ताज़ा खबर
 

चीन के साथ भारत शांति चाहता है लेकिन सम्मान की कीमत पर नहीं: राजनाथ सिंह

ग्रेटर नोयडा: गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने आज कहा कि भारत चीन के साथ शांति चाहता है लेकिन सम्मान की कीमत पर नहीं। सिंह ने चीन के साथ हाल की सीमा विवाद संबंधी घटनाओं के संदर्भ में कहा, ‘‘हम लोग शांति चाहते हैं सम्मान के साथ। असम्मान के साथ शांति नहीं हो सकती।’’संबंधित खबरेंबार-बार फटकार […]

Author Published on: October 24, 2014 4:55 PM

ग्रेटर नोयडा: गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने आज कहा कि भारत चीन के साथ शांति चाहता है लेकिन सम्मान की कीमत पर नहीं।

सिंह ने चीन के साथ हाल की सीमा विवाद संबंधी घटनाओं के संदर्भ में कहा, ‘‘हम लोग शांति चाहते हैं सम्मान के साथ। असम्मान के साथ शांति नहीं हो सकती।’’

भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल के 53 वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा, एक-दूसरे का सम्मान मानव की परम उपलब्धि है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन््रद मोदी ने स्पष्ट कर दिया है कि भारत अपने सभी पड़ोसी देशों के साथ शंतिपूर्ण रिश्ते और सीमा मुद्दोें का शांतिपूर्ण हल चाहता है।

गृह मंत्री ने कहा, ‘‘हमारे प्रधानमंत्री ने चीन के राष्ट्रपति से आग्रहपूर्वक कहा कि यदि कोई विवाद है तो हमें वार्ता करनी चाहिए।’’

उन्होंने कहा कि सीमा के बारे में चीन अक्सर सवाल उठाता है और यहां तक कि अपने ही भू-क्षेत्र में सीमा के पास भारत द्वारा ढांचागत सुधार के प्रयासों पर भी आपत्ति जताता है।

पाकिस्तान के संदर्भ में सिंह ने कहा कि इस पड़ोसी देश को सीमा चौकियों और नागरिक क्षेत्रों पर फायरिंग बंद करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने दीपावली से एक दिन पहले भी जम्मू और कश्मीर के सीमा से लगे नागरिक इलाकों पर गोलीबारी की।

ऐसी घटनाओं पर उन्होंने कहा, पाकिस्तान द्वारा संघर्षविराम के उल्लंघन और चीन की ओर से सीमा विवाद पैदा किए जाने पर ‘‘हम आहत और क्रोधित’’ महसूस करते हैं।

राजनाथ सिंह ने कहा, ‘‘पाकिस्तान ने दीपावली की पूर्व संध्या पर भी नागरिकों पर फायरिंग की और त्यौहार तक का सम्मान नहीं किया। पाकिस्तान को इससे बचना चाहिए। मैं पाकिस्तान से कहना चाहता हूं कि वह संघर्षविराम का लगातार उल्लंघन बंद करे।

उन्होंने चेतावनी दी कि पाकिस्तान को यह मालूम होना चाहिए कि सीमा की निगरानी कर रहे हमारे सशस्त्र बल किसी भी दु:साहस का उपयुक्त जवाब देने में सक्षम हैं।

कश्मीर मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण करने के प्रयास में इस मामले को संयुक्त राष्ट्र में उठाने के पाकिस्तान के हाल के कदम को अस्वीकार करते हुए सिंह ने कहा कि इस मामले से जुड़े सभी विषय द्विपक्षीय वार्ता से ही सुलझाए जा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार भारत की क्षेत्रीय अखंडता सुनिश्चित करेगी और देश के सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं करेगी।

बाद में संवाददाताओें से बातचीत में गृह मंत्री ने कहा कि भारत कभी संघर्षविराम का उल्लंघन नहीं करता है और शांति में विश्वास रखता है।

उन्होंने कहा कि अगर देश की जनता जाति, धर्म और संप्रदाय से उच्च्पर उठ कर आगे बढ़े तो कोई हमारी तरफ आंख उठाने की हिम्मत नहीं कर सकता है।

देश की पर्वत सीमाओं की रक्षा के लिए आईटीबीपी की भूमिका की सराहना करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि सरकार इस बल के कर्मियों के कल्याण के लिए सभी सहायता मुहैया कराएगी।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
जस्‍ट नाउ
X