ताज़ा खबर
 

योगेंद्र यादव के खिलाफ ‘बातचीत’ का सबूत

आप में चल रही अंदरूनी जंग के बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता योगेंद्र यादव के खिलाफ मामला बनाने के लिए पार्टी ने एक महिला पत्रकार से हुई बातचीत को रिकार्ड किया और अब इसे सार्वजनिक कर दिया गया है। इस पत्रकार ने पार्टी को लेकर एक अंग्रेजी अखबार में आलोचनात्मक आलेख लिखा था। आम आदमी […]

Author Published on: March 3, 2015 9:28 AM
योगेंद्र यादव के खिलाफ मामला बनाने के लिए पार्टी ने एक महिला पत्रकार से हुई बातचीत को रिकार्ड किया और अब इसे सार्वजनिक कर दिया गया है।

आप में चल रही अंदरूनी जंग के बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता योगेंद्र यादव के खिलाफ मामला बनाने के लिए पार्टी ने एक महिला पत्रकार से हुई बातचीत को रिकार्ड किया और अब इसे सार्वजनिक कर दिया गया है। इस पत्रकार ने पार्टी को लेकर एक अंग्रेजी अखबार में आलोचनात्मक आलेख लिखा था। आम आदमी पार्टी ने यह रिकार्डिंग पत्रकार की जानकारी के बगैर की।

यह बातचीत 29 अगस्त 2014 को हुई थी। अरविंद केजरीवाल के नए निजी सहायक बिभव कुमार ने तब पत्रकार चंद्रसुता डोगरा को फोन किया था। कुमार ने उनसे उस दिन ‘द हिंदू’ में छपे में उनके खबरिया आलेख ‘फेडिंग प्रॉमिस आॅफ द इंडियन स्प्रिंग’ को लेकर बातचीत की थी। डोगरा उस समय हिंदू से संबद्ध थी और इस समय इंडियन एक्सप्रेस में एसोसिएट एडीटर हैं।
इस खबर में पंजाब और हरियाणा में पार्टी की रणनीति की आलोचना की गई थी। लेख के अनुसार, हरियाणा में आप की शाखा मजबूती से चुनाव के लिए तैयार थी। लेकिन राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने उनकी नहीं चलने दी। इस रिकार्डिंग के अनुसार, जो आप के एक वर्ग ने सोमवार को सार्वजनिक कर दी, बिभव कुमार ने डोगरा को फोन किया और कहा कि इस आलेख में तथ्यात्मक गलतियां हैं। इस पर डोगरा ने कहा कि यह आम आदमी पार्टी के एक शीर्ष नेता के बयानों पर आधारित है।

आॅनलाइन हुई इस रिकार्डिंग के अनुसार, पत्रकार से कुमार ने फिर पूछा कि -यह किसने बताया। इस पर डोगरा का जवाब था: ‘ योगेंद्र यादव ने नाश्ते पर बातचीत के लिए तीन-चार पत्रकारों को बुलाया था।’ इस बाबत कुमार का पक्ष जानने के लिए कई बार फोन किए गए। उन्हें मैसेज किए गए, पर उनकी कोई टिप्पणी नहीं मिल सकी।

जब आप के प्रवक्ता दीपक वाजपेयी से पूछा गया कि किसके कहने पर और क्यों यह रिकार्डिंग की गई थी, उन्होंने बताया कि इस मामले से राष्ट्रीय कार्यकारिणी को अवगतकरा दिया गया है। चार मार्च को होने वाली बैठक में इस मसले पर भी चर्चा होगी।

गौरतलब है कि 26 फरवरी को आप की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में इस रिकार्डिंग का मसला रखा गया था। इसके बाद आप के दिल्ली सचिव दिलीप पांडे के एक पत्र में इसका जिक्र किया गया। अनुशासन समिति को लिखे पत्र में पांडे ने इसे ‘पार्टी विरोधी गतिविधियों’ के प्रमाण के तौर पर पेश किया। अपने पत्र में पांडे ने लिखा कि अगस्त (2014) के आखिरी हफ्ते में ‘हिंदू’ में एक नकारात्मक आलेख छपा है। यह पार्टी और अरविंद केजरीवाल की छवि को धूमिल करने का प्रयास है। यह आलेख तथ्यात्मक रूप से न सिर्फ गलत है, बल्कि निहित स्वार्थवश इसे पेश किया गया है। जब इसे लिखने वाली पत्रकार से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि तथ्य योगेंद्र यादव ने बताए थे। यह सारी बातचीत रिकार्ड की हुई है और सबूत के तौर पर उपलब्ध है।

योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण से कई बार फोन और मैसेज के जरिए संपर्क करने की कोशिश की गई, पर इस मामले में उनकी टिप्पणी नहीं प्राप्त हो सकी।

 

 

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories