फरवरी 2027 में उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया है। वह लगातार प्रदेश के अलग-अलग इलाकों का दौरा कर रहे हैं। मई से अब तक योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के 75 में से 44 से ज्यादा जिलों का दौरा कर चुके हैं। इन दौरों के दौरान उन्होंने 115 विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े अलग-अलग विकास कार्यों का उद्घाटन किया या उनकी आधारशिला रखी। इन 115 सीटों में से करीब 58 फीसदी पर 2024 के लोकसभा चुनाव में विपक्षी समाजवादी पार्टी (SP)-कांग्रेस गठबंधन आगे रहा था।
2024 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में बीजेपी का प्रदर्शन काफी कमजोर रहा था। पार्टी की सीटों की संख्या 2019 में 62 से घटकर 33 रह गई। वहीं समाजवादी पार्टी ने 37 और कांग्रेस ने छह सीटों पर जीत दर्ज की थी।
योगी के दौरों के दौरान जिन परियोजनाओं का उद्घाटन या शिलान्यास किया, उनकी कुल लागत 38000 करोड़ रुपये से ज्यादा है। इनमें सड़क, स्कूल, अस्पताल, बिजली और पानी से जुड़ी परियोजनाओं के अलावा पंचायत भवन, पर्यटन और कौशसस विकास से जुड़े कार्यक्रम भी शामिल हैं। इन कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री ने सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को सहायता भी वितरित की। इसके अलावा, संबंधित जिले में योगी सरकार के पिछले साढ़े नौ साल के दौरान हुए विकास कार्यों पर आधारित छोटी फिल्में भी दिखाई गईं।
115 विधानसभा क्षेत्रों के चुनावी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में इनमें से 67 सीटों पर SP-कांग्रेस गठबंधन आगे था। इनमें समाजवादी पार्टी 54 और कांग्रेस 13 विधानसभा क्षेत्रों में बढ़त पर थी। वहीं बीजेपी 47 सीटों पर आगे रही जबकि उसकी सहयोगी राष्ट्रीय लोक दल (RLD) एक सीट पर आगे थी।
हालांकि 2022 के विधानसभा चुनाव की तस्वीर इससे बिल्कुल अलग थी। इन 115 सीटों में बीजेपी ने 71 सीटों पर जीत दर्ज की थी। उसकी सहयोगी अपना दल (सोनेलाल) ने तीन और निषाद पार्टी ने दो सीटें जीती थीं। समाजवादी पार्टी को 33 सीटें मिली थीं जबकि उसके तत्कालीन सहयोगी RLD और SBSP ने क्रमशः तीन और दो सीटें जीती थीं। कांग्रेस को सिर्फ एक सीट मिली थी।
2022 के विधानसभा चुनाव के तुरंत बाद SBSP बीजेपी के नेतृ्त्व वाले NDA में शामिल हो गई थी। वहीं 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले RLD भी NDA का हिस्सा बन गई। 2022 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने यूपी की कुल 403 विधानसभा सीटों में से 255 सीटों पर जीत हासिल की थी। जबकि समाजवादी पार्टी को 111 सीटें मिली थीं। कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद खराब रहा और उसे सिर्फ दो सीटों पर जीत मिली थी।
योगी ने कहां-कहां किया दौरा
24 अगस्त को आदित्यनाथ ने राय बरेली का दौरा किया जो नेता विपक्ष राहुल गांधी का संसदीय क्षेत्र है। इस दौरान उन्होंने कुल 879 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और शिलान्यास किया। ये परियोजनाएं रायबरेली जिले की तीन विधानसभा सीटों- बछरावां, हरचंदपुर और रायबरेी से जुड़ी हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव इन तीनों विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस आगे रही थी। हालांकि, 2022 के विधानसभा चुनाव में रायबरेली सीट बीजेपी ने जीती थी जबकि बछरावां और हरचंदपुर में समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार कब्जा जमाने में कामयाब रहे।
इससे पहले 26 जुलाई को सीएम योगी ने मैनपुरी में एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। यहां उन्होंने मैनपुरी और करहल विधानसभा क्षेत्रों के लिए 682 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की घोषणा की।
करहल को समाजवादी पार्टी का मजबूत गढ़ माना जाता है। 2022 के विधानसभा चुनाव में यहां से पार्टी अध्यक्ष और मौजूदा कन्नौज सांसद अखिलेश यादव ने जीत दर्ज की थी। वहीं 2024 के लोकसभा चुनाव में उनकी पत्नी डिंपल यादव ने मैनपुरी लोकसभा सीट से बड़ी जीत हासिल की थी और इस दौरान करहल और मैनपुरी दोनों विधानसभा क्षेत्रों में उन्हें बढ़त मिली थी।
इसी तरह बीजेपी के लिए झटका सबित हुए फैजाबद (अयोध्या) लोकसभा क्षेत्र में भी मुख्यमंत्री ने कई विकास परियोजनाएं शुरू कीं। बिकलापुर, रुदौली और दरियाबाद विधानसभा क्षेत्रों के लिए परियोजनाएं शुरू की गईं। 2024 के लोकसभा चुनाव में इन तीनों क्षेत्रों में समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद को अच्छी बढ़त मिली थी।
मुख्यमंत्री ने रुदौली और बिकलापुर के लिए 810 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इसके अलावा अयोध्या नगर निगम क्षेत्र में भी कई विकास कार्यों का उद्घाटन किया।
योगी आदित्यनाथ ने अपने गृह जिले गोरखपुर में भी बड़ी संख्या में विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया है। 23 जुलाई को उन्होंने गोरखपुर शहरी विधानसभा क्षेत्र के लिए 995 करोड़ रुपये की 14 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। 2022 के विधानसभा चुनाव में इसी सीट से योगी आदित्यनाथ विधायक चुने गए थे।
