बताया कि इन एनजीओ के रजिस्ट्रेशन इस लिए रद्द किए गए क्योंकि इनके द्वारा विदेशी चंदा नियमन अधिनियम (एफसीआरए) का उल्लंघन किया गया था।
उन्होंने आगे कहा कि विभिन्न स्वंय सेवी संस्थाओं द्वारा साल 2017-2018 में 16, 894.37 करोड़ विदेश से चंदा के तौर पर आया था। वहीं, साल 2016-17 में 15,343.15 करोड़ और साल 2015-16 में 17,803.21 करोड़ रुपए चंदे की राशि रही थी।

केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने मंगलवार संसद में एक सवाल के जवाब में यह भी बताया कि 41,331 पाकिस्तानी नागरिक और 4,193 अफगानिस्तानी नागरिक भारत में रह रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह सारे नागरिक दोनों देश के अल्पसंख्यक समुदायों से आते हैं। केंद्रीय राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बताया कि लंबे वक्त से भारत में रह रहे इन लोगों के बारे में सरकार को उपलब्ध डेटा 31 दिसंबर, 2018 तक का है

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