गोरखपुर के अलग-अलग दौरों के दौरान मुख्यमंत्री ने पिपराइच, चिल्लूपार और खजनी विधानसभा क्षेत्रों के लिए भी विकास परियोजनाएं शुरू कीं। 2022 में बीजेपी ने इन सभी सीटों पर जीत दर्ज की थी। हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी पिपराइच और खजनी में आगे रही, जबकि चिल्लूपार में कांग्रेस को बढ़त मिली।
2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के उम्मीदवार रवि किशन और कमलेश पासवान ने क्रमशः गोरखपुर और बांसगांव लोकसभा सीटों से जीत दर्ज की थी। दोनों ही सीटें गोरखपुर जिले में आती हैं।
कुल मिलाकर देखें तो मई से अब तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर जिले में 4387 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की शुरुआत की है। इनमें पिपराइच, गोरखपुर शहरी, खजनी, चिल्लूपार और गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रों के साथ-साथ नगर निगम क्षेत्र और गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GIDA) से जुड़े इलाके भी शामिल हैं।
सपा-कांग्रेस पर योगी के तीखे हमले
पिछले चार महीनों में इन जिलों में सीएम योगी ने विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया और शिलान्यास करने के साथ कई जनसभाओं को भी संबोधित किया। इन सभाओं में उन्होंने अलग-अलग मुद्दों को लेकर समाजवादी पार्टी (SP) और कांग्रेस पर निशाना साधा।
29 जून को पीलीभीत की बरखेड़ा और बीसलपुर विधानसभा सीटों के लिए 569 करोड़ रुपये से ज्यादा की परियोजनाओं का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ”लोगों ने समाजवादी पार्टी की साइकिल को पंचर कर दिया है क्योंकि अगर यह साइकिल चलती है तो दंगे होंगे, कर्फ्यू लगेगा और बेटियों व व्यापारियों की सुरक्षा से समझौता होगा।”
उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा, ”अगर कांग्रेस का नेतृत्व मजबूती से खड़ा रहता और जिन्ना को अपनी स्वाभाविक मौत मरने देता तो देश का विभाजन नहीं होता और लाखों हिंदू परिवारों को अपने घर और जमीन छोड़ने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ता। विभाजन के बाद भी कांग्रेस सिर्फ मुस्लिम तुष्टिकरण में लगी रही और हिंदू समाज को उसके पापों का खामियाजा भुगतना पड़ा।”
10 जुलाई को अयोध्या की बीकापुर विधानसभा सीट में एक जनसभा को संबोधित करते हुए आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के दौरान उन्होंने हमारे पवित्र हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का काम किया था। कल्पना कीजिए, क्या कोई जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा का पाठ करवा सकता है? क्या समाजवादी पार्टी या कांग्रेस ऐसा करवा पाएगी?
2022 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने बरखेड़ा और बीसलपुर दोनों सीटों पर जीत दर्ज की थी और 2024 के लोकसभा चुनाव में भी इन दोनों क्षेत्रों में पार्टी आगे रही थी। बीजेपी ने 2022 में बीकापुर सीट भी जीती थी। लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में यहां समाजवादी पार्टी को बढ़त मिल गई।
बीजेपी के एक राज्य स्तरीय नेता ने कहा, ”ये सभी सरकारी कार्यक्रम हैं जिनमें मुख्यमंत्री नई परियोजनाओं की आधारशिला रख रहे हैं और पूरी हो चुकी परियोजनाओं का उद्घाटन कर लोगों को विभिन्न सुविधाएं दे रहे हैं। यह आगामी विधानसभा चुनाव से पहले एक तरह का अघोषित चुनावी अभियान है। इन कार्यक्रमों में बीजेपी की भूमिका जनसभाओं के लिए भीड़ जुटाने तक सीमित है।”
एक सरकारी अधिकारी ने कहा, ”मुख्यमंत्री अब तक उत्तर प्रदेश के सभी क्षेत्रों का दौरा कर चुके हैं। जल्द ही वह बाकी जिलों में भी इसी तरह के कार्यक्रम करेंगे।”
विधानसभा सीटों का गणित
ये 115 विधानसभा क्षेत्र 43 लोकसभा सीटों के अंतर्गत आते हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में इनमें से समाजवादी पार्टी (SP) ने 21 और कांग्रेस ने तीन सीटों पर जीत दर्ज की थी। वहीं बीजेपी ने 17 और उसकी सहयोगी राष्ट्रीय लोक दल (RLD) ने दो सीटें जीती थीं।
कांग्रेस की तीन लोकसभा सीटों में रायबरेली, सहारनपुर और बाराबंकी शामिल हैं।
समाजवादी पार्टी की 21 सीटों में अखिलेश यादव के परिवार के मजबूत गढ़ मैनपुरी, इटावा, आजमगढ़ और फिरोजाबाद के अलावा रामपुर, गाजीपुर, फतेहपुर, अंबेडकर नगर, श्रावस्ती, कैराना और जालौन जैसी सीटें भी शामिल हैं।
बीजेपी ने जिन लोकसभा सीटों पर जीत दर्ज की उनमें आगरा, गोरखपुर, अमरोहा, बुलंदशहर, गाजियाबाद, कुशीनगर, पीलीभीत, हाथरस, गौतम बुद्ध नगर, देवरिया, अलीगढ़, झांसी और महाराजगंज समेत कई सीटें शामिल हैं।
RLD की दोनों लोकसभा सीटें बागपत और बिजनौर हैं।
44 जिलों में विकास परियोजनाओं की शुरुआत करने के अलावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल के महीनों में लखनऊ और प्रयागराज जिलों में भी कई नई योजनाएं और कार्यक्रम शुरू किए हैं।
